Twitter needs few people who just read and rtwt to the ppl they agree with and hold their anger to the ones they disagree with to avoid getting blckd, that's me
मुझे तो लगता है कि साहिल ने पकड़े जाने के बाद अपने पिता के डर से ही आत्महत्या की होगी..पिता को देखकर सुनकर बहुत कुछ साफ हो रहा है..आत्महत्या की वजह शिक्षक की डांट के बजाय पिता का खौफ भी हो सकता है...
हो सकता है बच्चे पर इंजीनियर बनने का दबाव रहा हो..और ये कोई नई बात नहीं है..ऐसा अक्सर होता भी है..वो डर गया होगा कि पिता अब क्या करेंगे/कहेंगे!!!
किसी का बच्चा चला जाए और वो बिना देरी किए पैसों की मांग करने लगे तो कुछ तो अटपटा लगता है.. किसके सिखाए पर चल रहा है ये परिवार?
अगर बच्चे को वाकई परेशान किया जा रहा था तो ये पिता तीन महीने चुप बैठते? पहले ही SC/ST act लगा चुके होते प्रोफेसर पर..
अगर वाकई बच्चे को तंग किया जा रहा होता तो वो भी तो कुछ लिख सकता था पर उसने ऐसा नहीं किया..
बेवजह अपने ही बेटे का वीडियो वायरल करा दिया पैसे के लालच में..बहुत बुरा लग रहा है साहिल के लिए..बच्चा चला गया है..इस वीडियो को चलाने की ज़रूरत ही नहीं होनी चाहिए थी! Its painful!!
#ReviewSCSTAct
बिहार सरकार के लिए निर्धन और आवासहीन केवल SC/ST/OBC/EBC में हैं। यानी सामान्य वर्ग की जातियों से टैक्स लो और उनकी जातियों के लोगों को किसी भी स्कीम का लाभ मत दे। यही बकलोली इन्होंने हर योजना में कर रखी है। समाज को पूछना चाहिए कि हमारे पैसे का लाभ हमारी ही जाति के निर्धनों को क्यों नहीं दिया जा रहा? हर बात क्या जाति देख कर ही होगी?
Agree.
Shubham Sharma is the one who started talking about misuse of SC/ST act when no-one did.
He deserves credit for the awareness he created about this act, at a time when most people were unaware or afraid to talk about it.
Good work @Shubham_fd 🙌
The amount of courage that @yogrishiramdev possesses is just amazing. He took Antonia Maino head-on, risking his vast enterprise. At a time when she was uncrowned tyrant in our country.
Now, he has the gall to take on the casteist incumbents head-on.
Amazing man.
जाति और गोत्र पर उनका लिखा पढ़ लीजिएगा। राष्ट्रवाद पर भी। और हाँ, ‘उतरा कहाँ स्वराज? बोल दिल्ली तू क्या कहती है’ भी अच्छी है।
आप एक गोबर नेता बन चुके हैं जिसे न राष्ट्र से मतलब है, न धर्म से, न समाज से। कॉपी-पेस्ट बकलोली होती रहनी चाहिए बस!
मोदी की विरासत:
अपनी राजनीति को धर्म और मुस्लिम विरोध के ऐसे रैडिकल शिखर पर ले गए कि विपक्षी राजनीति को जाति के कुएँ में उतार लाए। फिर, बजाए इसके कि मोदी विपक्ष को काउंटर करते; विकास, राष्ट्रवाद, मुस्लिम मुद्दा, धर्म या संस्कृति की राजनीति करते; उन्होंने ख़ुद ही कुआँ खोदना शुरू किया और अपने सभी समर्थकों को शिखर से उतार कर ले गए उसी अंधेरे कुएँ में। कुएँ के तल पर पहुँचते ही कुछ ने जान लिया कि वो निपट चुके हैं पर कुछ को अभी भी कुएँ के भीतर से 2047 का सुनहरा शिखर दिख रहा है। वो अंधेरे में ऊपर आकाश की तरफ़ देखकर भजन में लीन है। धर्म, देश, मुस्लिम राजनीति सब पीछे छूट गए उस शिखर पर और हाथ लगा जाति का अंधकार। पर खुश हैं कि कमसेकम ये कुआँ कांग्रेसी, सपाई या किसी विपक्षी का नहीं है, ये कुआँ हमारे नेताजी का है। उन्होंने बनाया और हमे इसमें कुदाया है तो कुछ सोच समझकर ही किया होगा।
बात हल्के में कही गई है पर संदेश गंभीर है। जितनी जल्दी आँखे खोलोगे उतनी जल्दी आप कुएँ की सच्चाई से वाक़िफ़ होंगे।
Some of the papers coming out of IIT-B Dept. of Humanities:
“Conceiving sexuality through a subaltern lens”
“Biopolitics and Im/Possible Citizenship: Gender, Epidemiology and ‘Panoptic Citizenship’ in India”
“Nuptial Hermeneutics: Love, Political Philosophy and Same-Sex Unions in India”
“Ambedkar’s Understanding of Marxism and Buddhism: Historical Conjectural and Spiritio-Secular Exegesis”
“Cosmopolitan Sexuality”
“Communism Nationalism & Non Braminism in Early Twentieth Century Madras Presidency”
“Faith-based Humanitarianism towards Rohingya Refugees in Hyderabad”
“Decolonizing Intersexuality from India, Global South, Anthropology, Medicine and the City Spaces”
