गृह जिले भरतपुर समेत सभी जगहों पर मुख्यमंत���री के फ्लॉप रोड शो, पार्षद चुनावों में मंत्री और विधायकों द्वारा भाजपा का पार्षद न बनने पर वार्ड का विकास रोकने की धमकी, BJP के बागी उम्मीदवारों तक के प्रतिष्ठानों पर GST के छापे और उनके प्रतिष्ठानों को सील करना आदि दिखा रहे ��ैं कि भाजपा नगरीय निकाय चुनावों में बुरी तरह हार रही है।
आज तक सत्ताधारी दल के खिलाफ इतना माहौल कभी नहीं देखा गया। भाजपा के ढाई साल के कुशासन से अब जनता इतनी त्रस्त है कि 9 और 11 सितंबर को होने वाले चुनावों में भाजपा की एकतरफा हार सुनिश्चित करने के लिए वोटिंग करने के लिए बड़ी संख्या में निकलेगी।
निकाय चुनावों में कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार से आने वाले ढाई साल में भाजपा जनता की आवाज सुनकर काम करने के लिए मजबूर होगी।
(प्रेस से बातचीत: 2 सितंबर 2026)
पत्रकार: सर, राहुल गांधी जी को एमपी में जो रैली करने जा रहे थे, मतलब 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम, उसकी इजाजत नहीं मिली है।
जवाब : कहां मिली? कोटा में मिली, देहरादून में मिली, प्रयागराज में मिली और,फिर मिली वहां भी ऐसा ही होगा। यह तो क्या बताएं इनके बारे में! प्रशासन पहले मना करता है, बाद में देनी पड़ती है जब छात्रों का, युवको��� का, युवतियों का जो प्रेशर पड़ता है 'जेन-जी' का, परमिशन देते हैं, पर उनके प्रोग्रा�� बहुत ही एक मैसेज दे रहे हैं कंट्री के युवाओं को। और छोटे बच्चे भी स्कूलों की जो समस्याएं हैं, उनको लेकर सड़कों पर आने लग गए हैं।
देखिए, बच्चों की, स्कूलों की प्रॉब्लम कोई अभी एकदम पैदा हुई है, ऐसी बात नहीं है। सरकार हमारी भी आई होगी, सरकारें गई होंगी। लाखों स्कूलें होती हैं, हजारों स्कूलें होती हैं, रिपेयर मांगती हैं, छत गिर जाती है। रेगुलर रिपेयर होने लग जाए मान लो, और जो पूरी तरह ध्वस्त होने क�� स्थिति में आ गईं, वहां नई स्कूल बन जाए। अगर प्रायोरिटी पर आप काम करने लग जाओ, तो फिर शिकायत लोगों को नहीं होती है। ना गांव वालों को होती है, ना बच्चों को होती है, ना समाज को होती है। सवाल यह आता है जब आप उसकी तरफ ध्यान नहीं दो। कोई अगर ध्यान आकर्षित करे आपका कि भाई यह तो बिल्डिंग गिरने वाली स्थिति बन गई है, कहीं यह बरसात में गिर नहीं जाए। तब ��ी आप लापरवाही करो, मुख्य शिकायत इन बातों की है।
तो मैं मानता हूं कि स्कूलों की मरम्मत टाइम पर हो, जिनकी स्थिति बहुत ही नाजुक है, उन बिल्डिंग को ठीक करें, नई बनाएं, तो एक अलग ढंग का यह काम चलते रहना चाहिए। अभी इस माहौल को देखकर सरकार ने घोषणा कर दी ₹12,000 करोड़ खर्च करेंगे। पूछो ₹12,000 करोड़ कब खर्च करोगे? चुनाव के बाद में खर्च करोगे? मुझे लगता नहीं कि यह कोई 12,000 छोड़िए, 4,000 भी खर्च कर पाएंगे। यह तो खाली इन्होंने आंकड़े बता दिए हैं।
अरे, पेमेंट तो आप कर नहीं पा रहे हो, ना पेंशन दे पा रहे हो, ना ठेकेदारों को पेमेंट कर पा रहे हो। पेमेंट की बहुत स्थिति खराब है। जो लोग मर गए बेचारे एक्सीडेंट में, ₹5 लाख का मैंने प्रोविजन किया था मरने वालों को देने का। ₹10 लाख का किया दो लोगों के मरने पर। उनका नहीं दे पा रहे हो पैसा। 2,500 लोगों का अटका पड़ा है पैसा, सैंक्शन होने के बाद में भी। वह क्या सरकार ₹12,000 करोड़ दे देगी! यह खाली छात्रों के गुस्से को दबाने के लिए किया गया है, इसमें कोई दम नहीं है।
पत्रकार: सर, आज बीकानेर में जिस तरीके से घटना हुई है उस पर प्रतिक्रिया?
