"मैं ब्राम्हण हूँ, मेरा दोस्त SC समुदाय से है। हम जयपुर में जब भी रूम लेने जाते है तब मुझे खुद की जाति बतानी पड़ती है और दोस्त को भाई बोलकर परिचय देना पड़ता है क्योंकि अगर दोस्त की जाति बताऊंगा तो कोई रूम नही देगा। तो आरक्षण हटाने की बात मैं कैसे कर��?"
-समझदार ब्राम्हण युवक
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर हर व्यक्ति को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी, किसी के पास कोई कार्ड है या नहीं—इस आधार पर इलाज नहीं रोका जाएगा।
1. “जनता का सवाल—सरकार दे जवाब!”
2. “रोज़गार चाहिए, सिर्फ़ वादे नहीं!”
3. “महंगाई पर रोक लगाओ, जनता को राहत दिलाओ!”
4. “युवा पूछे एक सवाल—कब मिलेगा रोजगार?”
5. “किसान की मेहनत का, पूरा दाम चाहिए!”
6. “शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार—जनता का है अधिकार!”
अखिलेश यादव: सपा युवाओं और दलित मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। आज अखिलेश ने सपा के छात्र संगठन के लिए नीले रंग की नई यूनिफॉर्म पेश की, जिसे संविधान और सामाजिक न्याय से जोड़ा गया।
भाजपाइयों के भोजनार्थ
भ्रष्टाचारियों के श��्मनार्थ
अभिभावकों के संदर्भार्थ
मुख्यमंत्री जी यदि सक्रिय, सचेत और सजग होते तो उनके संज्ञानार्थ भी भेज देते लेकिन हमेशा के लिए जानेवालों से, चला-चली की इस अंतिम बेला में क्या तो शिकायत करें और क्या ही अपेक्षा। जो दस साल में नहीं जागे वो आख़िरी के चंद महीनों ��ें क्या ही कर लेंगे। ये वीडियो देखकर वो कोई सुधार तो करेंगे नहीं बल्कि या तो किसी की नौकरी ले लेंगे या फिर एफ़आइआर करवा देंगे।
घोर निंदनीय… कम-से-कम बच्चों का निवाला तो न छीनें।
याेगी आदित्यनाथ के शांतिप्रिय कांवड़ियों ने आज पुलिस वालों को दौड़ा दौड़ा पर अधमरा कर दिया।
दुर्घटना की सूचना मिलने पर 3 पुलिस वाले सादा वर्दी में पुलिस कार से पहुंचे थे लेकिन कांवड़ियों ने पीट दिया।😎 https://t.co/K0kUyrl572
“जल्दी आ जाओ साहब, यहां पर जल्दी आ जाओ”…
बेचारा @Uppolice का सिपाही अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा है…
पुलिस का इकबाल कांवड़ियों द्वारा तार तार होते देखिए इस वीडियो में
भगवान को नचाने का अहंकार रखनेवालों को भगवान ने ही नचा दिया। अपने को भगवान से ऊपर समझनेवालों को भगवान ने चलती गाड़ी से नीचे उतार दिया है और साथ ही उनके घमंड का बुख़ार भी।
ये युवाओं की एकता और उनके अभिभावकों के आक्रोश का संयुक्त परिणाम है क्योंकि:
- ‘वोट चोरी��
- ‘पेपर चोरी’
- ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’
- ’नौकरी चोरी’
- ’आरक्षण चोरी’
- ‘कमीशनख़ोरी’
- ’पीडीए पर अत्याचार’
- ’घोर भ्रष्टाचार’
- ‘महंगाई की मार’
- ’मिलावट के सरकारीकरण’
- ‘माताओं-बेटियों तक का अपमान’
- ’देश के जेन ज़ी पर हर तरह से प्रहार’
भाजपा ने इन सभी तरीक़ों से जनता के विश्वास और आस्था तक को ठगा है।
