हमारी आवाज उठाई इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की
@ashokgehlot51 साहब आपने हमेशा संविदाकर्मियों की आवाज सुनी है 🙏
हम PanchayatShikshak VidhyalaySahayak 10 साल से नियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं
कांग्रेस सरकार में हमें उम्मीद थी, अब भाजपा सरकार से भी वही उम्मीद है
#Regularize_PS_VS #कोहनी_पर_गुड_नहीं #संविदाकर्मी_नियमित_करो #डिजिटल_क्रांति
ठेकाकर्मियों को लेकर अपना विज़न स्पष्ट करे भजनलाल सरकार :
अभी मैं ठेका प्रथा (Contract) पर काम करने वाले लोगों से मिला। वे लोग भारी तकलीफ में हैं। हमारी सरकार के समय अस्पतालों और अन्य जगहों पर काम करने वाले करीब 1 लाख संविदा कर्मी थे, जिन्हें हमने स्थायी (Permanent) करने का फैसला किया था। लेकिन सरकार बदलते ही वह काम रोक दिया गया। आज वे लोग रो रहे हैं, गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सरकार ने तो जैसे किसी की सुनवाई न करने की कसम खा रखी है।
आप उनकी दयनीय स्थिति देखिए—20-25 साल से काम करने के बावजूद उन्हें मुश्किल से 7-8 हज़ार रुपये मिलते हैं। उनके जीवन स्तर को सुधारने और बेहतर मानदेय दिलाने के लिए, हमने पूर्व सैनिकों की तर्ज़ पर एक संस्था (एजेंसी) बनाई थी, जिसके माध्यम से उन्हें काम मिलना था। लेकिन सरकार बदलते ही वह योजना भी बंद कर दी गई।
मैं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी से आग्रह करना चाहूंगा कि जनहित (Public Interest) के कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनमें यह नहीं देखा जाना चाहिए कि फैसले पिछली सरकार के हैं। नई सरकार को यह देखना चाहिए कि उन फैसलों को कैसे लागू किया जाए, जिससे गरीबों, कर्मचारियों और समाज के हर वर्ग को उसका सीधा लाभ मिले।
संविदा कर्मियों को नियमित (Regular) कैसे किया जाए, उन्हें पक्का कैसे किया जाए—इन तमाम मुद्दों पर सरकार को आगे आकर अपना विजन स्पष्ट करना चाहिए और जनता को विश्वास में लेना चाहिए।
@snatnirani सिर्फ नाम का परिवार नही चाहिए। हमारे आँखो के आंसू दिखते नहीं? कौन हमारे दर्द को समझ सकेगा।
हमारी आवाज कौन बनेगा?
#Regularize_PS_VS मीडिया भी हमारे दर्द से बेखबर है।
@agni_hotrika सिर्फ नाम का परिवार नही चाहिए। हमारे आँखो के आंसू दिखते नहीं? कौन हमारे दर्द को समझ सकेगा।
हमारी आवाज कौन बनेगा?
#Regularize_PS_VS मीडिया भी हमारे दर्द से बेखबर है।