88% मुस्लिम वोटर्स वाले न्यू टाउन, बंगाल में 1 बूथ पर BJP को 97% वोट मिले. CPI(M) को 1, TMC को 5 वोट ��िले. मुसलमानपारा के लोकल्स इसे असंभव परिणाम बता रहे हैं, उनका सवाल है कि उनके वोट कहां गए. कईओं ने #AltNews को बताया कि उन्होंने CPI(M) को वोट दिया था.
इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया।
ये उस भारत के लाचार युवा हैं - जिसकी सरकार ���पने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती।
चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है - भीड़, घुटन, और बेबसी।
इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूंज सुनना ही नहीं चाहती।
पर मैं वादा करता हूँ - हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।
17 जून, कोटा। यही गूंज, अब हुंकार बनेगी।
#ChhatronKiGoonj
बात सिर्फ़ राघव चड्ढा या सायोनी घोष की ही नहीं है, ऐसे लोगों की लिस्ट बड़ी लंबी है जिन्होंने अपने मतदाताओं की पीठ में छुरा घोंपा है…
…जनता को भाजपा से ज़्यादा इन दलबदलू नेताओं ने ठगा है. भाजपा के ख़िलाफ़ वोट माँगकर ये लोग स��ंसद, विधायक तो बन गए; लेकिन आज ख़ुद भाजपा के साथ हैं.
एक सवाल ने पूरे गोदी मीडिया की नींव हिला कर रख दी है। एक पत्रकार लिख रहे हैं कि चिल्लाना पत्रकारिता नहीं होती। मैं नहीं भूला हूँ कि इन्हीं पत्रकार ने जब प्रधानमंत्री का इंटरव्यू किया था, तो पाँच सवाल किए थे — और वो सवाल कुछ ऐसे थे: बिहार कैसे जीतेंगे, ओडिशा कैसे जीतेंगे, बंगाल कैसे जीतेंगे।
अब वही पत्रकार कह रहे हैं कि भारत का अपमान हुआ है।
भारत का अपमान क्या है, मैं बताता हूँ।
भारत का अपमान यह है कि नॉर्वे के प्रधानमंत्री कह रहे हैं — अगर भारतीय प्रधानमंत्री सवाल नहीं लेना चाहते, तो यह उनकी संस्कृति है। यह भारत का अपमान है।
भारतीय जनमानस का अपमान क्या है?
करीब चार NEET अभ्यर्थी आत्महत्या कर चुके हैं, प्रधानमंत्री चुप हैं, और यह गोदी मीडिया — यह “रेडियो रवांडा” नुमा गोदी मीडिया — प्रधानमंत्री से सवाल तक नहीं कर रहा।
एक मीम है ना — “बाप हैं हमारे।”
मीडिया बिल्कुल उसी मानसिकता से काम कर रहा है।
सिर्फ एक सवाल पूछा गया, और उसे “चिल्लाना” कहा जा रहा है? किस नजरिए से वो चिल्लाना है? क्या गोदी मीडिया ने कभी खुद को देखा है?
Arnab Goswami रोज़ प्राइम टाइम में जो करते हैं, वो क्या सत्संग है?
बकवास बंद कीजिए। अपना काम कीजिए — सत्ता से सवाल पूछना, ताकतवर को जवाबदेह बनाना।
पत्रकार: आप कौन है आप यहां क्यों आई हो..
महिला होमगार्ड: मेरा नाम उमरा खान है मै अकेली महिला हूं इस विभाग में मेरा अल्पसंख्यक होने के कारण कमांडेन्ट महोदय मेरा तरह तरह से शोषण कर रहे है।
मेरी ड्यूटी हर महीने कभी इस थाने कभ�� उस थाने हर ��गह नचा रहे है मेरा बेटा बीमार है उसके चलते हम चाहते है कि मेरी ड्यूटी कही ऐसे जगह लगाई जाए जिससे कि आने जाने में ज्यादा परेशानी न हो..
हमे उम्मीद है नारी वंदन की बात करने वाले मुख्यमंत्री बिष्ट जी इस महिला की बाते जरूर सुनेंगे..
