एक सोने का पिंजरा, एक छोटी सी बाड़ी
एक टूटा खिलौना, एक लंबी सी गाड़ी
एक चेहरे के ख्वाबों मे तिनका सुनहेरा
एक सोने के तिनके का रोशन सा चेहरा
एक बेसुध सा पत्ता, एक मौजो की डाली
एक छोटा सा किस्सा, एक ग़ज़ल सुहानी
एक फूलों का दस्ता, एक चौखट की झाड़ी
एक सोने का पिंजरा..
कशिश
"राग और राख"
मिटी हूँ उनपे जल से आग जैसे,
बनें वो रस का उफ़...कोई राग जैसे,
मैं उनको जगमगाता सोचती हूँ,
छुपा है एक जहाँ मे दो जहाँ का चाँद जैसे।
- कशिश