वैसे मैं ज्यादा नहीं बोलता,, लेकिन इस विषय पर लिखना जरूरी है,, पूरे थ्रेड को जरूर पढ़िए
विषय है " कॉकरोच जनता पार्टी " @CJP_2029
किसी की हिम्मत नहीं ज्यूडिशरी सिस्टम पर कुछ बोल सके, सब ने ढोलक बना रखा है, सरकार को, कोई भी आता है बजा कर चला जाता है..!!
उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, आपको जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना है
@myogiadityanath
यह महिला खतरनाक कुत्तों के साथ सोसाइटी में बच्चों के लिए बड़ा खतरा है। मानसिक रूप से unstable है। इसके माता पिता ने भी लिख कर दिया हुआ है कि इसको मानसिक चिकित्सालय में भर्ती किया जाय। लखनऊ शालीमार गैलेंट महानगर का मामला है।
@lkopolice@LkoCp@Uppolice@Igrangelucknow
न्यूज़ और कोचिंग वालों में जानते हैं क्या क्या समानता है?
सभी न्यूज़ चैनल नंबर 1 होते हैं,
ऐसे ही सभी कोचिंग सेंटर भी नंबर 1 होते हैं।
न्यूज़ वाले अपने चैनल की TRP बढ़ाने के लिए उल जुलूल खबरें चलाते हैं। एलियन की खबर, नोट में चिप की खबर, भूत प्रेत और फर्जी ज्योतिषी बैठाते हैं।
वहीं कोचिंग वाले अपनी TRP बढ़ाने के लिए टॉप किए छात्रों, जो उनके यहाँ नहीं पढ़े हों, उन्हें पैसे और फ़ोन आदि का लालच देकर विज्ञापन छपाते हैं। दूर दूर से टॉपर्स को बुलवाकर उन्हें अपना छात्र बताकर नए छात्रों को बरगलाकर प्रवेश दिलवाते हैं।
न्यूज़ वाले भी अरबपति होते हैं,
और आजकल कोचिंग वाले भी अरबपति होते हैं।
न्यूज़ वाले भी आजकल पॉडकास्ट करके उसमें न्यूज़ के अलावा सब बकैती करते हैं। कोचिंग वाले भी आजकल पॉडकास्ट करते हैं और उसमें पढ़ाई लिखाई के अलावा दुनिया भर की बकवास करते हैं।
न्यूज़ वालों को भी येन केन प्रकारेण क्रांति करनी है, सरकारें बदलनी हैं। कोचिंग और यूट्यूबर्स को भी यही करना होता है।
न्यूज़ वाले भी राजनेता बन रहे हैं,
कोचिंग वाले भी राजनेता बन रहे हैं।
न्यूज़ वाले भी अपने आपको समाज सुधारक बताते हैं, कोचिंग वाले भी समाज को बदलने का ठेका उठाए घूम रहे हैं।
कुल मिलाकर, न्यूज़ वाले और कोचिंग वाले लगभग एक बराबर खड़े हैं। दोनों ही जनता का उल्लू बनाकर मोटा माल कूट रहे हैं।
यह बात देश के हर नागरिक और सरकार तक पहुंचनी चाहिए। नेताओं के अपने स्कूल-कॉलेज हैं, इसलिए वो इस लूपहोल को नहीं बदल रहे। टैग कीजिए एजुकेशन मिनिस्ट्री और @narendramodi जी को ताकि इस एजुकेशन माफिया पर लगाम लगे! #ReformEducation#IndianEconomy
कोचिंग इंडस्ट्री को पूरी तरह बैन करना और स्कूलों-कॉलेजों को सही मायनों में रीफॉर्म करना यही वो अकेला कदम है जो भारत की इकॉनमी को फ्यूचर में $10 Trillion तक ले जा सकता है। यह एक बड़ा रिवॉल्यूशन होगा।
कोचिंग इंडस्ट्री को पूरी तरह बैन करना और स्कूलों-कॉलेजों को सही मायनों में रीफॉर्म करना यही वो अकेला कदम है जो भारत की इकॉनमी को फ्यूचर में $10 Trillion तक ले जा सकता है। यह एक बड़ा रिवॉल्यूशन होगा।
आज Infosys जैसी आईटी कंपनियां भारत में इसलिए हैं क्योंकि हमारे पास कभी आईटी प्रोफेशनल्स थे। अगर आज हम एआई और फ्यूचर टेक्नोलॉजी के इंस्टीट्यूट्स नहीं बनाएंगे, तो कल नई टेक कंपनियां भारत में क्यों खुलेंगी?
आज Infosys जैसी आईटी कंपनियां भारत में इसलिए हैं क्योंकि हमारे पास कभी आईटी प्रोफेशनल्स थे। अगर आज हम एआई और फ्यूचर टेक्नोलॉजी के इंस्टीट्यूट्स नहीं बनाएंगे, तो कल नई टेक कंपनियां भारत में क्यों खुलेंगी?
