@narendramodi सर E-20 से लोग वास्तविक परेशान है कि नहीं मुझे नहीं पता ।पर सरकार को चाहिए पुरानी गाड़ियो में बदलाव करे या फिर नई गाड़ियो के लिए E 20 लागू हो । तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गिर गए है तो पुरानी केलिये उसे ही दे ।
ये उन लोगो का हाल जो समाज सुधारने निकले है पढ़ लिख कर दुनिया देख कर,पर धूर्तता पूर्ण व्यवहार और आचरण है इनका ।देश के मजबूती से कोई सरोकार नहीं मक़सद सिर्फ़ अपना देखना है ।
आरोप है कि यूपी के कौशांबी में मोहम्मद वाजिद ने एक दलित महिला के घर में घुसकर उसके साथ रेप किया।
शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है; पीड़िता न्याय के लिए भटक रही है।
मिलिए सौरभ शर्मा से
• यह भाई RTO कांस्टेबल थे
• इनके पास ₹14 करोड़ कैश है
• दुबई 🇦🇪 में ₹50 करोड़ का विला है
• ₹400 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं
• 52 किलो सोना है
• 234 किलो चांदी है
और यह सब, सिर्फ़ ₹28,000/महीने की सैलरी पर....Read News
हमारी ग्रामसभा शेरपुर का पुनः बढ़ा सम्मान
गाजीपुर जिले की शेरपुर ग्रामसभा की दो बेटियों ने बढ़ाया जिले का मान
गाजीपुर जिले की अपर्णा राय और शिवानी राय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग की पीजीटी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। अपर्णा राय ने हिंदी विषय में प्रदेश में 9वीं रैंक और शिवानी राय ने संस्कृत विषय में 10वीं रैंक प्राप्त कर प्रवक्ता (पीजीटी) पद के लिए चयनित होकर जिले का गौरव बढ़ाया है।
मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी अपर्णा राय ने कठिन मेहनत और लगन के दम पर यह सफलता हासिल की। अपर्णा जी मेरे प्रिय छोटे भाई समीर राय की बड़ी बहन हैं।
वहीं शेरपुर खुर्द निवासी शिवानी राय ने संस्कृत विषय में 10वीं रैंक प्राप्त की। वह NET-JRF उत्तीर्ण हैं और वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत विषय में पीएचडी कर रही हैं।
दोनों बेटियों की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक सफलता बताया है।
आप दोनों ने ही अपना, अपने परिवार का और शेरपुर का मान सम्मान बढ़ाने का काम किया है।
बहुत बहुत बधाई आप दोनों को
अपना गूजारा चाय बेच के करते थे,आरएसएस और पार्टी के कार्य किसी ना किसी महानुभाव के सहयोग से होता रहा होगा ।वो ना बताए जो हेराल्ड में पैसे के दोषी हो ।जो सत्ता में रहकर विदेश यात्रा और शिक्षा वहीं से लेकर आये ।
आज न्यूज़ीलैंड में नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह 30 साल पहले न्यूज़ीलैंड आए थे
तब उन्हें कोई जानता नहीं था और वहाँ उनके एक साथी ने उन्हें एक मफलर, एक टोपी और एक जोड़ी दस्ताने गिफ्ट किए थे.
▪️30 साल पहले उनकी उम्र 45 साल थी
▪️उन्होंने पहले यह भी बताया है कि वह 17 साल की उम्र तक चाय बेचते थे
▪️और यह भी बताया था कि 35 साल तक उन्होंने भिक्षा मांगकर अपना जीवन चलाया
▪️तो मतलब 17 + 35 = 52 साल की उम्र तक उन्होंने अपना जीवन चाय बेचने और भिक्षा मांगने में बिताया
👉लेकिन उसी दौरान उन्होंने न्यूज़ीलैंड की यात्रा भी की
👉👉भाई जो भी कहिए - अच्छे दिन तो कांग्रेस सरकार में ही थे - भिक्षा मांगकर जीवनयापन करने वाले भी न्यूज़ीलैंड घूमने जाते थे
ये मुल्ला बचना नहीं चाहिए हिन्दुओं 🖐️
साला ये BSD का देश के प्रधानमंत्री और यूपी के
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को गाली बक
रहा है ये जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर का मुल्ला..
