@kharge गहलोत साहेब के पिछले कार्यकाल की लंबितभर्ती-TGT 2012 जिसकाअभी तक सरकार के पास समाधान नहीं, सिवाय बेरोजगार अधिकअंक धारियों को दोबार आश्वासन देकर औऱ लखनऊ समझौता कर ये भी ��कसाल गुजर गया आशा की डोर में, जबकि विडंबना यह है कि कमअंक वाले 10 सालों से नोकरी कर रहे हैं!क्या आप आँसू पोछेंग