बुलंदशहर में 25बैच के सिपाही सुधीर के पेट में तेज दर्द के कारण छुट्टी की मांग की,मुंशी-थाना प्रभारी ने छुट्टी देने के बजाय गाली-गलौच और अभद्र व्यवहार किया जिसके संबंध में ऑडियो वायरल है जिससे जान चली गई,उक्त तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करें
#FIR_AGAINST_SHO_AND_MUNSHI
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके।
एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है।
और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं।
फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय।
मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
''हम दलित-पिछड़े समाज से हैं, हमारी कोई सुनने वाला नहीं है''
- लखनऊ में शिक्षक भर्ती घोटाले से निराश युवा सड़क पर रेंगते हुए अपना हक मांग रहे हैं
दरअसल यूपी की BJP सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का घोटाला किया, जिसने दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं के सपनों को रौंद दिया है।
ये युवा बीते 4 साल से संघर्ष कर रहे हैं, नौकरी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
यही BJP सरकार का दलित-पिछड़ा विरोधी चेहरा है, जो नहीं चाहती कि दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं को नौकरी मिले, उचित हिस्सेदारी और भागीदारी मिले।
लेकिन...
कांग्रेस पार्टी इन युवाओं के साथ खड़ी है ��र उनकी मांग का पूरा समर्थन करती है। BJP सरकार को तत्काल इस पर संज्ञान लेते हुए युवाओं की मांग पूरी करनी चाहिए।
संविधान द्वारा दिये गये आरक्षण के अधिकार को मारनेवाली भाजपा का अंहकार आज अंदर-ही-अंदर बहुत ख़ुश होगा कि सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज आज भी उनके वर्चस्व के आगे दंडवत होकर याचना कर रहा है लेकिन अपने प्रभुत्व के घमंड में चूर भाजपाई और उनके संगी-साथी ये भी याद रखें कि जब आग्रह हार जाता है, तब इंसान सीमाएं लांघ जाता है।
मैं ऊंट चरा रहा हूं निहुर के नहीं चरा सकता..मेरे पुलिस परिवार की पीड़ा है....मैं चिल्ला - चिल्ला के गुहार लगाकर कहूंगा...
पुलिस कर्मियों को भी घूस देना पड़ता है.. हर काम के लिए पैसा देना पड़ता है..!
- सुनील शुक्ला (कांस्टेबल)
UP में 69000 shikshak bharti का क्या विवाद जो 7 साल से निपटा नहीं पाई Yogi Adityanath सरकार?
देखिए पूरा वीडियो @Saurabh_Pinch के साथ.
Full Video:
https://t.co/GYdVtYwwQr
धर्मेंद्र प्रधान जी का कहना है कि ,
जो परीक्षा हुई है उसकी फीस हम लौटाएंगे,
और जो आगे वाली परीक्षा है उसकी फीस जीरो होगी।
बोल तो ऐसे रहे हैं, जैसे सारा खर्च अपनी जेब से उठाएंगे,
दोबारा परीक्षा होगी तो खर्च का भार आम जनता ही उठाएगी।
वैसे तो इस खर्च का भार, धर्मेंद्र प्रधान, पेपर लीक करने वाले आरोपी, NTA के सदस्य इन सब से वसूला जाना चाहिए।
यही वो व्यक्ति है जिन्होंने NEET पेपर लीक की सबसे पहले शिकायत की
शशिकांत सुथार, केमिस्ट्री फेकल्टी , GCI कोचिंग, सीकर ,राजस्थान
शशिकांत ने न केवल पेपर लीक के सबूत जुटाए,
बल्कि निडर होकर थाने से लेकर NTA और मंत्रालय तक अपनी आवाज़ बुलंद की।
#NEET
“यूजीसी” मुद्दे पर जो “सच्चे समर्थक” सरकार की तरफदारी में जी-जान से लगे हुए थे, उनमें से जिनके नाम आपको ध्यान आएं, उनकी वॉल पर जाइएगा।
“नीट पेपर लीक” मुद्दे पर आपको उधर एक शब्द भी दिखाई नहीं पड़ेगा।
ये भक्ति नहीं, बेशर्मी कहलाती है।
इस मुद्दे पर @PhysicswallahAP
को सुनिए..
सुधीजन देखेंगे तो पाएंगे कि @dpradhanbjp का विभाग कितना “अच्छा” काम कर रहा है।
@narendramodi@ajeetbharti@Aamitabh2@AdityaRajKaul
गांव दिहात में बड़का आदमी को हाथ उठाकर नमस्कार मत करो तो वो नाराज हो जाता है.
ग्रामीण भारत की अव्यवस्था ही ऐसी बनी है कि बड़की जात को श्रमिक जातियों के लोग झुककर सलाम करते हैं.
अगर भूल चूक से आपने किसी बाहुबली या दबंग नेता को भी सलाम नही किया तो वो आप पर नाराज हो जाएगा.
भारत एक सामंतवादी देश है. यहां हर आदमी ताक़त मिलते ही फ्यूडल लॉर्ड बन जाता ह���. शहरों में कॉलोनी का वॉचमैन गार्ड की वर्दी पहनकर लोगों से बदतमीजी करता है.
यहां तो मामला आईपीएस अफसर का है. आईपीएस अफसरों को ताक़त केवल कानून या सिस्टम नही देता, बल्कि समाज भी देता है. सलूट नही करने पर अंकिता वर्मा को जूनियर को दुबारा ट्रेनिंग सजा जो दी है वो उसमें एक प्रकार का सामंती अहंकार है.
ईरान के युद्ध के चक्कर में एपस्टीन फाइल को तो नहीं भूल गए ,
इन बार फिर से रिपोस्ट कर याद दिलाओ छोटी बच्चियों के साथ कुकर्म करने वाला यही ट्रंप था।
आज एपस्टीन फाइल से ध्यान भटकाने के लिए ईरान से युद्ध कर रहा है। जी