मानना पड़ेगा नितिन गडकरी जी ने वाकई स्पेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है सड़कों और फ्लाइऑवर बनवाने में !!
बिहार के मुंगेर में ₹3792 करोड़ की लागत से बन रही फोरलेन सड़क उद्घाटन से पहले ही जगह-जगह दरक गई!!
एक काबिल साइंटिस्ट अपनी जान दाँव पर लगा दिया है।
कॉकरोचों जंतर मंतर से संसद तक भर दो 20 जुलाई को,
NEET से बड़ा Exam चल रहा है।
नीति का एग्ज़ाम चल रहा है, नीयत का एग्ज़ाम चल रहा है।
@Wangchuk66@Cockroachisback
अपना Bro छात्रों के आंदोलन में गया
अपना Bro पहलवानों के आंदोलन मै गया
अपना Bro CAA/NRC आंदोलन में गया
अपना Bro किसान आंदोलन में गया
अपना Bro मजलूमों के लिए सड़को पर लड़ा
अपना Bro हर उस आंदोलन में गया जहां अन्याय के खिलाफ न्याय की आवाज बुलंद की जा रही थी .!!
मुझे अपने Bro @BhimArmyChief पर गर्व है ❣️❣️
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर धीरे-धीरे देशभर में आंदोलन शुरू हो रहे हैं 🚨
जयपुर में NSUI के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने सड़कों पर उतरकर पेपर लीक मुद्दे सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरा व इस्तीफे की मांग की
क्या लगता है, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे??
अपनी जवानी देश की सीमाओं की रक्षा पर खर्च करने के बाद अब बुढ़ापे में देश को अंदरूनी खतरों से बचाने के लिए एक भूतपूर्व सैनिक मैदान में है 👇🏻
90 वर्ष के ये बुजुर्ग आज जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में पहुंचे और कहा कि- "हिम्मत मत हारो"
अगर इतने बुजुर्ग नागरिकों को किसी मुद्दे पर सड़क पर आना पड़ रहा है तो यह निश्चित रूप से सरकार की विफलता है, शर्मनाक....!!
गौतमबुद्ध नगर के गेजा गांव (थाना फेस-2) में सीवर में उतरने से एक सफाई कर्मचारी की दर्दनाक मौत हो गई। 14 जुलाई की घटना के बाद सीवर में उतरने के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर हत्या सहित एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग उठ रही है।
#valmiki #deathinsewer #gautambuddhnagar #up
कुर्सी तो है आपका जनाज़ा थोड़ी है,छोड़ क्यों नहीं देते,
@BhimArmyChief ने सही कहा,कुर्सी के लालचियों को अब जनता की आवाज सुननी ही होगी,लोकतंत्र तानाशाही से नहीं संवाद से मजबूत होता है,,यदि सत्ता जनता के सवालों को नहीं सुनती तो वह सरकार निरंकुश है और जनता को कमजोर समझती है,
Baat toh Sahi hai @nitin_gadkari ji. If you don't want E-20, You have to pay more. That is, Rs. 170 per liter.
Now stop comparing prices of 100% Petrol in India, Pakistan, Nepal, Bangladesh, Sri Lanka and China. Only Soros funded Anti Nationals will do such cheap comparisons.
आगरा में एक घर के फ्रिज में जमी बर्फ़ को शिवलिंग मानकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। घर अब धीरे-धीरे मंदिर में तब्दील होता दिख रहा है।
कमाल है! जिस फ्रिज का काम दूध, सब्ज़ी और पानी ठंडा रखना था, वह अब आस्था का केंद्र बन गया है। पाखंड का कारोबार भी बड़ा अद्भुत है न कोई प्रमाण चाहिए, न कोई सवाल। बस एक तस्वीर वायरल होनी चाहिए और फिर चमत्कार तैयार है।
गज़ब का धंधा है। विज्ञान की किताबें अलमारी में धूल खा रही हैं और अंधविश्वास रोज़ नए-नए फ्रेंचाइज़ी सेंटर खोल रहा है।
दलित मजदूर की निर्मम हत्या! 💔
राजस्थान के डीग में मनोज गुर्जर, विष्णु गुर्जर एवं उनके अन्य गुर्गों ने मिलकर धर्मवीर जाटव की निर्मम हत्या कर दी।
इन कायर जातिवादी अपराधियों ने मजदूरी करके वापस आ रहे एक निहत्थे आदमी पर बेरहमी से हमला किया। हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जयपुर रेफर किया गया था। चूंकि हत्यारे गृहमंत्री के सजातीय हैं और स्थानीय स्तर पर उनका प्रभुत्व है, इसलिए पुलिस ने शुरुआत में इस मामले पर कोई FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद पीड़ित परिवार ने मृतक के शव को थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया। भारी आक्रोश के बाद पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली, लेकिन अभी तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रशासन के दबाव के बाद पीड़ित परिवार ने शव को अपने गाँव में रखा हुआ है। परिवार का कहना है कि जब तक मनोज गुर्जर, विष्णु गुर्जर, जवाहर गुर्जर सहित सभी कायर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
भाजपा की सरकार में दलितों की हैसियत देखिए। पहले दलितों को बुरी तरह मारा जाता है, लेकिन पुलिस FIR तक दर्ज नहीं करती। जब पीड़ित की मौत हो जाती है, तो भारी प्रदर्शन के बाद FIR तो दर्ज हो जाती है, लेकिन हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता; सिर्फ इसलिए क्योंकि वे Dominant जाति के हैं? यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सरकार धर्मवीर जाटव हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे, पीड़ित परिवार को सुरक्षा दे एवं मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित कर उन पर सख्त कार्रवाई करे।
पहले अंधविश्वास को अशिक्षा से जोड़ा जाता था। लेकिन इन डॉक्टरों ने तो डिग्रियाँ हासिल की हैं।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। जब कभी भी देश में तर्कसंगत और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाली सरकार होगी इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा।
जब से चन्द्रशेखर आजाद व आजाद समाज पार्टी द्वारा दिल्ली के छात्र आंदोलन को समर्थन दिया गया है, अन्य सामाजिक व राजनीतिक दलों के लोगों ने भी वहां जाना शुरू कर दिया है👇🏻
इसी क्रम में अब बड़े किसान नेता राकेश टिकैत ने भी कल जंतर-मंतर जाने का ऐलान कर दिया है
एक बात तो तय है, सरकार अब इस आंदोलन को ज्यादा समय तक नजरंदाज नहीं कर सकती...!!