श्रृंगारों में से एक अहम श्रृंगार है इतराना। जब ज़ालिम के नीचे आ मचलती, उछलती कूदती, नोचती, कंपकंपाती आंहह आहहह करते झरने की तरह झड़ती है फिर सटा-सट चुदवाते हुए फूहड़ भूल जाती है ईंठलाना।💦🐎🥵
eएक दमदार बलिष्ठ घोड़ें से चुद���ने की निशानी यही है कि चुदने के हफ्तों बाद भी ��ूली हुई बुर और फैली हुई कमर में मीठा-मीठा दर्द याद दिलाती रहे कि किस तरह से पनपती हुई कली से फैली हुई गुलाब व सुजाए हुए फुद्दी दर्द से भर कर गया है।😩❤️
मज़ा है तो है, बस फैली हुई चु•त वाली में। कचा -कच पेलते हुए गाढ़ी मलाई की मुसलाधर उगलती धार ......चु•त फच्च-फच मूlतते फुहारे उगलवा चोटिला चु.त करते ललियाते पनियाते खुजाते मुनिया खुरेड़ खुरेड़ तुम्हारी......अपनी गां.ड उछाल उछाल ऐसा गरम लौड़ा मारू चु•त फूल के पकोड़े बन जाए💋
! बंजर जमीन पर कभी फसल नहीं आती है। जो ज़ालिम से ना चु.दे वो तड़प कर रह जात��� है। जमीन पर सिंचाई और खुदाई दोनों जरूरी है ताकि सूखे हुए फूल खिली रहे। मतलब मोटे हल की जुताई और खुदाई के बाद भी सेवई खड़ा रहे और बु.र पनियाते रहे।💦💋
@mamta52764688@sangat2022 ऐसी बाते वही करती जो कभी किसी बड़े मोटे हल से खुदाई और नहीं की हो..जब यहां मूसलधारी घोड़े अपने हथियार के ���िए तुम्हारी मुनिया की बॉर्डर पर त��नात हो तो तुम संस्कारियो को निधल होके चुदवाने में असीम तृप्ति मिलेगी..👅🥵
आज की रात संस्कारी चूत और लिंडू की चुदाई की रात है..ये अपनी कुंवारी च���कनी गधेदार चरबिदार रसदार मोटे मोटे फांकेवाली बूर से निकली झाग से लिंडू को नहलाएगी..जब इसकी बूर का गुरुर ठंडा नहीं होगा... फिर ये शेरनी अपने मूसलधारी से आके बूर चूदा उसकी चरबी हमसे ही निकलवाएगी .....💚🧡 #hsluts