Telegram के फाउंडर पावेल ड्यूरोव ने भारत सरकार द्वारा Telegram पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध की आलोचना की है।
पावेल ड्यूरोव का क��ना है कि कुछ लोगों द्वारा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक साझा किए जाने की वजह से Telegram पर रोक लगाना भारत के 15 करोड़ से अधिक सामान्य यूजर्स को दंडित करने जैसा है, न कि उन लोगों को जिन्होंने कथित तौर पर पेपर लीक किया है।
आप लोग बताओ कि ..
1.FSSAI
2.CBSE
3.UPSC
4.NTA
इन चारों में सबसे घटिया और निकम्मी संस्���ा कौन सी है ??
सही जवाब देने वालों को होनोलूलू का टिकट नहीं दिया जाएगा।
टीचरों को दो कौड़ी के बताने वाली अंजना ओम कश्यप की स्टूडियो के बाहर घिग्घी बंध गयी, स्टूडियो से दहाड़े मारने वाली पत्रकार यहां शांत है।
लोग सवाल पूछ रहे हैं आपका इतना विरोध हो रहा है कुछ बोलना है, लेकिन यहां इन्हें कुछ नहीं बोलना है चार दिवारी के अंदर स्टूडियो में बैठ कर बोलेंगी।
हम TRP के लिए काम नहीं करते, हम खबरों को समझाते हैं।
टीवी चैनल अपनी विश्वसनीयता खो रहे हैं क्योंकि वे जनता को 'शिक्षित' करना भूल चुके हैं। मैच्योर ऑडियंस भी टीवी डिबेट्स छोड़कर डिजिटल एजुकेटर्स के 'एक्सप्लेनर' वीडियो देखना पसंद कर रही है। और टीचर मेहनत कर रहे हैं समाज को शिक्षित करने में मीडिया की तरह नही है जिसे हर दिन बॉयकॉट किया जा ��हा है
पेपर लीक करने वाले लगभग सभी लोग नेताओं के अगल बगल वाले ही होते हैं,
इसमें शिक्षा मंत्री सिर्फ एक प्यादा है, सारा योगदान मंत्रियों, सांसदों का होता है, यही लोग पेपर लीक करके मोटा पैसा कमाते हैं।
इसीलिए मीडिया के चरण चुम्बकों को बुरा लग रहा है।
अंजना जी के अनुसार बच्चे अपना स्क्रीन टाइम देते हैं, लाइक करते हैं, जिससे कि टीचर्स को कमाई होती है, और बदले में 10% भी शिक्षा नहीं मिलती है।
लेकिन जब हम न्यूज देखने में समय बर्बाद करते हैं, तो उसके बदले में भी हमे दलाली देखने को मिलती है, उसका क्या?
अंजना जी YouTube टीचर्स पर भड़की हुई हैं।
उनके हिसाब से ये लोग बोर्ड लेकर explainer वीडियो बनाते हैं...और views भी ले जाते हैं।
भारत में इस विषय पर कोई और बोले, तो एक बार को समझ भी आता है… लेकिन टीवी मीडिया वाले, जो हर शाम स्टूडियो में मुर्गा लड़ाई करवाकर जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं, और उसके बाद आधा समय सीमा-सचिन करते रहते हैं -वो ऐसी बात बोलें तो बात थोड़ी हजम नहीं होती।
देश की सबसे निकृष्ट और गैर-जवाबदेह संस्थाओं में अगर किसी का नाम लिया जाएगा, तो उसमें टीवी न्यूज मीडिया जरूर होगा।
टीचर news explainer वीडियो बना रहा है और उसमें views भी मिल जा रहे हैं -देश में mainstream पत्रकारिता के बुरे हाल का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है।
ऐसा लग रहा है कि ये आदमी परमानेंट पैरोल पर रहता है, जेल तो बस बीच-बीच में चला जाता है।
बेरोजगार युवा तो कॉकरोच हैं, सिस्टम के पैरासाइट हैं…तो फिर गुरमीत राम रहीम जैसे लोग सिस्टम के क्या हैं? यार, इसकी सजा माफ करके हमेशा के लिए बाहर निकाल दो -सबका समय बचेगा; अदालत, पुलिस, मीडिया, सबका
जब हमने FSSAI डायरेक्टर स्वीटी बेहरा को एक्पोज किया और हमारे खिलाफ FIR हुई तो हमें देश भर से सपोर्ट मिला ,
आज एक बड़े ट्विटर हैंडल को किसी ट्वीट की वजह से अरेस्ट किया गया है,
ये लोग हमें कभी भी अरेस्ट करवा सकते हैं, लेकिन मैं उनकी जानकारी के लिए बता दूं , हमारे सारे ट्वीट्स शेड्यूल ��हते हैं, आप हमें तो रोक सकते हैं लेकिन हमारे जाने के बाद भी कई चीजें एक्पोज होंगी,