Repost & Tag @jaunpurpolice ✊
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि यह महिला जो जमीन पर बैठी हजारों लाठी लिए लोगों के सामने हाथ जोड़कर भीख़ माँग रही है यह कौन है?
यह महिला जिला मिदनापुर की एडिशनल डीएफओ पुरबी महतो हैं और जिन्होंने कर्त्तव्य पालन के लिए आदिवासियों के सामने हाथ जोड़कर बैठ गयी।
मिदनापुर जिले के लालगंज आदिवासी क्षेत्र में एक परम्परा है जिसमें हाथों में डण्डे-लाठी खुखरी , नुकीले हथियार लिए हजारों आदिवासी शिकार के लिए जंगल में जाते हैं और हज़ारों बेगुनाह मार दिए जाते हैं ,
इस बार भी नियत दिन हजारों आदिवासियों को महा शिकार के लिए निकलना था लेकिन वन विभाग की पूरबी ने तय कर लिया था वह इसे रोकेंगी , उन्होंने पूरे प्रयास किये , महीनों पहले से जागरूकता अभियान चलाये , कानून का भय भी दिखाया लेकिन अंत दिन कुछ भी काम न आया ,
पांच हजार से अधिक आदिवासी हथियार लेकर जंगल की ओर बढे जा रहे थे , पूरबी महतो ने माहौल भांपते हुए जनजाति के बुजुर्गों से एक भावनात्मक अपील की , वह जमीन पर हाथ जोड़कर बैठ गयीं , और बहुत मार्मिक अपील की , उन्होंने कहा कि अपने हथियार उठाओ और मुझे भी मार दो , लेकिन जब तक मेरी सांस है , मैं आपको आगे नहीं जाने दूँगी
पूरबी महतो की यह भावनात्मक अपील काम कर गई , और बुजुर्गों के निर्णय पर सभी आदिवासी वापस लौट गए , दिल्ली से दूर इस नायिका को बहुत पहचान नहीं मिली , 29 मार्च के टेलीग्राफ अखवार में मुझे यह छोटी सी खबर दिखी तो मुझे लगा कि पूरबी महतो का यह कार्य एक महानायिका का कार्य है , आईये हम सब मिलकर उनको सलाम भेजें और इतना भेजें की उन तक पहुँच जाये
इस महानायिका पूरबी महतो को मेरा सलाम....Read News
@narendramodi भारत की @adgpi सेना के ट्रेनिंग कैंपस को विदेश की धरती पर भी खोलना चाहिए,जिससे हम इंटरनेशनल कैडेट्स को अलग अलग टरैन में ट्रेनिंग करा सके और अपने भी ट्रेनी को इंटरनेशनल एक्सपोज़र भी दे सके ।@AmitShah
टिन्नू यादव का हश्र देखकर भाजपा RSS में जितने भी दलित पिछड़े वफादारी निभा रहे हैं वो इस वीडियो को देख लें और टिन्नू यादव के हश्र से सबक लें
टिन्नू भी प्रचंड भाजपाई थे, संघी थे, जब फंसने का नंबर आया तो ठाकुर आदित्यनाथ बिष्ट जी, भाजपा, RSS ने टिन्नू यादव को बलि का बकरा बनाकर निपटा दिया
Just look at how dramatic and dishonest Abhijeet Dipke is at the CJP protest
Dipke first created drama by pretending to fall at the police officer's feet. Then, the moment the officer merely touched him while trying to help him up, he immediately said, "Aap mujhe maar kyon rahe ho?"
You can clearly see for yourself that the police officer did nothing to him, yet he was still playing the victim card.
Now Dipke is demanding that these police officers be suspended. Share this video and show everyone that the police officer did nothing wrong.
आज एक बेटी का बाप होने के नाते मेरा दिल कांप उठा है।।। बाद में मोमबत्तियाँ जलाने से बेहतर है, आज इस मासूम के लिए आवाज़ उठाइए।।।
कानपुर से आया यह वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। एक 9-10 साल की मासूम बच्ची अपने घर के सामने रहने वाले 18 साल के लड़के (नैतिक कुमार) की अश्लील हरकतों, गंदे इशारों और प्रताड़ना से इस कदर खौफ में है कि उसे सोशल मीडिया पर आकर रोते हुए न्याय की भीख मांगनी पड़ रही है।।।
घर में केवल माँ-बेटी अकेले रहते हैं और आरोपी परिवार पैसे और रसूख के दम पर हर जगह मामला दबा रहा है। जब माँ शिकायत करने जाती है, तो उन्हें गालियाँ और धमकियाँ मिलती हैं।।।
आखिर कब तक हमारी बेटियां अपने ही घर के बाहर निकलने, साइकिल चलाने या सांस लेने से भी डरती रहेंगी? क्या प्रशासन किसी बड़ी वारदात के होने का इंतज़ार कर रहा है???
