“मैं भगवा आतंकवाद पर झूठा बयान नहीं देना चाहता था, लेकिन पार्टी कांग्रेस ने मुझे ऐसा करने को कहा।”
—सुशीलकुमार शिंदे, पूर्व गृह मंत्री
अब तो पूर्व कांग्रेसी भी सच बोलने लगे लेकिन चमचे फिर भी नहीं मानेगे…!!
‘उच्चस्तरीय जाँच सुनिश्चित कराएँगे’: सारण के पीड़ित परिवार से मिले बिहार ‘सवर्ण आयोग’ के अध्यक्ष महाचंद्र, ग्रामीणों न��� पुलिस जाँच पर उठाए सवाल
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मिलिए पत्रकार और एक हिजड़े की औलाद @RifatJawaid से।
असल में कागजों का इनका बाप हिजड़ा था पड़ोसी हिंदू ने पैदा किया तब से यह हिन्दुफोबिक हो गया और इसके मन में हिंदुओं के प्रति नफरत भर गई
इसने बीबीसी में 12 साल काम किया।
बाद में यह अरविंद केजरीवाल के साथ उनका मीडिया मैनेजमेंट देखने लगा था
एक वीडियो में दावा किया गया कि गुब्बारे बेच रहे एक मुस्लिम लड़के पर हमला हुआ, जिसके बाद रिफत जावेद ने पोस्ट किया: "हिजड़ा कौम का सदस्य। हिंदुत्ववादी आतंकवादी!"
जब पता चला कि वीडियो बांग्लादेश का है, तो इस नीच ने चुपचाप उसे डिलीट कर दिया।
न कोई स्पष्टीकरण, न कोई माफी।
अब आप कल्���ना कर सकते हैं कि बीबीसी में उन्होंने सालों तक किस तरह की बातें फैलाई होंगी।
भारतीय सेना के कीर्ति चक्��� और शौर्य चक्र से सम्मानित वीरों की सूची अगर आपने देखी होगी ये स्पष्ट हो जाता है कि जब हम सब आपरेशन सिंदूर की कार्यवाही देखने सुनने में व्यस्त थे,ठीक उसी सम�� भारत म्यांमार सीमा पर भारतीय सेना सेकेंड फ्रंट खोल कर आतंकी ठिकानों को उसी सटीकता, से ध्वस्त कर रही थी, ठीक वैसे ही जैसी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमें देखने को मिली थी।
जुलाई 2025 में भारत ने भारत म्यांमार सीमा पार आतंक के अड्डों पर एक साहसिक और सटीक प्रहार कर भारत विरोधी उग्रवादी ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया था।हमारी एलीट पैरा स्पेशल फोर्स ने भारतीय सेना के इस आपरेशन को पुरा किया थ��,जिसको लेफ्टिनेंट कर्नल घटगे आदित्य श्रीकुमार 21 पैरा एसएफ लीड कर रहे थे।
उनको इस हाइ रिस्क अभियान की योजना बनाने और स्वयं नेतृत्व करने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।भारत के सपूतो नें तब अद्वितीय शौर्य के साथ अपनी पवित्र मातृभूमि की तरफ आंख दिखाने वालों को न चेतावनी दी, न समझौता किया, उनक�� घर में घुस कर सीधी कार्रवाई की।
जैसी अब पुरी जानकारी मिल रही है ,इसके तहत जुलाई 2025 में भारत ने स्वार्म ड्रोन का इस्तेमाल करके काउंटर अटैक की परिभाषा ही बदल दी थी।
इसके तहत म्यांमार के सगाइंग क्षेत्र में उग्रवादी ठिकानों पर हमले के लिए पुरी प्लानिंग के साथ 100 से अधिक नेक्स्ट जेनरेशन यूएवी और लोइटरिंग म्यूनिशन एक साथ तैनात किए गए किए गए, एक साथ कई ठिकानों पर सटीक प्रहार किया गया और सब कुछ नष्ट कर दिया गया ,पुरी तरह से तकनीकी सशक्त भारतीय सेना ने दुश्मनों को सीमा पार करने का सपना देखने से पहले ही कुचल दिया।