जब हमारे देश का एजुकेशन सिस्टम मजबूत होगा, तो विदेशों से आने वाला रेमिटेंस (वापस भारत आने वाले डॉलर्स) स्काईरॉकेट हो जाएगा। पूरी दुनिया अपनी वर्कफोर्स के लिए भारत पर डिपेंडेंट हो जाएगी।
जब हमारे देश का एजुकेशन सिस्टम मजबूत होगा, तो विदेशों से आने वाला रेमिटेंस (वापस भारत आने वाले डॉलर्स) स्काईरॉकेट हो जाएगा। पूरी दुनिया अपनी वर्कफोर्स के लिए भारत पर डिपेंडेंट हो जाएगी।
जिस दिन भारत में कोचिंग कल्चर खत्म होकर असली स्किल-बेस्ड यूनिवर्सिटीज का जाल बिछेगा, दुनिया के टॉप 10 और टॉप 20 इंस्टीट्यूट्स हमारे होंगे। दुनिया भर की वर्कफोर्स में इंडियंस राज करेंगे।
जिस दिन भारत में कोचिंग कल्चर खत्म होकर असली स्किल-बेस्ड यूनिवर्सिटीज का जाल बिछेगा, दुनिया के टॉप 10 और टॉप 20 इंस्टीट्यूट्स हमारे होंगे। दुनिया भर की वर्कफोर्स में इंडियंस राज करेंगे।
सरकारी सिस्टम को एक नया कोर्स या स्किल लाने में सालों लग जाते हैं। वहीं अगर प्राइवेट वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटीज होंगी, तो वो एआई और बदलती टेक्नोलॉजी के हिसाब से 1 साल के अंदर फॉरेन टीचर्स और नए कोर्सेज भारत में ले आएंगी।
सरकारी सिस्टम को एक नया कोर्स या स्किल लाने में सालों लग जाते हैं। वहीं अगर प्राइवेट वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटीज होंगी, तो वो एआई और बदलती टेक्नोलॉजी के हिसाब से 1 साल के अंदर फॉरेन टीचर्स और नए कोर्सेज भारत में ले आएंगी।
आज के दौर में सिर्फ कोडिंग काफी नहीं है। दुनिया को एआई चिप्स पर ट्रांजिस्टर लगाने वाले इंजीनियर्स और एडवांस मेडिकल टेक्निशियंस चाहिए। लेकिन हमारे पास IIT, NIT और चंद सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अलावा है ही क्या?
आज के दौर में सिर्फ कोडिंग काफी नहीं है। दुनिया को एआई चिप्स पर ट्रांजिस्टर लगाने वाले इंजीनियर्स और एडवांस मेडिकल टेक्निशियंस चाहिए। लेकिन हमारे पास IIT, NIT और चंद सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अलावा है ही क्या?
लोग कहते हैं कि कोचिंग इंडस्ट्री बंद हुई तो लाखों लोगों का रोजगार चला जाएगा। सच तो ये है कि अगर यही पैसा और टैलेंट सही कॉलेजों में लगा, तो रोजगार 10 गुना बेहतर और सुरक्षित हो जाएगा। हमारी पूरी वर्कफोर्स का लेवल बदल जाएगा।
लोग कहते हैं कि कोचिंग इंडस्ट्री बंद हुई तो लाखों लोगों का रोजगार चला जाएगा। सच तो ये है कि अगर यही पैसा और टैलेंट सही कॉलेजों में लगा, तो रोजगार 10 गुना बेहतर और सुरक्षित हो जाएगा। हमारी पूरी वर्कफोर्स का लेवल बदल जाएगा।
अगर हम स्कूलों और कॉलेजों से 'नॉन-प्रॉफिट' वाला क्लॉज हटा दें, तो बड़े और टैलेंटेड टीचर्स वेंचर कैपिटल या लोन लेकर वर्ल्ड-क्लास एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस खड़े कर सकते हैं। फिर हमें इन कोचिंग सेंटर्स की बैसाखी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अगर हम स्कूलों और कॉलेजों से 'नॉन-प्रॉफिट' वाला क्लॉज हटा दें, तो बड़े और टैलेंटेड टीचर्स वेंचर कैपिटल या लोन लेकर वर्ल्ड-क्लास एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस खड़े कर सकते हैं। फिर हमें इन कोचिंग सेंटर्स की बैसाखी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
आज भारत का कोई भी कॉलेज दुनिया के टॉप 100 में बमुश्किल जगह बना पाता है। क्यों? क्योंकि अच्छे टीचर्स जैसे खान सर या विकास दिव्यकीर्ति सर स्कूल/कॉलेज नहीं खोल सकते; उन्हें कोचिंग इंडस्ट्री के जरिए बिजनेस मॉडल चलाना पड़ता है। इस सिस्टम को बदलना होगा!
