@gujratsamachar સાહેબની વાત સાચી છે કારણ કે, વિપક્ષના મોટા ભાગના ભ્રષ્ટાચારીઓને તો પક્ષમાં લઈ લેવામાં આવ્યા છે, હવે થોડા ઘણા હશે એનો પણ આવતા દિવસોમાં સમાવીને ભ્રષ્ટાચાર મુક્ત કરવામાં આવશે..!!!
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दिल्ली पुलिस भी प्रधानमंत्री हो गई है। प्रेस कांफ्रेंस नहीं कर रही है। चार दिन हो गए।पैलेट गन पर रिपोर्ट आती जा रही है। सादे लिबास वालों का पता नहीं। अनगिनत सवाल हैं।
जो नजारा आप देख रहे हैं, वह दिल्ली के जंतर मंतर का नहीं, बल्कि राजस्थान के कोटा की सड़कों का है, जहाँ बड़ी संख्या में युवा प्रदर्शन में शामिल होते दिखाई दे रहे हैं। ये आंदोलन अब सिर्फ़ छात्रों का आंदोलन नहीं रहा, बल्कि एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
ये देश का युवा अचानक सड़कों पर नहीं आया है। इसे जगाने में हमें वर्षों की मेहनत लगी है। आज वही जागरूक युवा तानाशाही, अन्याय और दमन के खिलाफ मजबूती से खड़ा है। यह सिर्फ एक आंदोलन नहीं, बल्कि बदलाव की आहट है।
आंध्र प्रदेश के पाडेरू में आज हज़ारों आदिवासी अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।
NDA सरकार ने सत्ता में आने से पहले आदिवासी क्षेत्रों में आरक्षण बहाल करने का वादा किया था, लेकिन आज तक आदिवासी युवाओं को उनके संवैधानिक अधिकार नहीं मिले। दूसरी ओर, आदिवासी जमीनों पर अवैध और बेनामी कब्जे जारी हैं।
जहाँ-जहाँ NDA की सरकार है, वहाँ-वहाँ आदिवासी अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन इतना बड़ा हो गया है कि सिर्फ़ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा छोटा लगने लगा है। बीजेपी के ही कुछ लोगों को लगने लगा है कि इतना देकर जल्दी नहीं निपटाया गया तो माँग प्रधान से आगे जा सकती है!
कोलकाता में NEET पेपल लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र।
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राजस्थान में अगर आज विधानसभा चुनाव हो जाएं, तो तस्वीर साफ बता रही भजनलाल शर्मा की सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी। जनता अब बदलाव चाहती है, और आने वाला समय इसका जवाब देगा।
दिल्ली पुलिस ने कहा “पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया।”
सफ़दरजंग अस्पताल की रिपोर्ट में लिखा है “छात्र पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गय।”
ओ “पत्तलकारों” अब डॉक्टर भी देशद्रोही हैं?
युवा मोदी के खिलाफ है।
किसान मोदी के खिलाफ है।
दलित मोदी के खिलाफ है।
आदिवासी मोदी के खिलाफ है।
ओबीसी मोदी के खिलाफ है।
अल्पसंख्यक मोदी के खिलाफ है।
फिर मोदी को वोट दे कौन रहा है?