The ‘commission nexus’ between labs & doctors!
Why doctors want reports from a particular lab only? Answer is "Commission".
Everyone has faced it, Everyone is facing it, Why should everyone keep facing it?
Very valid issue raised by .@raghav_chadha 👌
Mrunal Thakur instagram story on Dharmedra Pradhan resignation 🚨
>She said that the reason behind Dharmendra Pradhan's resignation is not CJP but Harsh Dubey
>Harsh dubey exposed the reality of reservation
>Everyone wants fair education but does not want to remove the reservation
>No one is listening to GC students but they are listening to Those protesters who attack the police.
She is really a queen man, It takes courage to stand for General Category in an era where everyone from system to government is biased towards SC/ ST.🙏
ये है शिवानी वर्मा
इन्होंने बिजनौर के सुभान अहमद से शादी की
इ���के प्रेग्नेंट होने पर इन्हे पता चला शुभान तो सुभानअल्लाह है मतलब दीनी है
फिर ये अपनी शादी, बच्��ा बचाने को बन जाती है शुभाना अंसारी।
अब अंततः 6 साल और 3 बच्चो के बाद शुभाना उर्फ शिवानी को उसके सौहर ने GPL दे के निकाल दिया और फोन से TTT देकर खुद लापता हो गया
Finally बेइंतहा मोहब्बत का कुछ यु हुआ सुखद अंत।
इन जैसियों के यही अंजाम होते हैं
Today I am really feeling proud on Bihar police ..Well done bihar police @bihar_police .
Main to bolta hun whoever is involved in damaging the public properly... Uskey ghar pe bulldozer chalwa do..
Whole bihari is with you...
दंगलखोर विद्यार्थ्यांना पोलीसांना आता हाॅस्टेलमध्ये घुसून उचलायला सुरुवात केली आहे.
आंदोलन संपले. आता कोणताही राजकीय पक्ष या अटक झालेल्या विद्यार्थ्यांच्या मदतीसाठी येणार नाही.
विद्यार्थ्यांनी त्यांच्या हाताने त्यांचे आयुष्य बरबाद केले आहे.
‼️Two minutes silence for leftists who believe that Sonam Wangchuk actually fasted. Proof 👇🏼
The biggest fools on earth are these commies who believe their leaders. 🤣😂
ये तीन युवा इस राजनीति का शिकार हुए...
1. अमित यादव
2. विनय कुमार यादव
3. अभिषेक यादव
तीनों भारतीय सेना के अग्निवीर थे... अखिलेश यादव के फैन हैं।
इन्होने मूर्खतापूर्ण बकवाश करते हुए एक वीडियो वर्दी में बनाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया... जिसमें आंदोलन के समर्थन के साथ साथ प्रधानमंत्री के लिए भी गलत शब्द प्रयुक्त हुए...
दिल्ली की एक यूट्यूबर ने इनकी कुंडली निकाल पुलिस कंप्लेंन्ट भी दर्ज करवा दी साथ ही पूरी जानकारी लिखित में सबूतों के साथ सेना मुख्यालय भी भेज दी....
आगे क्या हुआ... 40,000 रुपये महीने की नौकरी गई, छवि, इज़्ज़त ट्रैक रिकॉर्ड सब ख़राब हो गया।
अब कौनसे नेता ज़ी आएंगे तुम्हारे और तुम्हारे परिवार की मदद को.... तुम्हारी मूर्खता की कीमत तुम चुकाओगे और चुकानी चाहिए भी...
और बता दूँ ये महज़ शुरुआत है...
जाने कि��नों की जिंदगी नर्क होगी इस सब नाटक के चलते.
Abhijeet Dipke is literally getting exposed from every side 🚨
- Vijeta dahiya has now leaked his chats with Abhijeet Dipke
- Abhijeet used to eat a lot of non veg food and would send him from the protest site to CP to buy whatever he wanted
- He used to say going out himself could damage his political image
- Vijeta also claimed "Saurav also got upset with him many times but he never stopped eating."
- Abhijeet and his friends around 1 lakh worth of food from vijeta's card
- Vijeta further said "Now the same guy says he expelled me from CJP because I was eating a burger. C'mon man, we all know who gained how much weight."
