तेरे प्यार का आसरा चाहता हूँ
वफ़ा कर रहा हूँ वफ़ा चाहता हूँ
हसीनो से अहद-ए-वफ़ा चाहते हो
बड़े नासमझ हो ये क्या चाहते हो
१) तेरे नर्म बालों में तारे सजा के
तेरे शोख कदमों में कलियां बिछा के
मोहब्बत का छोटा सा मन्दिर बना के
तुझे रात दिन..
#साहिरलुधियानवी#लता#महेन्द्रकपूर (1959)
हज़रत मुहम्मद(सल्ल0)का इरशाद ए मुबारक
रब ताआला फरमाता है
मेरा बंदा मेरे बारे में जो गुमान रखता है, में उसको पूरा करने के लिए उसके पास होता हूं और जब वो मुझे पुकारता है तो में उसके साथ होता हूं।
(सहीं मुस्लिम : 6829)
सुप्रभात
आदाब
GOOD MORNING