अब तो ये हाल है कि म्यांमार बार्डर पर दुश्मन ड्रोन की आवाज़ सुनते ही वो काँप उठते हैं और साथ ही आप सबको नार्थ ईस्ट में चल रही घटनाओं में ही अब शांति सुनिश्चित होती सुनाई दे रही होगी। ये सब एक दुसरे से कानेक्टेड थे।
इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता तब मिली ��ब उल्फा आई टेरिरिस्ट ग्रूप का लेफ्टिनेंट जनरल और सैन्य रणनीतिकार नयन मेधी
उस एक ही रात के हमले में समाप्त हो गया। साथ ही उस मिलिटेंट ग्रूप के ब्रिगेडियर गणेश असम और कर्नल प्रदीप असम भी मारे गए।
यानि पुरा उपरी नेतृत्व ही ध्वस्त हो गया। पूर्वोत्तर भारत जलाने का सपना देखने वाले विद्रोह की रीढ़ ही तोड़ डाली गयी।
साथ ही भारतीय सेना का स्पष्ट संदेश भी चारो तरफ फैल गया कि हमारे भारत के विरुद्ध साज़िश का अंजाम तय है।
पहले तो सेना ने उनके सुरक्षित ठिकाने ड्रोन के सहारे मिट्टी में मिलाए। फिर पारा एस एफ की मारक “डबल-ट्रैप” रणनीति के तहत जब उनके मारे गए कमांडरों की शोक सभा हो रही थी ,तब उसपर दूसरा हमला भी कर दिया ताकि उनके top order तो खत्म हो ही चुका था ,उनका middle order नेतृत्व भी समाप्त हो जाए।
म्यांमार में उल्फा I ,nscn k , PLA के आतंकी अड्डों और नेतृत्व को एक झटके मलबे में बदल दिया गया।
अब म्यांमार की विदेशी ज़मीन भी उनकी सुरक्षित छुपने की जगह और पनाहगाह नहीं रही।
सच में हमारी एलीट पारा फोर्स के हमारे योद्धा सुनिश्चित करते हैं कि देश हो या विदेश ,कहीं भी छिपो, तुमको खोजेंगे और तुम्हारा अंत करेंगे।
हमारे पश्चिम में पाकिस्तानी आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने वाले ऑपरेशन सिंदूर के बाद, म्यांमार में यह ड्रोन और पारा ��सएफ का अभियान भारतीय सेना के उस आइडियोलॉजी को और मजबूत करता है कि हमारी सेना बस आफिसियली मौन रहती है,पर कूटनीतिक संतुलन रखते हुए ,अपने एक्शन से सबके कर्मों का दंड सुनिश्चित करती है।
आतंकियों के लिए सीमाएँ कोई बाधा नहीं हैं।भारत के शत्रुओं के उनके एक्शन में शून्य टारलेंस है।
भारतीय सेना कश्मीर से पूर्वोत्तर तक भारत को अटूट रखती आयी है, रखती रहेगी और जब जरूरत पड़ेगी आतंकियों को उसके घर मे��� घुसकर मारेंगी।
वंदे मातरम्! जय हिंद!
कांग्रेस के ठगबंधन सहयोगी जमाअत-ए-इस्लामी भारत को “इस्लामिक रिपब्लिक” बनाने का ऐलान करता है
और ये सुनते ही राहुल गांधी -प्रियंका वाड्रा चुप्पी साध कर गायब हो गए
क्यों?
क्योंकि जमाअत को ललकारना मतलब
सालों से पाला-पोसा गया वोट बैंक न���राज़ करना👇🏼
बांग्लादेश में उत्तेजक धार्मिक नारों के बीच पगलाई भीड़ किसी भी हिन्दू को पकड़ कर उसकी बर्बरतापूर्ण हत्या कर रही है --- शव को पेड़ पर टांग कर आग लगा रही है --- मीडिया के दफ्तर फूंके जा रहे हैं --पत्रकारों को जिंदा जलाने की कोशिश की जा रही है --- कृतघ्न बांग्लादेश ��ब पाकिस्तान हो चला है --- बांग्लादेश और मोहम्मद यूनुस दोनों को उनकी सीमारेखा बताया जाना अब बेहद जरुरी है ----
मुल्ला ने फारेस्ट लैंड अल्लाह को दे दी
रंगपुरी में फारेस्ट आरक्षित भूमि पर मस्जिद मदरसा कब्रिस्तान और फिर वक़्फ़ क़ब्ज़ा
सब खेल देश की राजधानी में हुआ है
कहीं कोई चर्चा भी सुनी क्या ?