Always knew Abhijeet Dipke is a foodie. He's just enjoying his time and the money funded from AAP to divide Hindus 🙏
आदि शंकराचार्य ने बहुत छोटी उम्र में संन्यास ले लिया था। संन्यास के नियमों के अनुसार, वे प्रतिदिन किसी न किसी के घर जाकर 'भिक्षा' मांगते थे और जो मिलता था, उसी से अपना पेट भरते थे।
एक दिन, भिक्षा मांगते हुए वे एक अत्यंत जर्जर और टूटी-फूटी कुटिया के सामने पहुँचे। उस कुटिया में एक बूढ़ी ब्राह्मणी रहती थी। वह इतनी गरीब थी कि उसके पास पहनने को ठीक से वस्त्र नहीं थे और उस��े कई दिनों से अन्न का दाना तक नहीं चखा था। बालक शंकराचार्य ने द्वार पर आवाज लगाई—"ॐ भवति भिक्षाम देहि" (हे माता! भिक्षा दीजिए)।
शंकराचार्य की आवाज सुनकर वह बूढ़ी महिला बाहर आई। सामने एक परम तेजस्वी बालक को भिक्षा मांगते देखकर उसकी आँखों में आंसू आ गए। वह अंदर दौड़ी कि बालक को कुछ खाने को दे, लेकिन कुटिया में अनाज का एक दाना भी नहीं था। वह बर्तनों को खंगालने लगी कि कहीं कुछ मिल जाए।
ढूँढते-ढूँढ���े उसे एक कोने में एक छोटा सा, सूखा और पुराना आंवला मिला। वह उस आंवले को लेकर बाहर आई, लेकिन उसे शर्म आ रही थी कि वह इतने बड़े संत को यह सूखा आंवला कैसे दे। लेकिन उसके मन में भाव सच्चा था। उसने कांपते हाथों से वह आंवला शंकराचार्य के भिक्षा पात्र में डाल दिया और रोते हुए अपने भाग्य को कोसने लगी।
उस वृद्ध महिला की निष्कपट ममत�� और दरिद्रता को देखकर बाल शंकराचार्य का हृदय दहल गया। उन्होंने वहीं खड़े-खड़े अपनी आँखें बंद कीं और साक्षात धन की देवी माता लक्ष्मी का आह्वान किया।
शंकराचार्य की पुकार पर माता लक्ष्मी अदृश्य रूप से वहाँ प्रकट हुईं। शंकराचार्य ने कहा, "हे मां! इस परम कृपालु वृद्धा की दरिद्रता को अभी नष्ट करो। इसके पास खाने को कुछ नहीं है, फिर भी इसने अपना सर्वस्व मुझे दान कर दिया।
तब माता लक्ष्मी ने कहा, "हे ब��लक! मैं चाहकर भी इस जन्म में इसे धन नहीं दे सकती। इस महिला ने अपने पूर्व जन्मों में कभी किसी को एक रुपए का भी दान नहीं किया। कर्मों के अकाट्य नियम के अनुसार, जिसने पहले कभी दान नहीं किया, उसे इस जन्म में समृद्धि नहीं मिल सकती। यह इसका प्रारब्ध (भाग्य) है।
माता लक्ष्मी की बात सुनकर आदि शंकराचार्य ने एक अद्भुत तर्क दिया। उन्होंने कहा:
"हे माता! आप कहती हैं कि इसने पूर्व जन्म में दान नहीं किया। लेक��न इस जन्म में इसके पास जो आखिरी वस्तु थी—वह सूखा आंवला—वह इसने बिना किसी स्वार्थ के मुझे दान कर दिया है। क्या इस महा-दान के बदले आप इसके पूर्व जन्म के सारे पाप नष्ट नहीं कर सकतीं? आपकी कृपा तो कर्मों के बंधनों से भी बड़ी है।
इतना कहकर शंकराचार्य ने माता लक्ष्मी की स्तुति में मौके पर ही २१ श्लोकों की रचना की, जिसे आज पूरी दुनिया 'कनकधारा स्तोत्र' के नाम से जानती है। इस स्तोत्र का एक-एक शब्द मां लक्ष्मी के हृदय को पिघलाने वाला था।
शंकराचार्य के मुख से कनकधारा स्तोत्र के दिव्य मंत्रों को सुनकर माता लक्ष्मी पूरी तरह भावुक हो उठीं। उनके हृदय में उस बूढ़ी मां के लिए ममता जाग उठी।और उसी क्षण उस झोपड़ी के भीतर एक महा-चमत्कार हुआ!