पूरा का पूरा दक्षिण पंथ ऐसे ही झूठे लोगों की जमात है। हर चीज़ में जाति घुसेड़ने वाले दिलीप मंडल को गोद में बिठाकर CIA, CCP और वैटिकन राग गाया जा रहा है। जो मंडल सिर्फ़ जाति सूँघते हैं उन्हें मिनिस्ट्री में इसी सरकार ने बिठाया और पहली बार राज्य-स्तर से आगे बढ़कर केंद्रीय-स्तर पर जातिवादी भसड़ सरकार के नुमाइंदे ने की। जो मंडल विदेश मंत्रालय तक में जायसवाल जी की जाति ढूँढ लाए वो इनके सगे हैं। और ये सब मंडल जी, CIA और Vatican के कहने पर कर रहे हैं।
यूजीसी की नियमावली जिसमे जानबूझकर ओबीसी को रिझाने के लिए ओबीसी को एससी एसटी के साथ क्लब करके जनरल के ख़िलाफ़ किया गया ताकि बैकवर्ड vs फॉरवर्ड की क्षेत्रीय राजनीति को मोदी राष्ट्रीय स्तर पर कर सकें। ये भी CIA, CCP और Vatican ने करने को कहा था।
रोहिणी आयोग की सिफारिशों को ठंडे बस्ते में डालने को वेटिकन ने ही कहा है ताकि ओबीसी का कन्वर्ज़न वो कर सके।
एससी एसटी के वर्गीकरण की इजाज़त CIA के न चाहने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने दे दी। फिर सरकार CIA के समक्ष झुक गई और उसने केंद्र के स्तर पर वर्गीकरण न करने का फैसला किया।
वैटिकन चाहता था कि जातीय जनगणना हो ताकि किसके सोल को हार्वेस्ट किया जाए पता चल सके। इसीलिए सरकार को इस माँग के समक्ष झुकना पड़ा।
सब बाहर से हो रहा है, या अंदर में विपक्ष की तरफ़ से हो रहा है। ये लोग तो बस सरकार में ऐसे ही आ गए हैं और ज़्यादा बोलिएगा तो एहसान जता देंगे कि तुम्हारी हिंदू एकता के लिए ही तो आए थे, अब तुम्हें नहीं चाहिए तो भाड़ में जाओ। और ज़्यादा बोलिएगा तो ये झोला उठाकर जाने की धमकी भी दे देंगे। हालांकि वो धमकी ही होगी, ये कहीं जायेंगे नहीं।
चंद्रशेखर रावण को अनुमति ना मिलना भाजपा सरकार की मिलीभगत है। सरकार को लगता है कि वो ये सब दिखा कर RHA वालों को यह दिखा देंगे कि देखो हमने इन्हें भी अनुमति नहीं दी। बिना अनुमति भी वो आएँगे, और हम चाहते हैं कि वो उसी रूप में आएँ जिसके लिए वो जाने जाते हैं।
मैं रावण का विरोधी हूँ, मुझे वह व्यक्ति और नेता, दोनों ही स्थिति में, बिल्कुल भी पसंद नहीं, फिर भी प्रदर्शन उसका संवैधानिक अधिकार है। सरकार को हर प्रदर्शन को अनुमति देनी चाहिए, या दो-तिहाई बहुमत से 'प्रदर्शन के मौलिक अधिकार' को संविधान से हटा देना चाहिए।
सरकार संभवतः भूल गई है कि 8 मार्च को मुझे और अन्य लोगों को कई स्थानों पर अवैध रूप से हाउस अरेस्ट किया था। कुछ दिन बाद ही स्वामी प्रसाद मौर्य को प्रो-UGC प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी उसी जंतर मंतर पर। पटना में भी प्रो-UGC रैली की अनुमति दी गई थी।
इसलिए, यह पैंतरेबाज़ी बंद करो। चंद्रशेखर रावण को दल-बल के साथ प्रदर्शन की अनुमति मिलनी चाहिए। आपका ही पाला हुआ है, करने दीजिए ना! प्लीज़... पीलीज!
Moral Advice👇
Your reaction should depend on whether he is a Nationalist Thief or Anti-national Thief.
If he is Nationalist thief, please get implicated under special act, for the sake of "Hindu Ekta".
Hope it clarifies.
He is right. A member of my family Padma Shri Prof VN Adarkar, who studied Industrial Design in England and later became the Dean of the JJ Institute of Applied Arts, was also similarly requested and he established the famous school of Industrial Design in IIT Bombay. A lot of efforts and sacrifices have gone into building such institutions which Modi is destroying on the directions of his dhandho and foreign masters.
Supreme Court refused to entertain a PIL challenging the constitutional validity of several provisions of the Scheduled Castes and Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989, alleging that they violate fundamental rights under Articles 14, 21 and 22.
The plea sought directions to protect the life, dignity and personal liberty of citizens while ensuring that the Act's provisions are not misused.
Having visited at least 2 top IIMs to deliver lectures and interacted with the management and students, I believe we must next anticipate an IIT Bombay like situation in IIMs. The Ambedkarite-Periyarite activism in these institutions has reached alarming levels. Wait and watch.
मायावती वाला 91% आरक्षण 2025 में रद्द हो गया था!
कोर्ट में योगी सरकार ने undertaking दी कि 2026 में 50% आरक्षण ही देंगे!
लेकिन 2026 में अपनी ही undertaking झुठला कर, 91% आरक्षण फिर से दे दिया!
अब कोर्ट ने फिर रोक दिया तो 91% आरक्षण जस्टिफाई करने सुप्रीम कोर्ट भी जा रहे हैं!
अब भी मायावती को blame करना है??