उस सवाल का जवाब जो अब तक मांगते आए हैं..!
कई भूतपूर्व थानेदारों, उनके रिश्तेदार, बालम थानेदार और भर्ती यथावत पक्षधर के लोगो�� ने कहा कि “इसका SI भर्ती से क्या ले��ा-देना”, किसी ने कहा “पेपर भी नहीं दिया”, तो किसी ने संघर्ष का मज़ाक उड़ाया।
लादुराम गोदारा ने तो परीक्षा नहीं दी , नेता बनने के लिए बैठे हैं, वो अपना एडमिट कार्ड दिखाए , लेकिन हम चुप रहे क्योंकि हमारी लड़ाई इन सवाल पुछने वालों से नहीं सिस्टम और सत्ता से न्याय की थी , हमने कहा था समय आने पर जवाब मिल जाएगा और आज RPSC ने उस वक्त परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी की है तो आंखें फाड़कर देखलो कि हम अभ्यर्थी थे , हां अब हो सकता है हम परीक्षा नहीं दे रहे यह मेरा स्वयं का निर्णय है क्योंकि संघर्ष के इस सफर में किताबों से दूरियां व अन्याय के खिलाफ सड़क पर लड़ना हमारा ऊसूल बन गया और हमने युवाओं व जनता की आवाज के रू�� में एक राजनीतिक सफर की शुरुआत कर दी ।
लेकिन आज सच खुद सामने खड़ा है… अन्याय के खिलाफ न्याय के फैसलों और खुलासों ने बता दिया कि लड़ाई किसी एक नौकरी की नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और व्यवस्था की सच्चाई की थी।
हम अभ्यर्थी थे, मेहनत की थी, अधिकारी बनने का सपना था, लेकिन पेपर लीक ने सिर्फ परीक्षा नहीं छीनी… कई युवाओं के साल, सपने और विश्वास भी छीन लिए।
पाँच साल तक सड़कों पर संघर्ष किया, किताबों से ज्यादा आंदोलन की राहों को देखा, लेकिन कभी सच और न्याय की लड़ाई नहीं छोड़ी।
आज अगर मैंने अपने जीवन का रास्ता युवाओं, छात्रों और आमजन की आवाज़ बनने के लिए चुना है, तो यह मेरे संघर्ष और युवाओं के भरोसे की देन है।
जैसे अब तक अन्याय के खिलाफ लड़ते आए हैं, वैसे ही आगे भी पूरी ईमानदारी और मजबूती से युवाओं की आवाज़ बनकर लड़ते रहेंगे।
वक्त आने पर जवाब देने की बात कही थी…
आज जवाब म���ं नहीं, बल्कि सच ने खुद दे दिया है।
“संघर्ष का मज़ाक उड़ाने वाले अक्सर इतिहास नहीं देख पाते,
लेकिन इतिहास हमेशा उन्हीं के नाम लिखता है जो सच के लिए डटे रहते हैं।”
#SI_भर्ती_2021
राजस्थान हाईकोर्ट ने SI भर्ती 2021 की पुनः परीक्षा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत द��� है।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब भर्ती की पुनः परीक्षा आयोजित की जा रही है तो केवल appearing candidates को ही अवसर देना नियमों व अभ्यर्थियों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।
माननीय न्यायालय ने RPSC को निर्देश दिए हैं कि जिन अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में फॉर्म भरा था, उन सभी याचिकाकर्ता को पुनः परीक्षा में शामिल किया जाए। यह फैसला हजारों मेहनतकश युवाओं के अधिकार, समान अवसर और न्याय की जीत है।
“न्याय वो ���ी होता है, जहाँ हर मेहनतकश युवा को समान अवसर मिले।” ✊
#si_भर्ती_2021
“जब भर्ती दोबारा हो रही है, तो मौका भी एकसमान हर अभ्यर्थी को मिलना चाहिए”!
SI भर्ती 2021 रद्द होने के बाद अब सितंबर 2026 में दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है, ल���किन RPSC द्वारा केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को अवसर देने की बात कही जा रही है जिन्होंने वर्ष 2021 में परीक्षा दी थी, जबकि आवेदन करने वाले अन्य हजारों युवाओं को इससे बाहर रखा जा रहा है।
यह सिर्फ एक भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि सभी अभ्यर्थियों के अधिकार और समान अवसर का सवाल है। इसी मामले को लेकर कुछ युवाओं ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार और RPSC से जवाब मांगा है। अभ्यर्���ियों की ओर से यह भी पक्ष रखा गया कि पूर्व में EO/RO भर्ती रद्द होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को मौका दिया गया था, तो फिर SI भर्ती में ऐसा भेदभाव क्यों?
हम सभी युवाओं की ओर से सरकार और RPSC से विनम्र न���वेदन है कि इस भर्ती में सभी आवेदनकर्ताओं को अवसर दिया जाए। पेपरलीक के कारण कई युवा उस समय परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे, ऐसे में उन्हें अब दोबारा अवसर से वंचित करना उचित नहीं होगा।
“पेपरलीक ने पहले ही युवाओं के सपने तोड़े हैं,
अब अवसर छीनकर उनके हौसले मत तोड़िए।”
न्याय वही है जहां हर मेहनतकश युवा को समान अवसर मिले !
@BhajanlalBjp @RajCMO @BJP4Rajasthan @hanumanbeniwal @RLPINDIAorg @DrKirodilalBJP @JogarampatelMLA @RPSC1
#si_भर्ती_2021
@alokrajRSSB अध्यक्ष साहब ने एक नया तरीका ढूंढ लिया है स्टूडेंट की कमर तोड़ने का , जिसने चाहे 2024 में फॉर्म फिल किया हो या जिसने 2025 में फॉर्म फिल किया हो ,2025-26 वित्त वर्ष में जुर्माना लगाने का तरीका कुछ इस प्रकार है-
@alokrajRSSB 1. पहले तो बताया कि 3 एग्जाम मिस की है आपने त��� 750 जुर्माना दो 2. फिर 1 month बाद बताते हैं कि 3 नही 4 मिस की हैं आपने अब 1500 जुर्माना
मतलब की टोटल 2250 जुर्माना दीजिये साह
अब हालत ये है कि स्टूडेंट कि next फॉर्म भरने की हिम्मत नही हो रही है।