बेईमान ने ऐलान किया है कि उसकी ‘तपस्या’ में कमी रह गई! तपस्या की वेदी में और कितनी आहुति लोगे मह��राज??
700 से ज्यादा किसानों ने शहादत दी और साहेब “गुमराह नहीं कर पाए” को “समझा नहीं पाए” बोल रहे हैं।
“किसानों के लिए किया था
देश के लिए वापिस ले रहा हूं”
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने सदा की भांति देश को सर्वप्रथम रखते हुए कृषि बिल वापस लेने का न��र्णय लिया है।
आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी मिली। तीनों क़ानून रद्द। 700 से ज़्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी कि किस तरह इस ��ेश के किसानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था। मेरे देश के किसानों को मेरा नमन
तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा लोकतंत्र की जीत एवं मोदी सरकार के अहंकार की हार है। यह पिछले एक साल से आंदोलनरत किसानों के धैर्य की जीत है। देश कभी नहीं भूल सकता कि मोदी सरकार की अदूरदर्शिता एवं अभिमान के कारण सैकड़ों किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
आज खाना खाते समय उन अन्नदाता के बारे में सोचिए जो देश का पेट भरने के लिए अपन��� खून-पसीना देते हैं।
उन्हें न्याय दिलाना हमारा कर्तव्य है।
#SpeakUpForKisanNyay