#Bharat#worldclass
माह-नवम्बर,2021 से यह @KOTANILL
हैंडल चालू है।हम @UpadhyayTolaram
वादा करते हैं आरक्षण मुक्त भारत स्थापित करेंगे।
हमारी इस विचारधारा के साथ अधिक से अधिक
जुड़ें।कभी विचलित नहीं होने वाले,राजनीति एवं
प्रशासनिक ज्ञान में दक्ष एक न एक दिन जीतेंगे
हमें फॉलो करें।
दतिया का चुनाव घनश्याम सिंह को ब्राह्मणों ने जिताया , क्योंकि राजपूत वहाँ 10 हज़ार हैं और ब्राह्मण 45 हज़ार ये एकता बनी रहनी चाहिए
#सवर्ण_एकता_जिन्दावाद
@UpadhyayTolaram मोदीजी ने ओबीसी को खुश
करने के लिए कितनी घिनोनी चाल चली है।
अब इस पर पुनर्विचार नहीं करना उनकी
कुंठिक मानसिक दुर्भावना दर्शाती है।
वैसे यह काला कानून अनावश्यक है।
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
#bharat
शहीद देवेंद्रसिंह पलाड़ा अमर रहे।
इधर स्वामी आनन्दस्वरूप जी जैसे
अखिल भारतीय क्रांतिकारी भी
हमने तो अपनी आंखों से पहली बार
रूबरू देखें हैं। @KOTANILL#UGC_काला_कानून_वापस_लो
बिहार के बांकीपुर और मध्यप्रदेश के दतिया में भाजपा की हार वास्तव में यूजीसी आंदोलन में सवर्णों की उपेक्षा और लगातार सवर्णों की अनदेखी ही कारण है , भाजपा को इस हार को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए नहीं तो आगे की डगर बहुत कठिन है ।
"आरक्षण के खिलाफ आवाज़ तो हम पहले से ही उठा रहे थे लेकिन Gen Z के शामिल होने से आज ये आवाज़ काफी बुलंद हुई है!
इस बात की हमको बहुत खुशी है कि जिस विषय पर पहले लोग बात नहीं करना चाहते थे, आज उसपर खुलकर बात हो रही है!"
सुनिए मुझे @PramaTimes और @KShalmali18454 जी के साथ👇
#bharat#rajasthan
मकराना जी आप संघर्ष करो
हम सब आपके साथ हैं।
@KOTANILL
नोट:- सभी भारतीय एक हैं
जातियां और वर्ण सरकार ने बनाए।
यह सरकारी गजट में रिकार्डेड है।
कायस्थ जाति के रवि शंकर प्रसाद पटना से सांसद है
जहां की बांकीपुर विधानसभा है
इस में 22% कायस्थ वोटर है
इस कायस्थ भाई का गुस्सा देखिए, कितने गुस्से में बोल रहे हैं कि रविशंकर प्रसाद भी UGC पर साइन किया था
ये तो समझ गए देश के बाकी सवर्ण भीम जनता पार्टी को कब समझेंगे?
"हम फॉरवर्ड कास्ट का गर्दन काटने पर लगा था, काहे वोट दें BJP को?? हमारे बाल बच्चों का गर्दन काटने पर लगा है, इसलिए वोट दिए थे BJP को?
उ रविशंकर भी UGC पर साइन किया था, नहीं देंगे वोट!"
-ये बोलना है एक वोटर का
UGC पर GC वोटरों की नाराजगी अब दिख रही है!
सब कुछ साफ है अब-आँखे बंद करने से सच्चाई नहीं बदलेगी!
महिपाल सिंह मकराना पिछले 20 दिनों से नंगे पांव, भूखे-प्यासे 600 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं-UGC नियमों और सवर्णों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ!
हमें ऐसे ही नेताओं की ज़रूरत है जो जमीन पर उतरकर हमारी आवाज़ उठाएं, नाकि संसद में पहुंचकर मुँह में दही जमाकर बैठ जाएं!
मकराना जी को नमन 🙏