पालतुओं की बिलबिलाहट बड़ा सुकून देती है 😀😀
लगता है चोट सही जगह लगी है।
फिलहाल आप सभी चूड़ा गुड़ का आनंद लें।
झारखंड के छात्रों की आवाज़ उठनी रुकनी नहीं चाहिए
इनको इनके एजेंडे पर सफल मत होने दीजिएगा 🙏🏻
#tapwithamanchopra
>सर का नाम -राहुल गांधी है
>सर आजकल तथाकथित छात्रों के साथ सम्मेलन में व्यस्त है
>सर 2-4 इनफ्लूसर प्रोटेस्टर के कंधे में बंदूक रखकर चला रहा है
>सर प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं
>सर देहरादून जा रहे हैं
>सर प्रयागराज जा रहे हैं
>सर मुंबई जा रहे हैं
>लेकिन सर झारखंड के बच्चों के नाम पर बीमार हो जा रहे हैं
>सर इसी को दोगलापन कहते है
मार्च करने की अनुमति थी लेकिन अनुमति के बाद भी कालवाड़ रोड पर युवाओं और बहन बेटियों को रोका गया …लाठीचार्ज किया गया
तुम्हारे उगाए गए पौधे बीजेपी की इतनी हिम्मत बढ़ गई है
जयपुर वासियों और करनी सेना के महिपाल सिंह समेत हर व्यक्ति को आभार जिन्होंने यूजीसी को भुलाया नहीं और सतत इसके लिए पदयात्रा आदि के माध्यम से लोगों को जोड़ते रहे।
अभिजीत दीपके को टाइफाइड हो रखा है, इसी वजह से वो झारखंड नहीं जा पा रहे हैं,
लेकिन जैसे ही उनको पार्टी का इन्विटेशन आयेगा वो 5 स्टार होटल में मस्त पार्टी करेंगे।
दोगलापन
झारखंड के ‘जंतर मंतर’ पर छात्र पेपर लीक को लेकर हेमंत सरकार के ख़िलाफ़ ग़ज़ब भड़के हुए हैं। बारिश में फटी तिरपाल-टेंट, गिले बिस्तर और चूड़ा गुड़ खाकर गुज़ारा कर रहे छात्र इस लड़ाई में आसानी से हार मानने वाले नहीं हैं।
ये झारखंड के छात्र हैं.. ये भी अपनी आवाज़ उठा रहे हैं.. ये भी मार्च निकाल रहे हैं...
लेकिन ना किसी को गाली दे रहे हैं.. ना अश्लील हरकते कर रहे हैं... ना किसी की लिंचिंग पर आमादा हैं...
ये होता है संविधान का पालन करना..
एक तरफ संविधान लहराने वाले और दूसरी तरफ छात्र आंदोलन के नाम पर आंदोलन करनेवाले देख लें..
हांलाकि पालतू मीडिया इन छात्रों की आवाज़ नहीं उठाएगा.. लेकिन जिन्हें सो कॉल्ड गोदी मीडिया बोला गया उन्होंने जंतर मंतर भी दिखाया और झारखंड भी दिखा रहे हैं...
बाकी आप खुद समझदार हैं..
#PaaltuMedia
अब जब @PrashantKishor जीत की तरफ बढ़ रहे हैं. उनके एक बयान का ज़िक्र ज़रूरी है. प्रचार के दौरान उन्होंने कहा था
"ये सिर्फ़ एक सीट का चुनाव नहीं है,सम्राट चौधरी के खिलाफ भी जनमत टेस्ट है। क्योंकि नीतीश कुमार के नाम पर वोट लेकर BJP ने अपना आदमी सेट किया है। यहां अगर BJP हारी तो इसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई देगी।'"
मैं अपना यह मेडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित करता हूं।
उन्हीं की बदौलत आज अपने देश भारत के लिए मेडल लाने में सफल हो पाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में खेल को बढ़ावा देने के लिए बहुत प्रयास किया है, आज हमें सारी आधुनिक सुविधाएं और ट्रेनिंग मिल रही है।
: ऋषिकांत सिंह, रजत पदक विजेता
पेपर लीक का मुद्दा तभी जोर शोर से उठाया जाएगा, जब वह बीजेपी शासित राज्यों में होगा,
अगर पेपर लीक विपक्षी राज्यों में होगा तब वह लोकतंत्र की मजबूती माना जाएगा।
चाणक्य ने बुखार ज्यादा होने पर लिख दिया था।
रवीश कुमार की कुंठा की अग्नि से पैदा हुई ये उन्मादी भीड़ अजीत अंजुम को लिंच ही करने वाली थी। शुक्र है वो बच गए।
मुझे उम्मीद है अब शायद इन लोगों को समझ आयेगा कि “गोदी मीडिया” बोलकर जो आग लगायी है उसकी तपिश महसूस होती है तो कैसा लगता है।
ऊपर से कल को राष्ट्रवादियों की एक बड़ी जमात जो रवीश एंड गैंग को सीधा एंटी नेशनल मानती है वो ऐसा करने पर आ गई फिर? तब भी यही तर्क दे पाएंगे वामपंथी लीचड़ कि भीड़ नहीं बल्कि पत्रकार को सोचना चाहिए कि भीड़ में ये नाराज़गी क्यों है?
उस आग को हवा मत दीजिए जो जलाते वक़्त नहीं देखती कि किसे जला रही है।
विरोध हो लेकिन हिंसा नहीं। किसी के साथ नहीं। तेरा मेरा का हिसाब नहीं होना चाहिए।
मीडिया के ख़िलाफ़ फैलाई नफ़रत में ख़ुद ही फँसते हुए देख कर दुख हुआ।
वो तो शुक्र है मास्क वाले ‘सिपाहियों’ का कि कुछ अनहोनी नहीं हुई।
वो कौन सा दोहा है?
करता था सो क्यों किया, अब करि क्यों पछताय।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥
कहाँ गया वो नफ़रती कीड़ा जिसकी देन है ये नफ़रत? उसने अजीत जी का कुशल मंगल जाना के नहीं?
अब अजीत अंजुम जी के साथ भीड़ ने वही किया जो अन्य पत्रकारों से कर रहे थे
जो यूट्यूबर पत्रकार छात्रों को, जनता को मीडिया के खिलाफ भड़काते हैं उन्हें ये दृश्य देखना चाहिए
ऐसा कृत्य ना करें। समय दो तरफ़ा होगी