शाहरुख पठान दिल्ली दंगा में अपनी जान खतरे में डालकर लाखों लोगों को दंगाइयों से बचाने की कोशिश में कामयाब तो हुआ मगर बदले में इसे क्या मिला जेल
लोगों याद करना भी भूल गए आवाज़ उठाओ वरना कल आपकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आएगा
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#ReleaseShahrukhPathan
#सऊदी_अरब में #क़ानून सबके लिए बराबर है, चाहे #शहज़ादा हो या #आम_आदमी!
#पहला_वाक़िआ — 1977
19 साल की शहज़ादी मिशाल बिन्त फ़हद को तालीम के लिए बेरूत (लेबनान) भेजा गया। वहाँ सऊदी सफ़ीर के भतीजे ख़ालिद अश्शाएर से उसका ताल्लुक़ क़ायम हो गया। वापस आने के बाद भी वे छिप-छिपकर मिलते रहे। जब शाही ख़ानदान को ख़बर हुई, तो दोनों जेद्दा एयरपोर्ट से भागने की कोशिश में पकड़े गए। शहज़ादी मर्दाना लिबास में थी। अदालत में दोनों ने अपने जुर्म का ख़ुद एतिराफ़ किया। 15 जुलाई 1977 को दोनों को जेद्दा में सरेआम सज़ा-ए-मौत दे दी गई।
#दूसरा_वाक़िआ — 2016
दिसंबर 2012 में रियाद के क़रीब अल-समामा के रेगिस्तानी कैंप में झगड़ा हुआ। शहज़ादा तुर्की बिन सऊद ने ग़ुस्से में अपने ही दोस्त आदिल अल-मुहैमिद को गोली मारकर क़त्ल कर दिया। आदिल एक आम और ग़रीब ख़ानदान से था। शाही ख़ानदान ने ख़ून-बहा की भारी रक़म पेश की, ख़ुद बादशाह की तरफ़ से भी माफ़ी माँगी गई, मगर आदिल के घरवाले इंसाफ़ पर डटे रहे। आख़िरकार 18 अक्टूबर 2016 को शहज़ादा तुर्की को भी सरेआम सज़ा-ए-मौत दे दी गई।
सोचिए!
जो मुल्क अपने शहज़ादे और शहज़ादी को भी माफ़ न करे, वह मक्का और मस्जिद-ए-नबवी की हुरमत पामाल करने वालों को कैसे माफ़ करेगा? वहाँ सख़्त क़ानून है, मुक़दमा अदालत में चलता है और फिर फ़ैसला होता है।
कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा बेकसूर मुस्लिम एक्टिविस्ट शरजील इमाम को "आतंकी" कहना कांग्रेस व कांग्रेस नेताओं के दिलो-दिमाग में मुसलमानों के प्रति घृणा व मुस्लिम विरोधी होने का प्रमाण है या नहीं है?
@grok तू ही बता पिछले 6 साल से जेल में बंद शरजील ईमाम पर ट्रायल स्टार्ट होना चाहिए या नहीं?
@ProfNoorul@grok काका की कलम से ✍️ कांग्रेस प्रवक्ता द्वारा बेकसूर मुस्लिम एक्टिविस्ट शरजील इमाम को "आतंकी" कहना कांग्रेस व कांग्रेस नेताओं के दिलो-दिमाग में मुसलमानों के प्रति घृणा व मुस्लिम विरोधी होने का प्रमाण है?
@pradeepgr63 इस प्रकार की घटनाएं स्वास्थ्यकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।
सूरज लपेट दिया जाएगा। तारे गिर रहे होंगे। समुद्रों में आग लग जाएगी। और उस लड़की से, जिसे ज़िंदा दफ़ना दिया गया था, पूछा जाएगा — कि उसे किस गुनाह के लिए मारा गया? 🔥
सूरह अत-तक्वीर✨
रसूल-अल्लाह ﷺ ने फरमाया:
मैं चाहता हूं कि अपने भाइयों को देखूं
सहाबा किराम रज़ि अल्लाहु अन्हुम ने अर्ज़ किया:
या रसूल अल्लाह !
क्या हम आप के भाई नहीं हैं ?
आप ﷺ ने फ़रमाया:
तुम मेरे सहाबा हो, और मेरे भाई वह लोग हैं जो अभी तक नहीं आए
वह मुझे देखे बगैर मुझ पर ईमान लाएंगे_
Assalamu_Alaikum
अल्लाह तआ़ला का इरशाद है:
और वही है बख़्शने वाला , मोहब्बत करने वाला , अ़र्श का मालिक है
बुज़ुर्ग व बरतर है
जो कुछ चाहे कर डालने वाला है
अल बुरूज: 14-16