देश की तमाम जगहों और राजधानी दिल्ली तक से बेहद घटिया, नफ़रती, भड��काऊ वीडियो सामने आ रहे हैं
खुलेआम मुसलमानों के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग ��िया जा रहा है जो यहाँ लिखना मुमकिन नहीं है
लेकिन ना पुलिस, ना प्रशासन ना कोर्ट - किसी के कान पर जूँ नहीं रेंग रही है
कानून की धज्जियाँ उड़ रहीं हैं, नफ़रत का नंगा नाच चल रहा है
जो बातें सोचने में वीभत्स लगती हैं वो बेख़ौफ़ कही जा रही हैं. गुंडे, मवालियों आतंकियों को कानून का कोई डर ही नहीं है
मोदी के बनाए इस न्यू इंडिया में मुसलमानों के ख़िलाफ़ इतनी नफ़रत, इतना ज़हर घोला गया है कि उनके ख़िलाफ��� हिंसा और मारने काटने की बात बेझिझक कही जा रही हैं - छोटे छोटे बच्चे आग उगल रहे हैं
ईद भाईचारे, सौहार्द, मोहब्बत का पर्व है - लेकिन उसके पहले यह सब क्यों होने दिया जा रहा है?
क्या बनते जा रहे हैं हम?
यह आतंक नहीं तो और क्या है?
इन लफ़ंगे गुंडों पर किसका वरदहस्त है?
पूरे देश को इस नफ़रत में क्यों झोंका जा रहा है?
क���तना हिंदू मुसलमान करेंगे मोदी जी?
क्या मिल रहा है मेरे देश को बर्बाद करके?
क्या नफ़रत भड़का कर आपकी बाकी काली करतूतें छिप जायेंगी?
क्यों पूरे देश में केरोसिन छिड़क रहे हैं?
और आप जो मूक दर्शक बने हुए हैं, एक बात याद रखिएगा - नफ़रत की आग को फैलने से रोकिए. वरना उसकी चपेट में आने से बच तो आप भी नहीं पायेंगे - आज नहीं तो कल - नंबर आपका भी आयेगा
दुनिया में देखिए क्या हो रहा है - यह नफ़रत का नतीजा है. ज���सकी क़ीमत हुक्मरान नहीं, आम लोग चुकाते हैं
हम ऐसे नफ़रती, ऐसे गुंडे हो ही नहीं सकते. हम विराट सभ्यता, संस्कृति और परंपरा के ध्वजवाहक हैं. ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ वह सूत्र है जो हमें सच में विश्वगुरु बनाता है
हम सभी को सतर्क रहना होगा. मोदी सरकार हर रोज़ विफलता के कीर्तिमान स्थापित कर रही है और जितना ये सरकार चलाने में नाकाम होंगे, नफ़रत उतनी ही फैलाएंगे
सरकारें आएंगी-जाएंगी लेकिन अगर आपको अपने देश से मोहब्बत है तो आँखें खुली रखिए. नफ़रत के भागीदार मत बनिए
आस-पास नफ़रत के शिकार इंसान के साथ खड़े होइए. यही इंसानियत है! यही भारतीयता है! यही असल में हम और आप हैं
जय हिन्द!
BREAKING 🚨
ईरान ने दो भारतीय जहाज़ को होर्मुज़ से गुजरने दिया।
लेकिन श्रेय किसे मिला?
न मोदी।
न जयशंकर।
ईरानी प्रतिनिधि के मुताबिक वजह है भारतीय जनता, जिसने युद्ध और बच्चों पर बमबारी के खिलाफ आवाज़ उठाई और ईरान के प्रति सहानुभूति दिखाई।
यह है असली ताकत भारतीय जनता की। 🇮🇳🔥
The Indian National Congress (INC) unequivocally condemns the targeted assassination of Iran's Supreme Leader, Ali Hosseini Khamenei, in a military strike carried out without a formal declaration of war. The INC extends its deepest condolences to the Supreme Leader's family, to the people of Iran, and the Shia community around the world in this moment of profound grief. We stand in solidarity with them as they navigate this grave crisis.
India's foreign policy is anchored in a commitment to the peaceful settlement of disputes through dialogue and respect for international law, as mandated in Article 51 of the Constitution of India. These principles-sovereign equality, non- intervention and the promotion of peace are foundational to India's civilisational values. Given this, the conflict in West Asia is deeply antithetical to our commitment to Vasudhaiva Kutumbaka ("the world is one family"), Mahatma Gandhi's doctrine of ahimsa (non-violence), Prime Minister Jawaharlal Nehru's policy of non-alignment.
The targeted use of force to destabilise the leadership and governing structures of a sovereign state whether in Iran or earlier in Venezuela-signals a disturbing revival of regime-change doctrines and coercive unilateralism. It also contravenes the United Nations Charter-especially Article 2(4), which expressly prohibits "the threat or use of force against the territorial integrity or political independence of any state," and Article 2(7), which forbids intervention in matters essentially within the domestic jurisdiction of any state. A targeted killing of a sitting head of state strikes at the heart of these international rules. Sovereignty is not conditional, and political legitimacy cannot be manufactured through force.
