ये अंजना ओम कश्यप हैं।
ये पिछले 18 सालों से पत्रकारिता कर रही हैं।
इनकी सैलरी 34 लाख रुपये है।
इनकी कुल संपत्ति 55 करोड़ रुपये है।
इन्होंने NEET मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं की।
इन्होंने NEET के लिए कभी मोदी को दोषी नहीं ठहराया।
अब ये 'दो कौड़ी की टिप्पणी' से हुए अपमान के लिए 2 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग कर रही हैं।
आज इन्होंने खान सर, अभिनव शर्मा, बबीता और 5 अन्य लोगों के खिलाफ़ केस दर्ज कराया है।
मुझे हैरानी है कि जिस मीडिया की कोई इज़्ज़त नहीं है, वह भी मानहानि के मुकदमे कर रहा है।
पत्रकारिता - 0%
ड्रामा - 100%..
@narendramodi neta ji yeh msg kon bhejta hai inko bolo roj mt bheja kre yeh farzi bhejte hai अगले 24 घंटों में आपके जनपद में कुछ स्थानों पर बिजली गिरने, ओलावृष्टि, तेज़ हवाएँ और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है।
ज्ञानेश जी फरमा रहे हैं कि जिनके नाम कटे हैं उन्हें अगली बार वोट देने का अधिकार है..
यानी वे स्वीकार रहे कि जो वोटर उड़ाए गए हैं वे बांग्लादेशी नहीं हैं, भारतीय नागरिक ही हैं, और उनका नाम ग़लती से कट गया है.
यानी ये चुनाव अवैध है, चुनी हुई सरकार अवैध है,
फिर तो ममता सही कर रही हैं जो इस्तीफ़ा नहीं दे रहीं.
"बंगाल में संविधान जीता है" यह कहते हुए मोदी ने संविधान का मखौल उड़ाया क्योंकि वे जानते हैं कि वहाँ संविधान का हनन हुआ और संविधान कुछ कर नही सका.
तब ममता का इस्तीफ़ा न देना असंवैधानिक किस तरह है? उन्हें हक़ है कि वे असंवैधानिक तरीके से चुनी हुई सरकार का विरोध करें.
:- Kanupriya