SAMDISH SHOWS HOW POLICE BRUTALITY CRUSHED DISSENT 🚨
Students came to Jantar Mantar asking questions on education, paper leaks and accountability. What followed was pure police brutality.
A woman was beaten by male officers. Students were pushed, chased and hit. Samdish himself took lathis while recording what was happening.
Even after being hit, he kept saying: this is not about media privilege. No citizen should be beaten like this in their own city.
This was the state crushing dissent in full public view.
Jantar Mantar became the place where students asked for dialogue and power answered with lathis.
If the Gadkari family was associated with Congress when Congress was in power, the whole nation would have erupted with foul play, and justly so.
The whole nation is now corrupted with the word nationalism. We are brainwashed to believe malpractices are good business tactics.
@GooglePixel_US@Google Hi Team.
I just bought a new google pixel 9 pro and not even open wrapper or box of phone but it shows that phone is activated and warranty of phone is also activated. Can you please clarify on this?
@KESCoHQ light kab tak ayegi n block Kidwai nagar ki ab toh tum logon ne chutia banate banate subah ke 3:30 Baja diye ...tumhare electrician bhi tumhari tarah nikkame aur nithalle hain...
कानपुर में बीजेपी के एक और पार्षद की गुंडई आई सामने, वार्ड 62 से बीजेपी के पार्षद की गुंडई , फ्री सिगरेट न देने पर दुनकादार से की अभद्रता, बुजुर्ग दुकानदार को मारे थप्पड़, व��डियो में अभद्रता करते दिख रहे बीजेपी पार्षद.
#Kanpur
कानपुर में BJP पार्षदों की गुंडागर्दी के आगे पुलिस कितनी बेबस है...।
चालान काटने पर चौकी में घुसकर दरोगा की ऐसी की तैसी कर दी और मुफ्त की सिगरेट नहीं देने पर दुकानदार की पिटाई...।
पार्षद का नाम भवानी शंकर राय, वार्ड - 62 चकेरी, ये पार्षद साहब उसी खेमे के हैं...।
कानपुर पुलिस का झूठ सामने आ गया। रायपुरवा SO अमान सिंह को सस्पेंड नहीं किया गया, सिर्फ अक्रोशित सिखों को संतुष्ट करने का दिखावा था। अफसरों ने सस्पेंशन की बात बयान में कही थी, ��ेकिन कोई आदेश जारी नहीं किया था...।
@CMOfficeUP और @dgpup का आदेश भी कानपुर पुलिस नहीं मानती है...।
वही हुआ जिसकी उम्मीद थी. वो पार्षद और उसका पति और 4 लोग, इधर दवा व्यापारी और उसकी पत्नी. फिर भी रोड रेज के दौरान छेड़छाड़ हो गई.
कल गाजे बाजे के साथ कथित समर्पण और आज पीड़ित के खिलाफ ही एफआईआर .
दरअसल असल मायनों में समर्पण तो पुलिस ने किया है.
कानपुर में मेडिकल स्टोर कारोबारी अमोलदीप सिंह भाटिया की एक आंख की रोशनी जा चुकी है। दूसरी आंख का इलाज जारी है। शुक्रवार को आरोपित BJP नेता अंकित शुक्ला समेत 5 लोग जेल भेज दिए गए। लेकिन सियासी चिंटू' पुलिस ने खेल कर दिया। #Kanpur#Crime#Sikhs
पार्षद सौम्या शुक्ला की तहरीर पर लगभग वैसी ही FIR 29 सितंबर को रायपुरवा थाने में दर्ज कर ली गई, जैसी अमोल ने दर्ज कराई थी। सेक्शन 279, 354,427, 323, 504 IPC, 23/24 सितंबर की वारदात के 24 घंटे बाद तक FIR न लिखने वाली कानपुर पुलिस ये बताए कि किसका दबाव था? #Kanpur#Sikhs
क्या उस रात अमोलदीप सिंह भाटिया का मेडिकल हुआ था? मेडिकल में अल्कोहल की पुष्टि हुई थी? क्या एक पति पत्नी मिलकर 5 मर्दों के साथ बैठी महिला को छेड़ सकते हैं? मौके पर लगे CCTV कैमरे के फुटेज क्या कहते हैं? #Kanpur#Sikhs
कानपुर पुलिस के सारे बड़े अधिकारियों ने बयान दिया था कि अमोल को चोटें आई हैं, लेकिन यहां तो अमोल छेड़छाड़ के आरोपित हैं। क्या सारे अ���िकारी झूठ बोल रहे थे? और वो एक गाड़ी में 2 लोग और दूसरे में 6 लोग वाला बयान झूठा था? #Kanpur #Sikhs
पिछले एक साल में कानपुर पुलिस 'सियासी चिंटू' बन गई है। बड़े अधिकारियों के बंगले और दफ्तर अब अपराधियों के सरेंडर करने के पसंदीदा स्थान बन गए हैं। पब्लिक जाए भाड़ में, बस 'आका' खुश रहें। कितने आम अपराधियों को आप ठाठ-बाट के साथ समर्पण की सुविधा देते हैं? #Kanpur#Sikhs
कानपुर पुलिस ने क्रॉस FIR कर आम लोगों के मन में अपने प्रति अविश्वास को बढ़ा लिया है। अब कोई भी सड़क पर जमकर मारा जाए तो पहले FIR नहीं ह���गी। FIR हुई तो दूसरी पार्टी सियासी दबाव लेकर आएगी और क्रॉस FIR होगी। मतलब पुलिस न्याय नहीं दिलाएगी, केस बराबर कराएगी। #Kanpur