माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी:
"भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाता है। 2+6 = 8।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का जन्मदिन 17 तारीख को है। 1+7 = 8।
तो... सेम टू सेम।"
और भक्त इन्हें विश्व का सबसे बुद्धिमान नेता बताते नहीं थकते। 😭😂
@swatntra_anuj@PMOIndia@myogioffice
आदरणीय आपलोगों द्वारा जारी किए गए डिजिलॉकर में उपलब्ध पेपर के लिए जारी शासनादेश को भी कई जगह पुलिस न मान के वाहनों को सीज कर रही कृपया संज्ञान में लें इससे आम जनता को बहुत परेशानी हो रही और कन्फ्यूजन की स्थिति बनी है कि हार्ड कॉपी ले के चलें क्या?
@raghav_chadha आपने साबित कर दिया कि भारतीय रा���नीति एक कीचड़ है,स्वाभिमान नाम की कोई चीज होती है कि नहीं? आपने तो वो भी बेच कर खा लिया । you have very disappointed to young voters of New India.😡😡😡
@BoltaHindustan कोई ऐसा बिल आना चाहिए जिससे किसी नेता के पार्टी बदलने पर सदस्यता भी छिन जाए MP या MLA बनने के लिए उसे नई पार्टी से लड़कर दोबारा चुनाव जीतना पड़े।
मुंबई : महिला आरक्षण बिल को लेकर वरली में म���ायुति का विरोध मार्च हुआ, इस द��रान सड़क पर ट्रैफिक जाम लग गया
◆ जाम से परेशान एक युवती ने गुस्से में आकर पुलिसकर्मियों पर गुस्सा उतार दिया
Mumbai | Women Reservation Bill | Girish Mahajan
जब जनता जागती है तो नेताओं को ऐसे निकालती है😎
VIP कल्चर के ख़िलाफ़ अकेली महिला ने पूरा सिस्टम हिला दिया। मुंबई में मंत्री गिरीश महाजन को उनके कारण लगने वाले ट्रैफिक जाम के लिए आड़े हाथों लिया। निकल जाने को कहा। सरकारी सुरक्षाकर्मी भी बस मुँह ताकते रह गए।
खुजली लाल कहां गया , कितना नौटंकी किया था पहली बार शपथग्रहण करते समय , आज जब राघव चढ्ढा जैसे युवा नेतृत्व के साथ खड़ा होना चाहिए था तो उसका डिमोशन कर रहा है।दिल्ली वालों भूल मत जाना।खुजली लाल चुनाव के समय आयेगा वोट मांगने।
राघव चड्ढा को लोगो के रिचार्ज और सस्ते चाय समोसे के चक्कर में खुद की कुर्सी गंवानी पड़ी।
कुछ दिनों से आम ज��ता के मुद्दे संसद में जोरो से उठा रहे थे लेकिन अब इन्हें उप नेता के पद से हटा दिया गया है।
आम आदमी पार्टी के तरफ से स्पीकर को यह भी कहा गया पार्टी की ओर इन्हें...See more
🚨 कर्मचारियों को 60 साल बाद भी पेंशन नहीं,
नेताओं को 5 साल में पेंशन
पेंशन व्यवस्था पर बड़ा सवाल, समानता और सामाजिक न्याय की मांग तेज
#PolicyDebate#IndiaPolitics#ViralNews
अभी भी खामोश रहे तो इसी तरह आम जनता का हक छीनकर अंबानी अदानी की तिजोरियां भरी जाएंगी।नंबर तो सबका आएगा हमारा नहीं आएगा इस गलतफहमी में मत रहना। अंधभ���्तों का भी नंबर आयेगा। इनकी मांग क्या जायज नहीं है ये सोचने की जरूरत है जो सरकारों ने सोचना ही बंद कर दिया ��ै।