आज भारत का कोई भी कॉलेज दुनिया के टॉप 100 में बमुश्किल जगह बना पाता है। क्यों? क्योंकि अच्छे टीचर्स जैसे खान सर या विकास दिव्यकीर्ति सर स्कूल/कॉलेज नहीं खोल सकते; उन्हें कोचिंग इंडस्ट्री के जरिए बिजनेस मॉडल चलाना पड़ता है। इस सिस्टम को बदलना होगा!
भारत के राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत कोई भी प्राइवेट स्कूल या कॉलेज 'प्रॉफिट' जनरेट नहीं कर सकता, उसे नॉन-प्रॉफिट होना पड़ता है। लेकिन नतीजा क्या हुआ? नेताओं और बिजनेसमैन ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया बना लिया, और ग्राउंड पर क्वालिटी ज़ीरो हो गई।
भारत के राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत कोई भी प्राइवेट स्कूल या कॉलेज 'प्रॉफिट' जनरेट नहीं कर सकता, उसे नॉन-प्रॉफिट होना पड़ता है। लेकिन नतीजा क्या हुआ? नेताओं और बिजनेसमैन ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया बना लिया, और ग्राउंड पर क्वालिटी ज़ीरो हो गई।
कोई भी इंसान एक पेपर लीक कराने के लिए करोड़ों रुपए तभी खर्च करता है, जब सामने फिक्स डिमांड हो। और यह फिक्स डिमांड सिर्फ और सिर्फ ये बड़े-बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट्स ही पैदा करते हैं। ये सीधे-सीधे स्टूडेंट्स के भविष्य का सौदा है।
कोई भी इंसान एक पेपर लीक कराने के लिए करोड़ों रुपए तभी खर्च करता है, जब सामने फिक्स डिमांड हो। और यह फिक्स डिमांड सिर्फ और सिर्फ ये बड़े-बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट्स ही पैदा करते हैं। ये सीधे-सीधे स्टूडेंट्स के भविष्य का सौदा है।
NEET 2026 हो या यूपी कांस्टेबल परीक्षा हर पेपर लीक के पीछे 99% हाथ इन कोचिंग इंस्टीट्यूट्स का होता है। सीबीआई ने जिसे अरेस्ट किया, वह खुद महाराष्ट्र की एक बड़ी कोचिंग (रेनुका करियर सेंटर) चलाता था। जब तक कोचिंग बैन नहीं होंगी, पेपर लीक नहीं रुकेंगे! #NEET2026#PaperLeak
NEET 2026 हो या यूपी कांस्टेबल परीक्षा हर पेपर लीक के पीछे 99% हाथ इन कोचिंग इंस्टीट्यूट्स का होता है। सीबीआई ने जिसे अरेस्ट किया, वह खुद महाराष्ट्र की एक बड़ी कोचिंग (रेनुका करियर सेंटर) चलाता था। जब तक कोचिंग बैन नहीं होंगी, पेपर लीक नहीं रुकेंगे! #NEET2026#PaperLeak
हाल ही में खान सर की कोचिंग के बाहर जो गोलीबारी की घटना सामने आई है, उसने इस गंदे धंधे के पीछे की राइवलरी को बेनकाब कर दिया है। जब एजुकेशन सिर्फ एक बिजनेस बन जाता है, तो वहां माफिया राज अपने आप आ जाता है। #KhanSir#CoachingIndustry
देश में जितने भी पेपर लीक होते हैं इन सब का कारण यह कोचिंग माफिया हैं, जो अरबों कमाने के लिए लाखों रुपए खर्च करते हैं,, ताकि उनकी कोचिंग पर छात्रों की भरमार हो सके..!!
हाल ही में खान सर की कोचिंग के बाहर जो गोलीबारी की घटना सामने आई है, उसने इस गंदे धंधे के पीछे की राइवलरी को बेनकाब कर दिया है। जब एजुकेशन सिर्फ एक बिजनेस बन जाता है, तो वहां माफिया राज अपने आप आ जाता है। #KhanSir#CoachingIndustry
क्या आप जानते हैं कि चीन ने रातों-रात अपनी 10 लाख करोड़ की कोचिंग इंडस्ट्री को क्यों बंद कर दिया था? क्योंकि वो बेवकूफ नहीं हैं। भारत में भी अगर एजुकेशन सिस्टम सुधारना है, तो सबसे पहले इस कोचिंग एम्पायर को खत्म करना होगा। #EducationReform#CoachingMafia
क्या आप जानते हैं कि चीन ने रातों-रात अपनी 10 लाख करोड़ की कोचिंग इंडस्ट्री को क्यों बंद कर दिया था? क्योंकि वो बेवकूफ नहीं हैं। भारत में भी अगर एजुकेशन सिस्टम सुधारना है, तो सबसे पहले इस कोचिंग एम्पायर को खत्म करना होगा। #EducationReform#CoachingMafia
I am very hungry, to be honest, either I will reach a great height or I will end up and start something new, I will not be satisfied in one place, whatever price I get should be increased next time, I am ready to work harder for it but not to stop at all.
To be honest, I'm not a servant, I'm a businessman