Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
ये एक बेहद गंभीर समाचार है कि पिछले 10 महीनों में 2 चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के गलत निर्णयों पर 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज़ कराई है।
इसका सीधा मतलब ये है कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और ख़तरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा स��्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले!
आदरणीय @ArvindKejriwal जी
आपकी ऑनलाइन सेना चाहती है कि मैं पंजाब को लेकर खुल कर लिखूँ। पंजाब में क्या कुछ चल रहा है ये तो वहां के पत्रकार साथियों से जानकारी मिलती रहती है। हालत आपको भी पता है। वादा है कि समय समय पर पुख़्ता और तथ्यात्मक तौर पर तैयार की गई वहाँ की रिपोर्ट जनता के सामने रखता रहूँगा। अपनी ऑन लाइन सेना को कहिए थोड़ा ठंड रखे। गाली गलौज क�� लिए पूरी उम्र पड़ी है।
शुभकामनाएँ
तेल खाने को मना किया पीएम मोदी ��े तो जलाने को क्यों नहीं मना किया?
बहरहाल 7.8 ग्रोथ रेट वाली अर्थव्यवस्था में आम जन के लिए दीए के तेल की क़ीमत जाननी हो तो ये वीडियो देखिए…
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिय�� जाता है।
जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़िम्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर र��जनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
🚨Ravi Shastri was born in 1962.
1971: India divided Pakistan and helped liberate Bangladesh.
1983: India won its first-ever Cricket World Cup, and Ravi Shastri was part of the Indian team.
1999: India defeated Pakistan in the Kargil War.
2008: India launched Chandrayaan-1 and became the first country to detect evidence of water molecules on the surface of Moon.
2009: BRICS was formed, and India was one of its founding members under the leadership of former PM Dr. Manmohan Singh.
2011: India won its second ODI Cricket World Cup.
But Ravi Shastri had never felt prouder to be an Indian than before seeing Putin, Xi Jinping and PM Modi together at the BRICS Summit in India. 😭
मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z,
आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।
मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है।
नीचे दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।
आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।
https://t.co/LJKkkNMrGM
#ChhatronKiGoonj
शेखर सुमन को कोई तो रोको
कॉमेडी किंग शेखर सुमन ने गोदी मीडिया की वॉट लगा दी 😂
शेखर सुमन----
नॉर्वे Press freedom Index में नंबर 1 है मैं तो कहता हूं कि ये सब झूठ है
क्योंकि हमारे दे�� में मीडिया को जितनी फ्रीडम है जितनी आजादी है उतनी दुनिया में कहीं नहीं है
हमारा मीडिया जब चाहे जो चाहे जैसी चाहे वैसी खबर कभी भी चला सकता है तो बताइए फ्रीडम यहां है कि नॉर्वे में है
हमारा मीडिया जिंदा एक्टर्स को मार सकता है युद्ध के समय पड़ोसी देश के सीनियर लीडर्स को गिरफ्तार करवा सकता है
हमारा मीडिया दुश्मन देश के बड़े शहरों पर कब्जा कर सकता है
हमारा मीडिया सरकार के ��ाथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना तो छोड़िए जुबान से जुबान मिलाकर साथ चल सकता है
इतनी आजादी है यहां पर कि जो खबर है ही नहीं उसे भी खबर बना सकते हैं और जो खबर है उसे कब्र में दफना सकते हैं
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori