खान सर और रौशन आनंद सर के विवाद में किसी को फायदा हुआ तो वो सवर्ण हैं।
विवाद हुआ दो शिक्षकों को लेकिन के बीच लेकिन सवर्ण लॉबी यादव और मुसलमान करके दोनों को लड़ा दिया।
एक तीर से तीन निशान लगा दिया।
उसको पता हैं यूपी में बाबा को जाना तय हैं दलित पिछड़ा ने 2024 में टेलर दिखा दिया था उसी डर सताने लगा था।
(1) बिहार में सम्राट चौधरी के खिलाफ करके यादव कुशवाहा को लड़ा दिया ।जिसका सीधा असर यूपी चुनवा पर पड़ेगा ।कुशवाहा का वोट BJP और स्वामी प्रसाद मौर्य के तरफ शिफ्ट करेगा।
(2) sc st act के खिलाफ यादवों को भड़का दिया जिस से दलित भी नाराज हो गया। जिसका सीधा असर यूपी चुनवा पर पड़ेगा । दलितों का वोट मायावती और चंद्रशेखर रावण के तरह शिप्ट करेगा।
(3) कोचिंग विवाद में यादवों और मुसलमान को लड़ा दिया। जिसका सीधा असर यूपी चुनवा पर पड़ेगा और मुस्लिमों का वोट ओवैसी के तरह शिप्ट करेगा।
और बाबा फिर जीत जायेगा।
एक साथ तीनों काम हो गया।
सम्राट चौधरी का भी विरोध हो गया।
Sc st एक्ट का भी विरोध हो गया।
यादव और मुसलमान भी हो गया।
सुने थे सवर्णों में अब यादव को भी मिला लिया गया हैं तो फिर ये कैसे हो गया। बाकी सवर्ण बच गया। जिसके घर से 10लाख कैश निकला वो बच गया और केवल टुन्नु यादव को फसा दिया गया।
उत्तर प्रदेश में एक नेरेटिव वर्षो से चलाया जा रहा है कि ब्राह्मणो की बहुत ज्यादा संख्या है और ब्राह्मण जिसका समर्थन करते हैं प्रदेश में उसकी सरकार बनती है।
ये दोनों ही बाते पूरी तरह से गलत और मिथ्या हैं। अगर ब्राह्मण अधिक संख्या में होते और किसी को भी मुख्यमंत्री बना सकते तो वो ब्राह्मण को छोड़कर किसी और को मुख्यमंत्री क्यों बनाते ? स्वयं मुख्यमंत्री बनते, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी पिछले 38 साल से उत्तर प्रदेश में कोई ब्राह्मण मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है।
1989 तक कांग्रेस राज में जो अधिकांशतः ब्राह्मण मुख्यमंत्री बने वो दलित मुस्लिम वोटो के कारण बने जो मंडल कमंडल की राजनीती में कांग्रेस से छिटक कर सपा बसपा में चला गया और उसके बाद कभी प्रदेश में ब्राह्मण सीएम नहीं बन सका।
1931 की ब्रिटिश जनसँख्या के अनुसार संयुक्त प्रदेश में (उत्तराखंड सहित) 9.2% ब्राह्मण थे। इस हिसाब से यदि आज हम केलकुलेट करें जिसमे कम फर्टिलिटी रेट, हैवी माइग्रेशन को भी जोड़ लें तो ब्राह्मणो की आज के समय जनसँख्या 7% के आसपास होगी।
ब्राह्मणो से बहुत ज्यादा जनसँख्या मुस्लिम और जाटवों की है। अब 7% लोग कैसे सरकार बना और गिरा सकते हैं जब 20% मुसलमान (सपा) और 13% जाटव (बसपा) सरकार नहीं बना पा रहे?
भारत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला बताता है
बीजेपी की कुकर्मी सरकार से इनके आका
अंग्रेज़ सरकार अधिक न्यायप्रिय थी
उसने हमारे गौरव भगत सिंह जी का एनकाउंटर नहीं
किया, जब उन्होंने नेशनल असेंबली में बम फेंका था
भरत जी भी आज के भगत सिंह हैं, उन्होंने न्याय के लिए अपनी कुर्बानी दी है!
