पूर्ण गुरू की पहचान
पूर्ण गुरु तीन प्रका�� के मंत्रों (नाम) को तीन बार में उपदेश करेगा जिसका वर्णन कबीर सागर ग्रंथ पूष्ठ नं. 265 बोध सागर में मिलता है व गीता जी के अध्याय नं. 17 श्लोक 23 व सामवेद संख्या नं. 822 में मिलता है।
वर्तमान में धरती पर पूर्ण गुरू संत रामपाल जी महाराज जी हैं। 🌱
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
Sant Rampal Ji Maharaj
वर्तमान में धरती पर पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी हैं।
जो पूर्ण सतगुरु होगा उसमें चार मुख्य गुण होते हैं:-
गुरु के लक्षण चार बरखाना, प्रथम वेद शास्त्र को ज्ञाना (ज्ञाता)। दूजे हरि भक्ति मन कर्म बानी, तीसरे समदृष्टि कर जानी। चौथे वेद विधि सब कर्मा, यह चार गुरु गुण जानो मर्मा ।
कबीर सागर के अध्याय "जीव धर्म बोध" के पृष्ठ 1960 पर ये अमृतवाणियां अंकित हैं।
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
Sant Rampal Ji Maharaj
संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा राजकीय माध्यमिक विद्यालय, धमाना, जिला हांसी को आजीवन के लिए एक निःशुल्क स्कूल वैन भेंट की गई।
इस सेवा के अंतर्गत स्कूल वैन का समस्त खर्च, जैसे—
• ईंधन
• चालक (ड्राइवर) का वेतन
• वैन का रखरखाव (मेंटेनेंस)
आजीवन संत रा���पाल जी महाराज जी द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं निःशुल्क परिवहन सुविधा निरंतर प्राप्त होती रहे।
#मगहर_लीला
Magh month, Shukla Paksha Tithi Ekadashi, Vikram Samvat 1575, year 1518 Kabir Parmeshwar went to Satlok physically from Maghar.
God Kabir Nirvana diwas
कबीर परमेश्वर जी ने सन 1518 में #मगहर_लीला की, कबीर साहेब जी का शरीर नहीं मिला था क्योंकि वह सशरीर आते है सशरीर अपने निज धाम चले जाते हैं।
God Kabir Nirvana diwas 1 फरवरी 2023
#मगहर_लीला
Kabir Sahib went back to Satlok along with His body.
"Kashi tajj guru maghar aaye, Dono deen ke peer I
Koi gade koi agni jarave, Dhundha na paaya shareer" II
God Kabir Nirvana diwas