आकाश से रिमझिम बारिश की तरह शुद्ध सोने के आंवलों की वर्षा होने लगी। देखते ही देखते वह फटी-पुरानी कुटिया सोने के सिक्कों और आंवलों से भर गई। वह गरीब महिला रातों-रात राजाओं जैसी समृद्ध हो गई।
यह घटना दक्षिण भारत के के��ल की है, जब बाल संन्यासी आदि शंकराचार्य भिक्षा मांग रहे थे।
आज भी इस घटना के प्रतीक स्वरूप दक्षिण भारत में 'कनकधारा' नाम का प्राचीन स्थान और मंदिर मौजूद है।
जयतु सनातन।
गजब का खुलासा हो रहा है भाई
ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मिलकर एक केयरवेल एविएशन कंपनी बनाया
और इस कंपनी को तृणमूल कांग्रेस ने पैसे दिए और पार्टी के पैसे से इस कंपनी ने एक हेलीकॉप्टर और एक प्राइवेट जेट खरीदा
उसके बाद हर बार की यात्रा में अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी जब भी प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते थे तब तृणमूल कांग्रेस के फंड से केयरवेल एविएशन कंपनी को बाकायदा भाड़ा दिया था
मतलब जिस प्राइवेट जेट और हेलीकॉप्टर के यह मालिक अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी हैं है तो यह उसका भाड़ा भी पार्टी से वसूलने लगे
मतलब पार्टी के पैसे से जेट और हेलीकॉप्टर खरीद और पार्टी से भाड़ा भी वसूलने वालों
ममता बनर्जी ��ी सफेद सूती साड़ी देखकर आपको यकीन भी नहीं होगा कि इस महिला के पास एक हेलीकॉप्टर और एक प्राइवेट जेट है
लोगों के दिमाग में बैठा दिया गया है कि ताजमहल शाहजहाँ ने बनवाया था, और यह प्यार की निशानी है। यह सब बेकार की बातें हैं। मेरा दावा है कि यह पहले "तेजोमहालय" नाम का हिंदू मंदिर था, ��िसे 1156 ई. में राजा परमार देव ने बनवाया था। मेरे पास इस दावे के समर्थन में दस्तावेज़ी साक्ष्य हैं।
🚨 MAJOR EV TRANSITION IN DELHI!
-> No new petrol bikes will be registered in Delhi from April 2028.
Key timeline:
•From January 1, 2027: Only electric three-wheelers allowed for new registration.
•From April 1, 2028: Only electric two-wheelers permitted.
Existing BS-VI two-wheelers in commercial fleets will be allowed only till December 31, 2026.
School buses will also be gradually electrified.
-> 10% EV adoption in Year 2, 20% in Year 3, and 30% by 2030.
CM Rekha Gupta has strongly defended the move.
Delhi is going full throttle towards electric mobility.
Big step for cleaner air! 🔥🇮🇳
BREAKING: STOP DELETING PHOTOS WHEN YOUR PHONE SAYS STORAGE FULL.
The real junk is hiding somewhere else entirely.
I freed 22GB in 15 minutes without deleting a single memory.
Here's exactly where to look 👇
ये मुरली मनोहर जोशी हैं। उम्र - 92 साल। साथ में कांची पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती हैं।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि एक पहाड़ी और एक तमिल साथ में बैठकर क्या कर रहा है। तो मैं बता देता हूँ। पंजाब पर मंथन चल रहा है। जी हाँ, पंजाब पर���
पंजाब में किस तरह से मंदिरों को पुनः सशक्त किया जाए, पुराने मंदिरों का जीर्णोद��धार किया जाए, धार्मिक सभाएँ बड़ी संख्या में की जाएँ, हिन्दू-सिख एकता को सनातन की छतरी तले सुदृढ़ किया जाए, डेमोग्राफी में बदलाव को थामा जाए और धर्मांतरण को रोका जाए - इन सबपर चर्चा चल रही है।
मुरली मनोहर जोशी फ़िलहाल BJP के मार्गदर्शक मंडल में हैं। कोई सक्रिय पद नहीं है उनके पास, फिर भी वो एक्टिव हैं। उन्हें पंजाब की चिंता है, केरल में जगद्गुरु शंकराचार्य के जन्मस्थल कालडी में ईसाई मिशनरियों न�� जिस तरह से क़ब्ज़ा जमा रखा है इसकी चिंता है। जो लोग भाजपा की सफलता के आयाम खँगालते रहते हैं, वो गौर से इस तस्वीर को देखें। इसी में भाजपा की सफलता का राज़ छुपा है। आखिर क्यों ये पार्टी आज यहाँ है, ये तस्वीर देखकर पता चलेगा।