भाजपाई ठाकुर गुंडों ने PDA समाज के रिंकू विश्वकर्मा पर जानलेवा हमला किया
फर्रुखाबाद में भाजपाई ठाकुर प्रशांत सिंह, सुलभ सिंह,सत्यवीर सिंह आदि अपने साथियों के साथ मिलकर रिंकू पर जानलेवा हमला किया ।
यह घटना 15 जून को हुई थी लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई ।यह सभी भाजपाई ठाकुर समाज दबंग गुंडे योगी जी के जाति के है इसी वजह से कोई गिरफ्तारी नहीं हो रही है ।
लगातार विश्वकर्मा समाज की हत्या बलात्कार आदि गंभीर अपराध हो रहे हैं , आरोपी भाजपाई हैं इसी वजह से कोई भी कार्यवाही अभी तक नहीं हो रही है।
क्या विश्वकर्मा समाज हिंदू नहीं है ??
भाजपाई ठाकुर गुंडों ने PDA समाज के रिंकू विश्वकर्मा पर जानलेवा हमला किया
फर्रुखाबाद में भाजपाई ठाकुर प्रशांत सिंह, सुलभ सिंह,सत्यवीर सिंह आदि अपने साथियों के साथ मिलकर रिंकू पर जानलेवा हमला किया ।
यह घटना 15 जून को हुई थी लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई ।यह सभी भाजपाई ठाकुर समाज दबंग गुंडे योगी जी के जाति के है इसी वजह से कोई गिरफ्तारी नहीं हो रही है ।
लगातार विश्वकर्मा समाज की हत्या बलात्कार आदि गंभीर अपराध हो रहे हैं , आरोपी भाजपाई हैं इसी वजह से कोई भी कार्यवाही अभी तक नहीं हो रही है।
क्या विश्वकर्मा समाज हिंदू नहीं है ??
पूछना ये है कि
हथियार उठाकर पुलिस को धमकी देने और पुलिस पर फ़ायरिंग करने पर पुलिस एनकाउंटर कर दे तो दलित पिछड़ा भी भगत सिंह और शहीद कहलाएगा या केवल सवर्ण ही
🚨 कुख्यात अपराधी भरत भूषण तिवारी ने पुलिस पर फायरिंग किया था।
👉 भोजपुर पुलिस ने भरत तिवारी को घर के दरवाजे बंद करके चारों तरफ से घेर रखा था, उसी वक्त भरत ने बिहार पुलिस पर फायरिंग भी की थी। यह वीडियो खुद भरत तिवारी अपनी फेसबुक से लाइव किया था।
👉 भरत घर से बाहर निकलना चाहता था, उसी वक्त भरत के भाई ने कहा मैं तुम्हारे हाथ जोड़ता हूं, रुक जाओ, और मां क्या क्या हाल था आप चेहरा देखकर अंदाजा लगा सकते हैं, मां के चेहरे पर बेटे की मौत का डर पहले से ही साफ दिख रहा था, काफी डरी हुईं थीं, बेटे को मनाने का प्रयास कर रही थीं लेकिन भरत अपना पागलपन बरकरार रखा और एनकाउंटर में मारा गया।
नेता जी सबको खटक रहा है कि पिछड़ा मुख्यमंत्री कैसे बन गया। योगी आदित्यनाथ के सरकार में 2026 में 4900 से अधिक हत्या हुआ हैं लेकिन कोई एक शब्द नहीं बोलेगा क्योंकि को सवर्ण हैं। बिहार के सवर्ण ने सम्राट चौधरी जी को बदनाम करने के लिए नया चाल चल रहे हैं वो यादव के गंदा पर बंदूक रखकर चला रहा हैं। सम्राट चौधरी जी के सरकार को अस्थिर करने के लिए सवर्ण हर तरह से कोशिश करेगा।
मुकेश कुमार, आकाशदीप को DSP पद और ईशान किशन , वैभव सूर्यवंशी (नाबालिग) को कुछ नहीं।
ये हजम नहीं हो रहा है। चयन प्रक्रिया में कुछ दिक्कत है। मुकेश, आकाशदीप ने एशियन गेम्स में पदक जीता था इसलिए उनको ये पद मिला। लेकिन ईशान , वैभव इन दोनों से ज्यादा प्रभावशाली खिलाड़ी है और पूरे देश में इन दोनों का सिक्का चल रहा है। खैर मुकेश और आकाश को बधाई।