•सोनाक्षी सिन्हा कहाँ हैं?
•हृतिक रोशन कहाँ हैं?
•बड़े बड़े स्टैंड अप कॉमेडियन कहाँ हैं?
•रवीश कुमार जी कहाँ है?
•संजय सिंह जी कहाँ हैं?
•अरविंद केजरीवाल जी कहाँ हैं?
•मनीष सिसोदिया जी कहाँ हैं?
•बड़े बड़े विपक्ष के नेता कहाँ हैं?
अब कोई इस्तीफा क्यूँ नहीं मांग रहा?
>ब्रो का नाम योगेन्द्र यादव है
>ब्रो का काम आंदोलन के तवे पर रोटी सेकना है
>ब्रो आंदोलन खाता है, आंदोलन पीता है, आंदोलन से नहाता है, आंदोलन से साँस लेता है
>ब्रो केवल दिल्ली वाले आंदोलन पर फोकस करता है
>जैसे ही कोई आंदोलन का ऐलान करता ब्रो फेयर एंड लवली लगाकर तैयार हो जाता है
>जैसे ही लोग दिल्ली की तरह आंदोलन करने बढ़ते हैं ब्रो उनकी बस में कन्डक्टर की तरह लटक लेता है
>ब्रो पूरा आंदोलन कैपचर करके फुल मीठी आवाज में मीडिया बाइट देता है
>आज झारखंड में बच्चे आंदोलन कर रहे लेकिन आंदोलन जीवी चैन की नींद सो रहा
>ब्रो सिलेक्टिव है, ब्रो सोंच समझ के आंदोलन करता है,
>छात्रों को ऐसे लोगों को याद रखना चाहिए, जब मदद मांगे कभी मत खड़े होना
रांची में लगातार बारिश हो रही है, लेकिन छात्र आंदोलन में डटे पड़े हैं।
हेमंत सोरेन सरकार छात्रों को टेंट भी नहीं लगाने दे रही है। सही मायने में यही तो लोकतंत्र है।
हेमंत सोरेन तुमको इस्तीफा देना पड़ेगा।
जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा!
इसका मतलब झारखंड वालो का सिंहासन हिलने वाला है?
एक बार तो झारखंड के नौजवानों की बात कर लो, आपके सहयोगी पैसों में नौकरियां बांट रहे हैं, और आप फर्जी की डायलॉग बाजी कर रहे हो।
300 में से 299 लाने पर भी नौकरी नहीं मिल रही है।
आदरणीय @narendramodi जी,
आज तुमच्याबद्दल मनापासून आदर वाटला.
ज्या तरुणांनी कधीकाळी तुमच्यावर टीका केली, अपशब्द वापरले, त्यांच्याविषयी मनात कोणतीही कटुता न ठेवता त्यांनाच पुन्हा देश घडवण्याच्या प्रवासात सहभागी होण्याचं आवाहन करणं हा मोठेपणा प्रत्येक नेत्याला जमत नाही.
ही केवळ राजकीय भूमिका नाही; हा उदारपणा, क्षमाशीलता आणि विशाल मनाचा परिचय आहे.
रागाने प्रतिसाद देणं सोपं असतं. क्षमेनं हात पुढे करणं हेच खऱ्या नेतृत्वाचं लक्षण असतं.
अखिलेश जी डिम्पल भाभी को कब भेजोगे?
यह CJP वाले नकली पालतू गुंडे नहीं, असली छात्र हैं इसी लिए इनके साथ कोई नहीं-
@aajtak आपको शर्म आती है मीडिया कवरेज देने में, आखिर लाखों छात्र सडकों पर हैं?
जंतर मंतर के स्टूडेंट लीडर इंटरव्यू देने, पार्टी करने और अब अमित शाह का इंटरव्यू देने में व्यक्त हैं। उधर रांची में झारखंड के आदिवासी स्टूडेंट्स रुखा सूखा खाकर आज फिर रात भर धरने पर बैठेंगे।
छात्रों की हौसला अफजाई के लिए उन्हें पिज्जा बर्गर भेजने वाले कहां गए ?
Huge protest by students in Jharkhand against paper leak..
Every passing day number of students on the streets are increasing....
Students in Jharkhand demand resignation of Education Minister!
There is Congress lead alliance govt in Jharkhand!
कल रांची में छात्रों ने JPSC और JSSC परीक्षा के पेपर लीक के विरोध में कैंडल मार्च निकाला और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफ़े की माँग की।
अब प्रशासन उन्हें टेंट तक नहीं लगाने दे रहा।
कहाँ हैं राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और उनके पिट्ठू दीपके, दास और रंका?
दिल्ली में छात्रों के नाम पर सड़क पर उतरने वाले आज खामोश क्यों हैं?
दिल्ली में जो हुआ, वह छात्रों के हित की लड़ाई नहीं, बल्कि छात्रों के नाम पर राजनीति थी। और आज झारखंड, पंजाब और कर्नाटक को लेकर विपक्ष की चुप्पी भी राजनीति ही है।