@KgnHardi ﷽
मुश्किलें हल कर शहे मुश्किलकुशा के वास्ते,
कर बलाएँ रद्द शहीदे कर्बला के वास्ते।
क़ादरी कर क़ादरी रख कदरियों में उठा
क़दर अब्दुल क़ादिरे कुदरतनुमा के वास्ते।
रसूलल्लाहﷺ ने फ़रमाया :-
“जो हर फ़र्ज नमाज़ के बाद ३३ मर्तबा “सुभानअल्लाह” ३३ मर्तबा“अलहम्दुलिल्लाह” और ३४ मर्तबा “अल्लाहु अकबर” कहता है, वह कभी नुकसान में नहीं रहता।
मुस्लिम:१३४९
@imArif443
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:-
"कयामत के दिन हकदारों को उनका पूरा हक दिया जाएगा, यहां तक की सींग वाली बकरी से बगैर सींग वाली बकरी का बदला लिया जायगा।।
📗(तिरमिजी 2420)
नमाज़ में इमाम की पैरवी करना....
हज़रत अबू हुरैरह (र.अ) फरमाते हैं कि
पैगम्बर मुहम्मद (ﷺ) हमें सिखाते थे कि
(नमाज़ में) इमाम से पहले रुक्न अदा न किया करो।”
📗मुस्लिम : 132