उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्कूल टूर पर गए विद्यार्थी की लापरवाहियों के चलते जान चली गई |
लड़का परिवार का अकेला बच्चा था जिसकी मौत पर परिवार सीधा तौर पर स्कूल प्रशाशन पर लापरवाही की बात कह रहा है |
हादसे में मारे गए रुद्र के घर वालों का साफ कहना है कि अगर टूर पर साथ जाने वाला स्टाफ लापरवाही नहीं करता तो बच्ची की जान नहीं जाती |
आखिर टूर पर गई बस के बच्चों को ऐसा कैसे अकेला छोड़ दिया गया कि वह फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में खाई में गिर जाए |
@myogiadityanath महाराज परिवार बहुत दुखी और स्कूल प्रशासन से बहुत आहत है कृपया कुछ करवायें |
सहारनपुर के जाट और हिंदू गुर्जर इस सकल को ध्यान रखना जो एक विवाद के चलते जाटों को अपराधी और मजहबियों को अपना बता रहा है |
नाहिद हसन कह रहा था कि जातोंरके घरों का घेर बना देंगे और यह कह रहा है कि एक एक को जेल में भिजवाएगा |
चलो मान लिया नाहिद हसन तो पूव का हिंदू रहा लेकिन यह तो हाथ में कलावा बांध कर ओछी राजनीति के लिए जाटों का विरोध और मजहबियों का पक्ष ले रहा है |
यह किस पार्टी का नेता है यह तो पता नहीं लेकिन इतना पता है कि मजहबी जमात के लिए जाटों का विरोध कर रहा है इसको अगले चुनावों में समझा देना कि जाट भी क्या समाज है |
कुछ कॉकरोच आईपीएस द्वारा किए गए शस्त्र पूजन पर छाती पीट रहे हैं |
लेकिन वही कॉकरोच उमर खालिद द्वारा लगाए गए भारत विरोधी नारों का समर्थन कर रहे हैं |
कॉकरोचों सुनो यह शस्त्र पूजन तो ऐसे ही चलेगा जिसको समस्या हो पाकिस्तान चला जाए | 🥱
एक अकेले राष्ट्रवादी बुजुर्ग ने सामने खड़े सैकड़ों कॉकरोचों के प्रोपेगेंड को ध्वस्त कर दिया |
जिस दिन दस प्रतिशत राष्ट्रवादी सड़कों पर उतर आए उस दिन जॉर्ज सोरोस भी समझ जाएगा कि भारत में डाल नहीं गलेगी |
मजहब के नाम पर पूरा पाकिस्तान और बांग्लादेश तुम लोगों ने ले आजादी के बाद ही ले लिया था |
अब बचा हुआ भारत भगवा राष्ट्रवाद और सनातनी हिंदू समाज का है | चारमीनार तलाशनी है तो पाकिस्तान में तलाश कन्वर्टेड |
शुरुआत में हम सोच रहे थे कि आखिर भाजपा इतनी कमजोर कैसे हो गई जो कॉकरोचॉक के उपद्रव को शांत नहीं करवा पा रही |
लेकिन भाजपा इतना आगे की सोच रही थी जो शायद हमको अब समझ आ रहा है कि उपद्रव जबरन क्यों नहीं बंद करवाया गया |
अगर उपद्रव जबरन बंद करवा दिया गया होता तो कॉकरोचों की असलियत और इन पर विदेशी आशीर्वाद की जानकारी राष्ट्रवादी वर्ग को कभी नहीं हो पाती |
राष्ट्रवादी वर्ग का बहुत बड़ा तबका यही सोचता कि कॉकरोचों ने छात्रों के मुद्दे उठाए थे लेकिन सरकार ने जबरन इनका आंदोलन कुचल दिया |
लेकिन अब राष्ट्रवादी वर्ग बहुत अच्छे से समझ गया कि कॉकरोचों ने आम छात्रों के लिए नहीं बल्कि जेएनयू के अधेड़ छात्र शरजील इमाम और उमर खालिद के लिए उपद्रव किया था |
अब जो राष्ट्रवादी वर्ग कॉकरोचों का उपद्रव शांति से देख रहा था अब वही वर्ग इन कॉकरोचों का इलाज बांधने के लिए सड़कों पर उतर कर मोर्चा खोल रहा है |
कल राजा भैया द्वारा करवाए गए शस्त्र पूजन पर कुछ वामपंथी कॉकरोच छाती पीट पीट कर कह रहे थे देखो हथियारों का झखीरा है |
नासमजह कॉक्रोच इतना भी नहीं जानते कि लाइसेंस के आधार पर खरीदे गए हथियार हैं ना कि अतीफ् अहमद की तरह बॉर्डर पार से मंगवाए गए |
और जो कॉकरोच भीड़ के आधार पर देश का रिज़िम चेंज करने की बात करते हैं ध्यान रखना हम बिना हत्यारों के भी विरोध में जिस दिन उतर आए रिजिम चेंज करने का नशा अपने आप उतर जाएगा |
कोई सोच रहा हो कि रिजिम चेंज कर इस देश की चमक धमक को नष्ट कर देंगे |
तो ध्यान रखना जिस दिन राष्ट्रवादी सड़कों पर उतर आया उस दिन कॉकरोचों का अस्तित्व मिटा देगा | 🔥🔥
वामपंथी नेहा बोरा संविधान या लोकतंत्र नहीं बल्कि घुसपैठियों और अवैध मस्जिदों की लड़ाई लड़ रही है |
राष्ट्रवादी हिंदुओं इसके जहरीले विचारों को इलाज सरकार पर नहीं है इलाज राष्ट्रवादियों को खुद ही बांधना पड़ेगा |
पूरी की पूरी कॉकरोचों की अधेड़ जमात दिहाड़ी पर लाई गई आवारा किस्म के लोगों की भीड़ है |
लेकिन राष्ट्रवादी पत्रकार एक छोटा सा सवाल पूछ कर इनके नैरेटिव को एक झटके में ध्वस्त कर दे रहे हैं | 🔥