मुख्यमंत्री जी और कानपुर पुलिस से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि इस रसूखदार परिवार की गर्मी शांत की जाए और इस बेटी को तुरंत सुरक्षा और न्याय दिया जाए।।।
ये बाबा ब्राह्मण हैं - 40 बीघे के जमींदार थे
जवानिया गांव बाढ़ में बह गया - लभभग सभी जातियों को जमीन मिला - इन्हें नहीं मिला क्योंकि ये ब्राह्मण समाज से थे - जब ये ब्राह्मण सुखी सम्पन्न थे तब इन्होंने कई जातियों के लोगों को बसाया था अपने जमीन पर और आज इनकी ऐसी हालत है - सामाजिक छोड़िए ब्राह्मणों के साथ सरकार के तरफ से भी भेद भाव किया जाता है
गोपालगंज में एक विधानसभा सीट है भोरे जहां लगभग 35-40% ब्राह्मण वोट है उसी तरह गोपालगंज का संसदीय सीट है जिसे आरक्षित कर दिया गया है मतलब हम बहुलता में हैं लेकिन हम सिर्फ वोट देंगे चुनाव नहीं लड़ सकते
ये भेद भाव नहीं है क्या - हम अपनी ही बहुलता वाली सीट पर चुनाव नहीं लड़ सकते तो जहां कम हैं वहां क्या होगा ?
तुम्हे आरक्षित करनी है तो उनकी बहुलता वाली सीट आरक्षित करो
देखिए ये सीधा हमें हर तरीके से पूछे धकेलने की साज़िश है - इन मूर्ख नेताओं के देश में लोगों को देने के लिए रोजगार नहीं है इसपर इनसे कोई सवाल न करे तो ये सवर्णों को टूल बना के इस्तमाल करते हैं इनसे कोई आगे नहीं लाया जाता तो बराबरी दिखाने के लिए ये सवर्णों को ही पीछे धकेलने का प्रयास करते हैं
इस वीडियो को देखने के बाद हर भारतीय रो रहा है
आप सोचिए केवल 13 साल की बच्ची थी जो कक्षा 8 में पढ़ती थी सुबह स्कूल के लिए निकली थी
लेकिन ऑटो ड्राइवर ने दुष्कर्म कर दिया उसके बाद होटल संचालकों को बेच दिया जहाँ बच्ची के साथ 5 दिन तक 32 लोग कुकर्म करते हैं
इस दर्दनाक पीड़ा से बच्ची की मौत हो गई है, 3 दिन तक अस्पताल में इलाज चल रहा था
ऐसे अपराधियों को सरकार से क्या सजा मिलेगी चाहिए ?
@narendramodi@myogiadityanath इनकी व्यथा कब सुनेगी डबल इंजन की सरकार,ट्रस्ट के नाम पर स्कूल चलाते है टैक्स बचाते है पर फीस रॉकेट की गति से बढ़ती है ।अंगेजो की तरह सिर्फ वसूली छोड़ दे सरकार ।वेलफेयर भी कुछ है और सिर्फ गरीब की नहीं मिडल क्लास पर भी ध्यान दे ।
14470 रूपये,
ये City Montessori School की कक्षा 9 की एक महीने की फीस है,
लखनऊ में प्राइवेट नौकरी की औसत तनख्वाह
8 हज़ार रूपये हैं,
सरकारी स्कूल बर्बाद हैं,
सरकारी स्कूल में पढ़ने का मतलब है,
आपके बच्चे इस गलाकाट प्रतिस्पर्धा के दौर में दूसरे बच्चों के आगे टिक नहीं पाएंगे,
प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना मज़बूरी है,
और इसी मज़बूरी का फायदा उठाते हुए
City Montessori School जैसे संस्थान मनमानी फीस वसूल रहे हैं,
कोई रोक टोक नहीं है,
शिक्षा, स्वास्थ्य सरकार के एजेंडे में नहीं है,
जय सियाराम,