अंबिका रैना एक भारतीय सिविल सेवक हैं जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 164वीं रैंक हासिल की।
जम्मू और कश्मीर की मूल निवासी, वह भारतीय सेना के एक मेजर जनरल की बेटी हैं।
उन्होंने सीईपीटी विश्वविद्यालय से वास्तुकला की पढ़ाई की और अपने देश की सेवा करने के लिए स्विट्जरलैंड में अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी।
पहले दो प्रयासों में असफल होने के बाद, उन्होंने लगन और मॉक टेस्ट के अभ्यास के दम पर तीसरे प्रयास में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया।
वर्तमान में वह भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा (आईए एंड एएस) में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
@JaikyYadav16 "वैभव सूर्यवंशी ने IPL में चयनकर्ताओं का दरवाजा जोर से खटखटा दिया है, लेकिन फिलहाल अभिषेक शर्मा की जगह पक्की नहीं गई है। मुकाबला दिलचस्प रहेगा।"
बिहार का ये होमगार्ड ट्रक ड्राइवर से नो एंट्री मे घुसने के 200 रुपए लेते हुए रंगेहाथ पकड़े गए।
एक रिपोर्टर देखता है ये पुलिस वाला हर ड्राइवर से 200 रूपये लेकर नो एंट्री मे ट्रक को घुसने दे रहा।
जब रिपोर्टर पूछता है किस बात के ले रहे तब पुलिस वाला ट्रक वाले को वापस...Read news
उद्धव ठाकरे की पार्टी को खत्म करने के बाद उड़ीसा के नवीन पटनायक के साथ बुरा हुआ।अब उसी लिस्ट में ममता बनर्जी की पार्टी TMC का नाम भी सामिल होने जा रहे है।
ममता बनर्जी के 58-60 विधायक बगावत कर दिए है और पार्टी ��े निष्काशित नेता ऋतब्रत बनर्जी को सपोर्ट कर रहे है।
इन नेताओं ने ऋतब्रत बनर्जी को विधान सभा का विपक्ष का नेता बनाने दावा किया और विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बशु ने इस दावे को स्वीकार कर लिया।
ऐसे में क्या ममता की TMC का स्वामित्व ममता के पास कानूनन रह लाएगा ?
@KripaSh75508777 कानूनन पार्टी का स्वामित्व सिर्फ विधायकों की संख्या से त�� नहीं होता। TMC पर ममता बनर्जी की पकड़ तब तक बनी रहेगी, जब तक पार्टी संगठन और चुनाव आयोग में उनका नियंत्रण कायम है। राजनीतिक बगावत और पार्टी पर कानूनी कब्ज़ा, दोनों अलग-अलग बातें हैं।
इस्तीफा ��ेकर फिर से नौकरी पर वापस आए IAS रिंकू सिंह राही एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
जालौन में भाजपा विधायक गौरीशंकर वर्मा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट IAS रिंकू सिंह राही के विरोध में खुलकर उतर आए हैं।
विधायक का कहना है कि हमारे क्षेत्र में ऐसे SDM नहीं रहेंगे। रिंकू सिंह की पोस्टिंग के बाद से बाजार का माहौल खराब हो गया है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की भाषा शैली ठीक नहीं है, जिससे व्यापारी वर्ग काफी नाराज है। सब्ज��, मेडिकल स्टोर, होटल और फल की दुकानों तक को बंद कराया जा रहा। जबकि, ऐसा कोई सरकारी आदेश नहीं है। लोगों से 1 से 5 लाख रुपए तक के चालान भरने की बात कही जा रही।
#Jalaun #IASRinkuSingh
अंबिका रैना एक भारतीय सिविल सेवक हैं जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 164वीं रैंक हासिल की।
जम्मू और कश्मीर की मूल निवासी, वह भारतीय सेना के एक मेजर जनरल की बेटी हैं।
उन्होंने सीईपीटी विश्वविद्यालय से वास्तुकला की पढ़ाई की और अपने देश की सेवा करने के लिए स्विट्जरलैंड में अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी।
पहले दो प्रयासों में असफल होने के बाद, उन्होंने लगन और मॉक टेस्ट के अभ्यास के दम पर तीसरे प्रयास में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया।
वर्तमान में वह भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा (आईए एंड एएस) में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
@Shoonya_ydv "सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और चरित्र हनन किसी के लिए भी गंभीर मानसिक दबाव का कारण बन सकता है। मामले की निष्पक्ष ��ांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।"
एक प्रेम कहानी जो बदल गई सब कुछ बिहार के जमुई से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है।
बीपीएससी शिक्षक नयनाश्री और उनकी फुफेरी बहन रा��ी बचपन से साथ बड़े हुए। पढाई के लिए डोनो पटना गए, जहां वक्त के साथ उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी के लिए राखी ने लिंग परिवर्तन का फैसला लिया और राहुल बन गई। क्या प्रक्रिया के लिए लाखों रुपये खर्च हुए, जिसका ऋण भी लिया गया। इसके बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी की कर ली.
ये कहानी प्यार, पहचान और अपनी पसंद के लिए मुश्किल फैसला लेने की एक मिसाल के रूप में सोशल म���डिया पर काफी चर्चा में है।
एक प्रेम कहानी जो बदल गई सब कुछ बिहार के जमुई से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है।
बीपीएससी शिक्षक नयनाश्री और उनकी फुफेरी बहन राखी बचपन से साथ बड़े हुए। पढाई के लिए डोनो पटना गए, जहां वक्त के साथ उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी के लिए राखी ने लिंग परिवर्तन का फैसला लिया और राहुल बन गई। क्या प्रक्रिया के लिए लाखों रुपये खर्च हुए, जिसका ऋण भी लिया गया। इसके बाद दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शादी की कर ली.
ये कहानी प्यार, पहचान और अपनी पसंद के लिए मुश्किल फैसला लेने ���ी एक मिसाल के रूप में सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है।