जगत जीव का निर्माण कर्ता ब्रम्हदेव जी के चित्त से आदिर्भाव देवपुत्र श्री चित्रगुप्तजी की मा��सिक जाप से चित्त शान्त, वुद्धि स्थिर तथा सत्तकर्म प्रवृत्ति की विकाश निश्चित होताहै, ईश में संशय नहीं। जय श्री चित्रगुप्त देव्यै नमो नम :
जय चित्रांश ।।
🦚जीवन में किसी पर दया करोगें तो वो याद करेगा क्योकि दया का उल्टा याद होता है. जीवन में किसी का भला करोगे तो लाभ होगा क्योकि भला का उल्टा लाभ होता है शख्स बनकर नहीं, बल्कि शख्सियत बनकर जियों शख्स एक दिन विदा हो जाता है, शख्सियत जिंदा रहती है! 🦚🙏🙏🙏🙏🙏
*सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणनमोस्तुते.|जय माता दी||•*सुख, शान्ति एवम समृध्दि की *मंगलमयी कामनाओं के साथ ,आप को नवरात्री की हार्दिक मंगल कामनायें। माँ अम्बे आपको सुख समृद्धि वैभव ख्याति प्रदान करे। जय माँ भवानी।नवरात्रीकीहार्दिक शुभकामनाएं
जो पिता के पैरो को छूता है, वो कभी गरीब नहीं होता। जो मॉं के पैरो को छूता है, वो कभी बदनसीब नहीं होता। जो भाई के पैरो को छूता है, वो कभी गमगीन नहीं होत���। जो गुरू के, पैर छूता है ,उस जैसा कोई खुशनसीब नहीं होता ।
जय चित्रांश,
अच्छी नसीहतों का असर आजकल इसलिए नहीं होता क्योकि लिखने और पढ़ने वाले दोनों ये समझते हैं कि ये सिर्फ दूसरों के लिए हैं राधे ,समस्या देखकर जीवन में कभी हार मत मानों, क्या पता इस समस्या के अन्दर, तुम्हारी एक बडी़, शुरू - आत छुपी हो, अगर कष्ट बडा़ हो तो, कामयाबी भी बडी़ ही मिलेगी!
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*किसी की बुराई तलाश करने वाले इंसान की मिसाल*
*उस मक्खी की तरह है जो सारे खूबसूरत जिस्म को छोड़कर*
*केवल जख्म पर बैठती है*
*शुभ प्रभात*
🌹💐🍁🌺🌷🙏🌸🌻💐🌹🍁🌺🙏 अनिल कर्ण M2KC🙏🌹