अब तो भाजपावाले भी अपने ही ‘किसी’ का इस्तीफ़ा माँगेंगे क्योंकि जो अपनी ही विधा��सभा हार गये उनके भरोसे नाव कैसे पार होगी। दरअसल ये हार उनक�� है जिन्होंने उनको चुना था या कहें संगठन पर अपनी मर्ज़ी की तरह थोपा था। अब तो कोई ये भी नहीं कह सकता है कि ‘भाजपा में इस्तीफ़े नहीं होते हैं।’
सबसे ज़्यादा खुश तो उप्र में ‘वो’ हैं, जिनको ‘पीडीए’ समाज का होने की वजह से राष्ट्रीय स्तर का पद न देकर जानबूझकर राज्य स्तर का पद दिया गया था। आज तो वो भी मुस्कुराकर पूछ रहे हैं : ‘5 बड़ा या 7’। वैसे जनता ये भी कह रही है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा नही�� जिता पाये तो राज्य-अध्यक्ष तो विधानसभा लड़वा भी नहीं पाएंगे।
ये डबल इंजन की डबल हार है।
भाजपा की हार मतलब बदलाव की शुरुआत! भाजपा की सबसे सुरक्षित और परंपरागत सीटें भी अब उनकी हार नहीं बचा पाएंगी। अब भाजपा का संकट हार से बढ़कर इस बात का होगा कि उनका टिकट लेनेवाला ‘ड्रोन और दूरबीन’ से भी ढूंढे नहीं मिलेगा।
सभी ��िजयी उम्मीदवारों को जीत की बधाई और नई उम्मीदों पर खरे उतरने के लिए सजग-सचेत और संविधान के प्रति वचनबद्ध रहने की अपेक्षा।
(कोष्ठक में विशेष : लड्डू तो भाजपा के अंदर भी बँट रहे हैं…)
अगर तुमको चंपत राय और गोविंद गिरि से ज़्यादा गुस्सा कुनाल कामरा और पप्पू यादव पर आता है। तो आप सनातनी हिंदू नहीं, बल्कि एक दो कौड़ी के दोगले व्यक्ति है, और कुछ नहीं।
ये पीडीए के ख़िलाफ़ वर्चस्ववादियों की दुर्भावना का घोर निंदनीय प्रदर्शन है। अभी प्रभुत्ववादी भाजपाई और उनके संगी-साथी अयोध्या में लोकसभा चुनाव हारे थे अब विधानसभा चुनाव में अयोध्या मंडल की हर सीट हारेंगे ��र उप्र की हर एक आरक्षित सीट भी।
भाजपा 2027 के चुनाव में अपना खाता खोलने के लिए तरस जाएगी।
पीडित छात्रा:- एक पुलिस वाले ने मेरे पिछले हिस्से मे लाठी घुसेडी...💔
ठीक ऐसी ही घटना प्रोटेस्टर के दौरान जंतर-मंतर पर और भी छात्राओ के साथ भी हुई
हमें ₹@डी बोला गया है, हमे मारते वक्त ये बोल रहे थे कि और मारो इन बहन की लौ@डी को 💔
एक लडकी को ये तक बोला गया कि घर चली जा वर्ना थाने ले जा कर नं&गा करके मारूंगा
औरतो की छाती पर पैर रखे गए है और ये सब पुरूष पुलिस के द्वारा किया गया था और जो इनमे से तमाम बिना वर्दी के भी थे !!
इस पीडिता की आवाज प्रधानमंत्री के कानो तक जरूर पहुचनी चाहिए, उनको अपने ऊपर पडी गालियां तो सुनाई दे गई...
पर प्रधानमंत्री की पुलिस ने इन छात्राओ के साथ जो सुलूक किया उसके बारे मे प्रधानमंत्री के क्या विच���र है ?
उप्र सरकार को बधाई हो उप्र में ‘गांजागंज’ की शूटिंग ��ुरू हो गई…
सवाल फिर भी यही है कि आता कहाँ से है, इस बात से ज़्यादा बड़ी बात ये है कि ‘जाता’ कहाँ हैं?
अपराधियों के हौसले तो देखिए देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र में ये सब हो रहा है।