संसद के सामने “हज़ारों” की भीड़,
फिर भी उस “अराजक” भीड़ को “कंट्रोल”
करने के लिये दिल्ली पुलिस ने सिर्फ़ 20 टीयर गैस शैल चलाये “सिर्फ़-20”
बैरिकेटिंग तोड़ कर लोग “संसद” में घुसना चाहते थे, तो क्या पुलिस हाथ पे हाथ रखकर लोकतंत्र के मन्दिर की गरिमा को तार-तार होने देत���,
पुलिस के जवानों पर हमला करते हुए हज़ारों वीडियो वायरल हो रही हैं लेकिन “नैरेटिव” ये गढ़ा जा रहा है के पुलिस ने बर्बरता की,
क्या देश की सुरक्षा के “दायित्व” का निर्वहन करना गुनाह है, राष्ट्र सर्वोपरि के सूत्र को ध्यान में रख कर सोच के बताइयेगा के अगर तुम “पुलिस”
में होते तो क्या करते…..?
भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थी हैं। आज केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री @dpradhanbjp जी का अपने पद से इस्तीफा इसी को दर्शाता है।
मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक के विरुद्ध आवश्यक सुधारों के लिए कटिबद्ध है। पेपर लीक के दोषियों को कठोर दंड मिले, इसके लिए मोदी जी द्वारा लिए गए निर्णय सराहनीय हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन कदमों से NEET परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा।
धर्मेंद्र प्रधान जी ने अपने कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं की व्यवस्था, पीएम श्री विद्यालयों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास एवं उद्योग-अकादमिक समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी उनके प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं। उनका कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक है।
टीवी टुडे ग्रुप से जुड़े संजीव पालीवाल जी को लड़कियों का भद्दी भद्दी गलियां देना कांफिडेंस लगा, तो बगल वाली वीडियो का यह लड़का कुछ ज्यादा ओवर क��न्फिडेंस में आ गया। उसे लगा कि जब लड़की हूं गाली दे सकती हूं तो मै तो लड़का हूं तो क्या नहीं कर सकता !
लेकिन यूपी पुलिस ने ओवर कॉन्फिडेंस निचोड़ कर निकाल दिया !
शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मामला नहीं दर्ज होना चाहिए, लेकिन ऐसे अराजकों पर मामला न दर्ज हुआ, वापस हुआ तो फिर आगे इससे भी बुरा होने से कोई रोक नहीं सकता
टुकड़े टुकड़े वाले डफली गैंग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। जब जंतर मंतर पर ये नफरती कीड़े नरेन्द्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां को भद्दी भद्दी गलियां दे रहे थे, उन्हें गोली मारने के नारे लगा रहे थे तब दुर्भाग्य से राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव किसी ने भी यह नहीं कहा कि यह गलत है। बल्कि ये लोग तब तालियां पीट रहे थे। यह���ं तक कि कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके या सौरव दास ने भी एक बार भी इस नीचता की निंदा नहीं की। लेकिन नरेन्द्र मोदी ने एक ही रील बनाकर न सिर्फ इन नफरतियों का खेल खत्म कर दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर एक नया रिकॉर्ड भी बना दिया। #DoTook
एक रिपोर्ट के अनुसार -
काकरोच आंदोलन के बाद मोदी जी की लोकप्रियता में और अधिक इजाफा हुआ है। आइए हम ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर लेते हैं।
क्या आप लोग मोदी जी को पसंद करते हैं...
● हाँ....
● नहीं....
The protest in the name of students has been anything but peaceful.
This new video captures the brutal assault on ACP Vivek Bhagat on Wednesday at around 8:30 PM.
Two students courageously tried to save ACP Bhagat from potentially fatal injuries, shielding him with their bodies and protecting his head with their hands.
Yet, the mob that had infiltrated the protest continued to rain blows on him with fists and batons.
Those leading this agitation at the behest of their political sponsors cannot evade responsibility. They cannot issue pious statements while disowning the radical elements operating within their ranks. If they have lost control of the movement they unleashed, perhaps it is time they turned to their political mentors to rescue them.
लोकतंत्र की योया की परिभाषा बता रही है कि, लोकतंत्र में इनका विश्वास समाप्त हो चुका है। यह जो चाहते हैं, २० को इन्होंने किया। आगे और करेंगे। सरकार को तय करना है कि, लोकतंत्र में विश्वास रखते हुए जिन्होंने मत देकर सरकार चुनी है, उनका विश्वास कैसे बना रहे। उसके लिए जो करना पड़े, करना चाहिए।
Cockroach Janta Party को फंड करेगा खालिस्तानी Gurpatwant Singh Pannun
'हिंदुस्तान के छोटे-छोटे टुकड़े करने के लिए CJP को लग��ग 10 करोड़ रुपए देगा SFJ'
आतंकी पन्नू आम आदमी पार्टी को भी 133 करोड़ रुपए देने की कर चुका है बात
ये हिंसक भीड़ आखिर क्या करना चाहती ह���?
हजारों की हिंसक भीड़ एक अकेले पुलिस वाले पर हमला कर रही है?
आखिर इस पुलिस वाले कि क्या गलती है?
