I’m neither a BJP supporter nor a Congress supporter. But what is happening to the students is completely wrong.
The students who came forward with genuine issues should not have been subjected to violence. Their concerns deserve to be heard, and appropriate action should be taken.
I’m neither a BJP supporter nor a Congress supporter. But what is happening to the students is completely wrong.
The students who came forward with genuine issues should not have been subjected to violence. Their concerns deserve to be heard, and appropriate action should be taken.
जब मानसून सत्र के दौरान यह महामानव जी संसद में आए तो मीडिया के सामने प्रस्तुत हुए इनसे मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्टूडेंट का प्रोटेस्ट हो रहा था लग रहा था कि महामानव जी युवाओं से अपील करेंगे की शांति बनाए रखिये ,लेकिन यह तो यहां पर भी आकर राजनीतिक कटाक्ष कर रहे है। #संसद_मार्च
देश के युवाओं को सबसे पहले इन मीडिया चैनल के स्टूडियो में घुसना चाहिए मैं मजाक नहीं कर रहा इन लोगों का इलाज बहुत ज्यादा जरूरी है इस देश की बरबादी की मूल जड़ यही है इस जड़ को ही काट दो।
#संसद_मार्च#cjp_पार्टी#abhijitdipke#cockroachjantaparty
मोदी सरकार अहंकार में है।
आज जिस बेशर्मी और बेरहमी से निर्दोष, निहत्थे, न्याय माँग रहे विद्यार्थियों पर लाठियाँ और आँसू गैस के गोले बरसाये गए, वो इस बात के सबूत हैं कि ये सरकार शिक्षा और युवा विरोधी है।
प्रधानमंत्री की चुप्पी कायराना और शर्मनाक है।
आज जंतर-मंतर के ऐतिहासिक प्रदर्शन में शामिल जिन साथियों को पुलिस कार्रवाई के बाद किसी भी तरह की मेडिकल या कानूनी सहायता चाहिए, वे मुझे DM करें। पूरी जानकारी और अपना संपर्क लिखें। हम आप तक पहुँचने की पूरी कोशिश करेंगे।
#संसद_मार्च#CJPProtest
दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज करना और आँसू गैस के गोले दागना पूरी तरह ग़लत है। मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।
पेपर लीक जैसे बेहद गंभीर मुद्दे पर सरकार को छात्रों की माँगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनसे संवाद करना चाहिए, न कि बल प्रयोग का रास्ता अपनाना चाहिए।
छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान किया जाना चाहिए।
सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेना चाहिए और परीक्षाओं में हो रही धांधली को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग को लेकर कई बार सरकार को घेरा है।
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की मैं कड़ी निंदा करता हूँ। तानाशाही पर आमादा मोदी सरकार यह समझ ले कि लाठियों के बल पर न सच को दबाया जा सकता है और न ही न्याय की गूंज को।
आज युवा भी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि एक समय पर युवाओं ने बड़ी संख्या में भाजपा के झूठे प्रचार के जाल में फंसकर श्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में वोट किया परन्तु प्रधानमंत्री मोदी ने इनकी आवाज को दबाया है।
अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे युवाओं की आवाज़ को कुचलना लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। यह देश बाबासाहेब के संविधान और पंडित नेहरू के लोकतांत्रिक मूल्यों से चलेगा, न कि भाजपा की तानाशाही से!
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा विरोधी प्रधानमंत्री हैं- इतने युवा विरोधी कि नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
जब बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए तो जवाब में लाठी और हिरासत मिली।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।