युवाओं के इस हाल का जिम्मेदार कौन?
क्या बिहार सरकार की जिम्मेदारी नहीं है?
चुनाव में फ्री में ट्रेन व राशन,
परीक्षा देते समय कुछ भी इंतजाम नहीं?
ऐसा क्यों?
मंत्री बेनामी और बिना योग्यता वाली कंपनियों को ठेके देकर अपना भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं, जबकि देश का युवा बेरोज़गारी और अधूरे व आधारहीन परिणामों के कारण अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहा है।
#cjp_पार्टी#cjp_ही_aap_है#cjp
जब देश के 14–15 करोड़ आदिवासियों की धरातलीय हकीकत को लेकर मैं देश की संसद में अपनी बात रखता हूँ, तो कई लोग कहते हैं कि आप किस जमाने की बात कर रहे हैं। अब तो देश बहुत प्रगति कर चुका है, भारत विश्वगुरु बनने जा रहा है।
मैं आज देश की ��ास्तविकता से कोसों दूर रहने वाले लोगों से कहना चाहता हूँ कि यह तस्वीर हमारे ही भारत देश की है। यह उसी भारत की तस्वीर है, जहां नेता “घर-घर नल और हर नल में जल” की बात करते हैं और जहां नारी शक्ति के सम्मान की बातें बड़े जोर-शोर से की जाती हैं।
यह मध्यप्रदेश व गुजरात राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्र की बहन-बेटियों के पानी के लिए संघर्ष की तस्वीर है, जो अपने घरों से 2–3 किलोमीटर दूर स्थित गहरे कुओं से जान जोखिम में डालकर अपने जीवन-यापन के लिए पानी निकालने को मजबूर हैं। ऐसी परिस्थितियां देश के अधिकांश आदिवासी बहुल क्षेत्रों में देखने को मिलती हैं।
इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद इस देश का आदिवासी सरकारों से अधिक अपेक्षा नहीं करता है। वह सिर्फ यह चाहता है कि विकास के नाम पर उसके जंगल और जमीन न छीनी जा��।
आदिवासियों का विकास केवल कागजों में हुआ है, जबकि धरातल पर स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है। सरकारों की दृष्टि में आदिवासी क्षेत्रों में खनन के लिए उद्योगपतियों को जमीन आवंटित करना, फैक्ट्रियां लगाना और संसाधनों का दोहन करना ही विकास माना जाता है।
वहीं जो आदिवासी अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, जंगल-जमीन की रक्षा, आदिवासी संस्कृति, इतिहास तथा संवैधानिक अधिकारों को लागू करने की बात करते हैं, उन्हें विकास विरोधी या देश विरोधी मान लिया जाता है।
वर्तमान में टीवी चैनलों और सड़कों पर लगे होर्डिंगों में देश के विकास मॉडल को दिखाया जा रहा है, लेकिन धरातलीय हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत है।
झूठे सपनों से बाहर निकलिए और देश के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी, दलित एवं गरीब तबके के लोगों के संघर्षमय जीवन को देखिए, समझिए और महसूस कीजिये।
सीकर के प्रदीप मेघवाल ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। किसान-मजदूर पिता ने बेटे की पढ़ाई के लिए अपनी जमीन तक बेच दी। लेकिन वर्षों ���ी मेहनत और उम्मीदें तब टूट गईं, जब #NEET पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर सामने आई।
इस भ्रष्ट सरकार में हर बड़ी परीक्षा पेपर भ्रष्टाचार का शिकार हो रहा है। सरकार लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य को इन माफियाओं के हाथों बेच रही हैं ।
मैं कल 22 मई 2026 को सांय 6:30 बजे प्रदीप मेघवाल के परिजनो के साथ प्रदीप सहित NEET पेपर लीक से हताश होकर जान गवानें वाले छात्र -छात्राओं को न्याय दि��ाने के लिए सीकर के महात्मा ज्योतिबा फूले सर्किल से CLC चोक तक “शांतिपूर्ण पैदल मार्च” निकाला जाएगा ।