क्या इस पुलिस वाले का परिवार नहीं, घर नहीं, बच्चे नहीं हैं?
क्या इस पुलिस वाले ने नीट का पेपर लीक करवाया?
अगर नहीं तो इन्हें सजा क्यों?
आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिस प्रकार का कृत्य किया है, वह न केवल अशोभनीय है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत और अत्यंत निंदनीय है। नेता प्रतिपक्ष जिस गरिमा का पद है, उस पद को भी राहुल गांधी गंभीरता से नहीं लेते हैं, ये उनके व्यवहार में साफ दिखाई दिया।
लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है��� जब विरोध अपनी मर्यादा की सीमाओं को लांघ देता है, तब वह अराजकता का रूप ले लेता है। हम लगातार कहते आए हैं कि राहुल गांधी आज रचनात्मक विपक्ष की बजाय अराजकता के प्रतीक बन कर रह गए हैं।
संसदीय लोकतंत्र में कुछ पद ऐसे होते हैं, जो किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के होते हैं। प्रधानमंत्री केवल किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि हैं। वे देश की जनता की आस्था, विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक हैं।
ऐसे में प्रधानमंत्री आवास की ओर जिस प्र��ार से माहौल को तनावपूर्ण और अव्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया, वह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं के प्रति असम्मान का परिचायक है।
आज की घटना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के राजनीतिक इतिहास का एक काला दिन है। हमने भी वर्षों तक विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका निभाई है, लेकिन कभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संसदीय परंपराओं का उल्लंघन नहीं किया।
जिन ���ुद्दों को लेकर हमारे छात्र विषय रख रहे हैं, सरकार उस पर चर्चा करना चाहती है। राहुल गांधी ने स्वयं जो शर्तें रखीं, सरकार ने उन्हें भी स्वीकार किया। लेकिन जब संवाद और समाधान का अवसर आया, तो वे अपनी ही शर्तों और अपने ही रुख से पीछे हट गए। यह उनके राजनीतिक आचरण में अस्थिरता और अपरिपक्वता को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी
Rashtra ke dushmano ko kisi bhi halat me mafi nhi milni chahiye…Sarkaar badlni hai to chunaaw lado aur khud ki hasiyat ko ajma lo .. bas yahi ek rasta hai .. yahi loktntra hai ..ab ek Rashtra Surakshya Party ki sakht Jaroorat hai …sabhi rashtra bhakt aage aayen!
रील बनाने और वायरल होने के चक्कर में कुछ युवा प्रदर्शनकारी ज्यादा ही ज��श में आ गए।
पर रील बनाने के जोश में ऐसे भी होश मत के खो दीजिए कि बाद में अपने परिवार और देश के सामने शर्मिंदा होकर हाथ जोड़कर सबसे माफी मांगनी पड़े।
कांग्रेस का काला अध्याय
108 . 2 जुलाई 1972 आज ही के दिन शिमला समझौता भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी तथा पा��िस्तान के प्रधानमंत्री ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो के बीच में हुआ ।इंदिरा गांधी जी के इस निर्णय ने भारतीय सेना तथा जनता के मनोबल को तोड़ने का काम किया ।भारत ने छम्ब सेक्टर में जीते हुए क्षेत्र को पाकिस्तान के हवाले कर दिया,पकड़े गए लाखों सैनिकों को लौटा दिया,हमारे कश्मीर को दुबारा पाकिस्तान के हाथों में सौंप दिया ।लड़ाई इतनी बढ़ी की फ़ील्ड मार्शल मानेकशॉ जिन्होंने 1971 युद्ध का नेतृत्व किया उन���ा वेतन और पेंशन तक छीन लिया, इस लड़ाई के कारण विजेता ��क्षामंत्री जगजीवन राम जी का विभाग छीन कर उन्हें कृषि मंत्री बना दिया गया ।अंततः आपातकाल लगा दिया गया ।मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति ने नेहरु गांधी परिवार ने देशवासियों,सैनिकों, किसानों के साथ हमेशा धोखा किया,अन्याय किया
#CongressDarkHistory
जज तब्बूसुम ख़ान ने जिन 14 गौ रक्षकों को उम्र क़ैद की सजा सुनाई है।
कितने कट्टर हिंदू भाई बहन हमारे गौ रक्षकों के साथ है।
आवाज दूर तक जानी चाहिए।
वो लोग आतंकवादियों के साथ तक खड़े हो जाते है,हम अपने गौ रक्षकों के साथ भी खड़े नहीं हो सकते।
@PMOIndia@HMOIndia@DrMohanYadav51@narendramodi@AmitShah
पंजाब में बेरोज़गार युवा GenZ Students शांतिपूर्वक प्रोटेस्ट कर रहे थे तो तानाशाह केजरीवाल-मान ने कुछ इस तरह उनपर बेरहमी से लाठियाँ चलवाई।
देखिए कैसे क्रूरता से युवाओं को मारा-घसीटा जा रहा है…
अगर तिलचट्टों को सचमुच इस देश के नौजवानों की चिंता होती तो चिलचट्टों को सीधे भगवंत मान के घर के बाहर धरना-प्रदर्शन करने जाना था, लेकिन इनका लक्ष्य दे़श में अराजकता फैलाना है।