The INC reiterates that it is the inalienable right of every nation's citizens to determine their own political future. No external power has the authority to engineer regime change or dictate the leadership of another state. Such actions amount to imperialism and are fundamentally incompatible with a genuinely rules- based international order.
यह लफ़ंगा आतंकवादी अपने आपको कर्णी सेना का बता रहा है
कहता है नेता विपक्ष राहुल गांधी और 25 कांग्रेस MPs को गोली मार देगा
ओम बिरला जी यह आपका समर्थक है, आपको कोई आपत्ति नहीं?
अभी तक कोई FIR, कोई गिरफ्तारी नहीं हुई
सत्ता की चुप्पी पर सवाल है
मीडिया वालों मुँह में दही जमी है?
FIR हो,
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।
जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
भारत की तेल ख़रीद पर अब अमेरिकी निगरानी क्यों होगी?
भारत किससे तेल खरीदेगा, किससे नहीं - यह हमारी ज़रूरतें तय करेंगी या अमेरिका की मर्ज़ी?
भारत को मुनाफे का व्यापार करने पर रोक लगाने की हिम्मत अमेरिका को किसने दी?
प्रधानमंत्री जी, भारत का हित और स्वाभिमान बेचते वक़्त ज़रा भी शर्म नहीं आई?
मेरा अपना सगा भाई अभी भी छत्तीसगढ़ के जंगलों में नक्सलियों से लड़ रहा है…चाहे थल सेना हो या वायु सेना…मेरे भाई आज भी देश की सेनाओं में हैं…
मैं ख़ुद सरकार की आँखों में आँख डालकर देशहित में सवाल पूछती हूँ…
…लेकिन आज भाजपा का आईटी सेल और गोदी मीडिया के बिके हुए पत्रकार मेरे ख़िलाफ़ देशद्रोही का ट्रेंड चला रहे हैं…
…वो लोग जिन्होंने देश को धर्म के नाम पर बाँटने में कोई कसर नहीं छोड़ी…वो देशद्रोही और देशभक्त का सर्टिफिकेट बाँट रहे हैं…!
मैंने आज तक कभी नहीं बताया…कहना ज़रूरी नहीं समझा…लेकिन आज जब बात मेरी देशभक्ति पर आ गई है…तो जान लीजिये…
…मेरे परिवार और ख़ानदान के कुल मिलाकर 14 लोग भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों में अपनी जान दांव पर लगा चुके हैं.
मेरे अपने सगे चारों मामा आर्मी में अधिकारी रहे हैं जिनमें से दो लोग कारगिल की जंग लड़ चुके हैं.
…और ये दो-दो रुपये के ट्रोल आईटी सेल वाले मुझे देशद्रोही कह रहे हैं?
इनकी हिम्मत कैसे हुई?
अरे है औक़ात तो जाकर उससे सवाल पूछो जिसने देश को दस साल पहले आतंकवाद से मुक्त करने की बातें कही थीं…कहाँ गई छप्पन इंच की छाती?
मुझे देशद्रोही कहेंगे ये बिके हुए लोग? कितने नेताओं के अपने बच्चे फ़ौज में हैं? बताओ गिन के!
पूरी भाजपा के जितने नेताओं के बच्चे फ़ौज में होंगे…उससे ज़्यादा तो मेरे अपने रिश्तेदार और परिवार के लोग सेना में जान दांव पर लगा चुके हैं.
अरे आज मैं कहूँगी…देश का मेनस्ट्रीम मीडिया देश का ग़द्दार है…क्योंकि उसने कभी सरकार से सवाल नहीं पूछा…और सरकार को मनमानी क���ने दी.
वो पूछें या न पूछें…मैं बार-बार पूछूँगी कि पहलगाम में दो हज़ार सैलानियों के लिए सुरक्षा की व्यवस्था क्यों नहीं थी? कौन ज़िम्मेदार है इसका? आतंकी हमले के बाद बिहार में रैली करना इतना ज़रूरी था?
भाजपा का आईटी सेल देश का ग़द्दार है क्योंकि उसने देश को हिंदू-मुसलमान में बाँटने की कोशिश की…
है कोई जवाब? मुझे देशद्रोही कहेंगे ये!
@naveenjindalbjp That's not Lt Vinay Narwal and his wife. The couple (Ashish and Yashika Sherawat) who made the video have called out all the media channels for misusing their video with a misleading claim.