मैं तमाम छात्र शक्ति से आह्वान करता हूँ कि पेपर लीक के खिलाफ इस पैदल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पेपर माफियाओं के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित और सुनिश्चित किया जा सके।
#JusticeForNeetStudents
📢 NEET (UG) 2026 — परीक्षा तिथि की घोषणा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भा��त सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुनः-परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल NTA के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें।
📧 [email protected] 📞 011-40759000 / 011-69227700
कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा 2020 पुनः परीक्षा 2021 पेपर लीक प्रकरण संख्या - 03/2026 में एक बेईमानी से चयनित JEN जो अब पदोन्नत होकर PWD में AEN बन चुका है, उसने पूरी @Sog_Rajasthan को विटामिन - M की ताकत पर नचा रखा है।
एक तरफ @Sog_Rajasthan में काबिल व सक्षम ऑफिसर्स की पूरी टीम है , विशाल बंसल (ADG), @AjayLamba_IPS (IG) व परिस देशमुख (DIG) उसके बावजूद भी बेईमानों की Over Confidence व Vit-M के बलबूते पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण विंग को चुनौती देना बेहद चिंताजनक है।
हमारा @RajGovOfficial से अनुरोध है कि इस पेपर लीक के बेईमानों को बचाने में पर्दे के पीछे लगी ताकतों को सामने लाकर विधिसम्मत कार्यवाही करते हुए पेपर लीक से प्रभावित समस्त अभियांत्रिकी Community को न्याय दिलावें।
@BhajanlalBjp@RajCMO
जीतू मुंडा की बेबसी और पीड़ा देखकर कलेजा कांप उठा। एक गरीब आ��िवासी के साथ कागजी खानापूर्ति के नाम इस तरह की प्रताड़ना किसी भी सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। मेरा ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री @MohanMOdisha जी से पुरजोर आग्रह है कि इस मामले में तत्काल और कठोरतम कार्रवाई की जाए।
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जीतू मुंडा का दर्द मेरा दर्द है, उनकी पीड़ा मेरी पीड़ा है। मेरा कर्तव्य है कि संकट की इस घड़ी में मैं उनके साथ खड़ा रहूं। मैं अपना एक माह का वेतन उनके परिवार को समर्पित करूंगा। शीघ्र ही उन तक राशि पहुंच जाएगी। यह हम सबका दायित्व है कि भविष्य में वे स्वयं को असहाय न समझें।
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माननीय @OnlineKanhaiya जी विगत वर्ष PHED विभाग ने गर्मियों में जल आपूर्ति को सुचारू रूप से समन्वय करने के लिए 1050 पदों पर रोजगार की घोषणा की जिस बाद में निरस्त कर बजट में 3000 पदों पर भर्ती निकालने का आश्वासन दिया गया था जिसे लम्बा समय बीत चुका है आखिर ये भर्ती कब होगी???
वर्तमान में यह व्यक्ति RPSC का सदस्य है।
यह जातिवाद से लबालब भरा हुआ है, इस���े ऊपर साक्षात्कार देकर आने वाले अभ्यर्थियों ने आरोप लगाएं हैं।
क्या यह वाक्य में इतना घृणित व्यक्ति हैं ?? https://t.co/TBufGyoCZs
भीम सिंह को गिरफ्तार किया गया है परन्तु भीष्म को कौन बचा रहा है ...?
एक तरफ आज भास्कर में भीम सिंह के गिरफ्तारी की खबर छपी है तो दूसरी तरफ कल भीष्म का @DainikBhaskar के जिला अंकों के पहले पृष्ठ पर बधाई संदेश छपा था ।
क्या वाकई में कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा 2020 पुनः परीक्षा पेपर लीक प्रकरण संख्या 03/2026 में @Sog_Rajasthan के जांच अधिकारी घी पीकर सो गये हैं ?
@BhajanlalBjp@RajCMO@RajGovOfficial