जवाब : बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अब टिकट तो सबको मिल नहीं सकता,एक को ही मिलेगा टिकट तो। उसमें आप अगर इस प्रकार दुर्व्यवहार करोगे किसी अध्यक्ष के साथ, तो वह बहुत निंदनीय है। पुलिस को कार्रवाई ���रनी चाहिए उनके खिलाफ में। अगर वह पार्टी कार्यकर्ता हैं पीटने वाले, या कोई दूसरों को बुलाकर ले आया कोई, जांच होनी चाहिए और पार्टी कार्यकर्ताओं, उनके खिलाफ भी एक्शन होना चाहिए।
प्रदेश में किसान एक साथ दो मोर्चों पर संकट झेल रहे हैं। एक तरफ कमजोर मानसून से खरीफ की फसलें खेतों में ही मुरझाने लगी हैं तो दूसरी तरफ जो थोड़ी-बहुत फसल बची है, उसे बचाने के लिए जरूरी खाद तक किसानों को नहीं मिल रही।
किसानों को खाद के लिए तड़क�� सुबह से घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है, कहीं दो-तीन कट्टे डीएपी के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है तो कहीं दूर की मंडियों तक जाना पड़ रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि सरकारी आंकड़ों में खाद का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया जा रहा है, फिर भी जमीन पर किसान भटक रहे हैं। यही हाल लगभग पूरे प्रदेश में है, कमजोर बारिश और खाद की किल्लत ने मिलकर किसानों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
भाजपा सरकार को स��झना चाहिए कि आंकड़ों में स्टॉक दिखाने से किसान की फसल नहीं बचती। सरकार तुरंत खाद वितरण व्यवस्था दुरुस्त करे और सिंचाई-जल प्रबंधन के वैकल्पिक इंतजाम पर काम शुरू करे, वरना यह संकट आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।
बेरोजगारी के चलते अब तक 8 युवा मित्रों की मौत हो चुकी।
राजस्थान की @BhajanlalBjp सरकार सुन ले ले कान खोलकर, जल्द होगा जयपुर कूच, जो करना हो कर लेना, साथ में सीएम आवास घेराव होगा।
@ashokgehlot51@sanjay_hingwa@RajCMO
माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी #युवा_मित्र सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने का काम करेंगे।जनगणना करने के लिए डोर टू डोर काम करने को तैयार है।
आपसे निवेदन है कि आप युवा मित्रों का बहाली का आदेश देकर रोजगार दो
राजस्थान की भाजपा सरकार ने अगर युवा मित्रों की नहीं सुनी तो फिर से बनेंगे 'वीरू'।
कड़ाके की सर्दी में भरी बारिश में 70 दिन तक जयपुर के शहीद स्मारक में बैठे रहे थे।
सरकार का आश्वासन फैल हो गया, हर वादा फैल हो गया,@1stIndiaNews@BhajanlalBjp@AmitShah@BJP4Rajasthan@narendramodi
5000 युवा मित्रों को बहाल करो राजस्थान सर��ार l 2.6 वर्ष से बेरोजगार है l बेरोजगारी के सदमे के कारण 8 युवा मित्र ईश्वर को प्यारे हो गए है युवा मित्रों को अटल प्रेरक भर्ती में समायोजित करो राजस्थान सरकार l
@1K_Nazar @1stIndiaNews @8PMnoCM @aajtak @RajCMO @arvindchotia @PMOIndia
अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना के लिये चयनित किये जाने वाले अटल प्रेरकों के चयन में राजीव गाँधी युवा मित्रों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।@bajanlalji @1stIndiaNews
@anilmee91668583 माननीय मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जी से विशेष निवेदन है कि 5000 युवा मित्रों को अटल ज्ञान केन्द्र दिश��� निर्देश में संशोधन करके युवा मित्रों को प्राथमिकता देने की कृपा करे
#हनुमान_किसान
#राजस्थान_बेरोज़गार_यूनियन
अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना के लिये चयनित किये जाने वाले अटल प्रेरकों के चयन में राजीव गाँधी युवा मित्रों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।@bajanlalji @1stIndiaNews