खुल्ली लूट हुई है नेता चुप्पी मार के बैठे है
बांग्लादेशी हिंदुओं को बचाओ मोदीजी।🥹
अगर सैनि��� कार्यवाही करनी पड़े तो करो मोदीजी।
पर उन्हें बचाओ। 🙏🏻
कहा गया मदनी? 🥹
कहाँ है ओवैसी?🥹
कहा है भांडियावुड़? 😭
कहा है टुकड़े टुकड़े गैंग के समर्थक? 🥹
आज मारने वाले उनके अपने है। और मरने वाले हम।
इसलिए यह सड़े हुए लोग हमारे समर्थन में आवाज नहीं उठाएँगे।
माननीय प्रधानमंत्री मोदीजी @narendramodi जी आपसे निवेदन है ले आओ बांग्लादेशि हिंदुओं को ले आओ हिंदुस्तान में।🙏🏻🥹
हम आपसे ही उम्मीद कर सकते है।🙏🏻🚩
वाराणसी: ���र्म की राजधानी काशी अब मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी देश-विदेश के लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक दर्शन में लिपटे रीति-रिवाजों का आकर्षण विदेशीजन को भी सम्मोहित करता रहा है। भारतीय संस्कारों से प्रभावित विदेशीजन भी सनातन की परंपराओं ढलने को उद्यत रहते हैं।
यही चाह अमेरिका के लास एंजिल्स के निवासी जेसन मात्जन�� और उनकी पत्नी लारेन कोजाक को यहां खींच लाई। यह युगल भारतीय संस्कृति से इतना प्रभावित हुआ कि काशी आकर फिर से हिंदू सनातन पद्धति से वेदमंत्रों के उच्चारण के बीच अपना विवाह रचाने से रोक न सका। विदेशी युगल के सात जन्मों के बंधन वाले हिंदू पद्धति के परिणयोत्सव का साक्षी बना शनिवार को गौरी केदारेश्वर मंदिर।
यहां मंदिर के पुजारी ने जेसन और कोजाक का विवाह संपन्न कराया। जेसन ने बताया कि बचपन में ���े अपने माता पिता के साथ भारत आए थे तब से ही उनकी रुचि सनातन परंपआओं, दर्शन और अध्यात्म में बढ़ती गई। अमेरिका में उनके पड़ोसी भी भारतीय मूल के थे जिनसे उहोंने सनातन परंपरा के बारे में और अधिक जाना।
जेसन बताते हैं कि वे चौथी बार भारत और दूसरी बार काशी आए हैं और यहां पर इतना बदलाव देखकर काफी प्रफुल्लित हैं। उनका कहना है कि भारतीय संस्कृति एक रह��्य की तरह है जिसमें वे जितना डूबेंगे उतना ही जानकारी मिलती जाएगी। उनकी पत्नी लारेन पहली बार भारत आई हैं।
#UttarPradesh #Varanasi #Temple #Marriage
मिलिए मुज्जफर्नगर के अवधेश सिंह राणा से जिन्होंने अपनी शादी में मिले लाखो के दहेज को ठुकराते हुए कहा कि हमें दहेज प्रथा खत्म करनी है 🔥
आज के समय में अवधेश भाई जैसे सनातनियों को बकायदा सम्मानित करना चाहिए ��्युकी इन्होने जो किया है वो असाधारण बात है 👇🏻
शेयर रुकना नहीं चाहिए इन भाई की फेमस करदो 🔥
AIMIM नेता : हमारी मांग है कि ममता बनर्जी मुस्लिम बहुल इलाकों में सिर्फ़ मुस्लिम उम्मीदवार ही उतारें।
ज्यादा से ज्यादा मुसलमानों को टिकट दें।
हिंदू महिला : तो फिर हम, कोलकाता के हिंदू बहुसंख्यक, एक मुस्लिम मेयर को क्यों स्वीकार करें..?
धर्मनिरपेक्षता सिर्फ़ हिंदुओं के लिए ही क्यों है?
आप सोचिए कि, मेरे जैसा अहिंसा में विश्वास रखने वाला व्यक्ति ऐसा करने को क्यों मजबूर हो गया?
मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने वाले वकील जो कह रहे हैं, सुनिए और सोचिए
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का 24 वर्षों का कार्यकाल जनसेवा, राष्ट्रनिर्माण और सुशासन के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ यह सफर आज उन्हें विश्व के सबसे प्रभावशाली नेताओं के रूप में स्थापित किया है, जो भारत को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
आपके नेतृत्व में भारत निरंतर प्रग���ि की ओर अग्रसर है और हम आपके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं। आदरणीय प्रधानमंत्री जी को जनसेवा के 24 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई और अभिनंदन!
गालीबाज आरजेडी - तेजस्वी की माई-बहिन गालीबाज योजना
तेजस्वी ने अपनी रैली में फिर से मोदी जी की स्वर्गीय माता जी को गाली दिलवाई। आरजेडी के कार्यकर्ता जितना गाली दे रहे थे तेजस्वी उतना ही उनका हौसला बढ़ा रहे थे।
राजद-कांग्रेस की रैलियों का आजकल एकसूत्री कार्यक्रम चल रहा है- "माई-बहिन को गाली दो।" गालीबाजी जारी है इनकी।
इनकी गुंडई की मानसिकता, कुंठा और हताशा चरम पर पहुंच चुका है।
माँ का अपमान करने वालों को बिहार की जनता माफ नहीं करेगी, इनके गिरे हुए संस्कार का प्रतीक है।
हर गाली का हिसाब करेगी बिहार की माताएँ-बहने।
तेजस्वी यादव के मंच से, उनकी म���जूदगी में एक बार फिर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की स्वर्गीय माताश्री को गाली दी गई। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतंत्र का घोर अपमान है।
👉 क्या यही है विपक्ष की राजनीति?
👉 क्या माँ-बहनों को गाली देना ही उनका संस्कार और हथियार बन गया है?
बिहार की जनता इस गंदी राजनीति को अच्छी तरह समझ रही है और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
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