हम कोर्ट से पूरी FSSAI के काले कारनामे एक्पोज करेंगे ,हमें अपनी रिसर्च और रिपोर्ट पर पूरा भरोसा है, FSSAI से संबंधित और भी कई एक्पोज हम आगे आने वाले टाइम में करेंगें, कोई भी नहीं बचेगा।
नाम नहीं लूंगा, आप लोग गूगल कर लेना।
ज्यादा पुरानी बात नहीं है-एक युवा राज्यसभा सांसद आम लोगों के मुद्दे उठाने के लिए जाने जाते थे। एयरपोर्ट पर समोसे की कीमत तक को लेकर फिक्रमंद रहते थे।
Gen Z जनता उनसे इंस्टाग्राम पर खूब जुड़ी हुई है।
लेकिन अभी NEET पेपर लीक, जो Gen Z का इतना बड़ा मुद्दा है, उस पर न जाने क्यों चुप हैं। पता नहीं क्या वजह है। उन्हें पता तो होगा ही कि पेपर लीक हो गया है���
माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रदेश के स्कूलों में राजस्थानी भाषा को अनिवार्य करने का निर्णय ऐतिहासिक है एवं स्वागत योग्य है।
मुझे गर्व है कि हमारी कांग्रेस सरकार ने 25 अगस्त 2003 को विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, हाड़ौती, मेवाती, बृज, वागड़ी, मालवी और शेखावाटी जैसी समृद्ध बोलियों सहित 'राजस्थानी भाषा' को संवैधानिक दर्जा दिलाने की जो मुहिम शुरू की थी, आज उसे बड़ी मजबूती मिली है।
मातृभाषा में शिक्षा मिलने से प्रदेश के बच्चों का अपनी जड़ों से जुड़ाव और गहरा होगा। अब केंद्र सरकार को भी बिना देरी किए राजस्थानी को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कर अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।
बंगाल में भाजपा को शून्य से शिखर तक पहुँचाने की यात्रा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले कार्यकर्ताओं की पावन स्मृति में बना यह मेमोरियल, शपथ ग्रहण स्थल पर उपस्थित हर कार्यकर्ता के हृदय में भावनाओं का ज्वार उत्पन्न कर रहा है।
उन पुण्यात्माओं का त्याग, संघर्ष और बलिदान आज सार्थक होने जा रहा है।
राष्ट्र और संगठन के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले उन सभी हुतात��माओं को कोटि-कोटि नमन।
��াংলায় বিজেপিকে শূন্য থেকে শিখরে পৌঁছে দেওয়ার যাত্রায় নিজেদের প্রাণের আহুতি দেওয়া সেই সব কার্যকর্তাদের পবিত্র স্মৃতিতে নির্মিত এই মেমোরিয়াল, শপথ গ্রহণ স্থলে উপস্থিত প্রতিটি কর্মীর হৃদয়ে আবেগের জোয়ার সৃষ্টি করছে। তাঁদের ত্যাগ, সংগ্রাম ও বলিদান আজ সার্থক হতে চলেছে।
যাঁরা দেশ ও সংগঠনের জন্য নিজেদের সর্বস্ব উৎসর্গ করেছেন, সেই সমস্ত শহীদদের কোটি কোটি প্রণাম।
Kalesh over A cab driver firmly stood his ground when a young passenger started abusing him over Google Maps and traffic delays.
I haven’t eaten your debt!” the driver said calmly. “This is my car you can’t speak to me like that.”
पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह रिकॉर्ड जीत हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं के दशकों के अथक प्रयास और संघर्षों का परिणाम है। मैं उन सभी को नमन करता हूं। उन्होंने जमीनी स्तर पर निरंतर कड़ी मेहनत की है और अनेक चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने हमारे विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। वे हमारी पार्टी की असली ताकत हैं।
@BJP4Bengal
कभी कभी कुछ खबरों में कोई व्यंग्य लिखने का मन नहीं करता बस पीड़ा होती है।
ओढ़िशा में यह युवक अपनी बहन की लाश खोद के ले जा रहा है जिससे वो बैंक कर्मचारियों को उसके मृत होने का प्रमाण दे सके।💔