#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
क���ंवारी गाय के दूध से पालन ऋग्वेद के अनुसार शिशु रूप में प्रकट परमात्मा का पालन कुंवारी गाय के दूध से होता है। कबीर सागर में वर्णित है कि कबीर साहेब का पालन भी इसी प्रकार हुआ।
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संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है:
जिन मोकुं निज नाम दिया, सोइ सतगुरु हमार।
दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।।
कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहिं कोय।
दादू पूरन जगत को, भक्ति दृढावत सोय।।
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स्वामी रामानंद जी का प्रमाण स्वामी रामानंद जी ने कबीर साहेब को करतार अर्थात सृष्टि के रचयिता भगवान कहा। उन्होंने स्वीकार किया कि विभिन्न रूपों में कार्य करने वाले वही एक परमात्मा कबीर हैं।
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ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 कहता है कि शिशु रूप में प्रकट परम���त्मा के पालन पोषण की लीला कुंवारी गाय के दूध से होती है और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर, पृष्ठ 74-75 साफ करता है कि कबीर जी का पालन पोषण कुंवारी गाय के दूध से हुआ था।
#GodNightMonday#काशी_वाला_कबीर_ही_भगवान_है
संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में स्पष्ट किया है कि काशी वाला कबीर भगवान है।
गरीब, परमेश्वर एक कबीर है, दूजा नहीं आधार।
दास गरीब सकल सृष्टि का, यो ही सिरजन हार।।
जगत के तारणहार Sant Rampal Ji Maharaj
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कबीर साहेब जी ही पूर्ण परमात्मा हैं।
गुरुग्रन्थ साहेब पृष्ठ 721 पर अपनी
अमृतवाणी महला 1 में श्री नानक जी ने कहा है कि -
हक्का कबीर करीम तू,बेएब परवरदिगार।
नानक बुगोयद जनु तुरा,तेरे चाकरां पाखाक।
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Scriptures describe that the Supreme God appears in the form of an infant and performs extraordinary divine acts. The appearance of Kabir Saheb is considered an important example of this divine play.
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Guru Nanak Ji states in Guru Granth Sahib (Raag 'Siri' Mahala 1, Page 24, Shabad 29):
Faahi surat malooki ves, uh thagwada thagi des. Khara siana bahuta bhaar, dhaanak roop raha kartaar.
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संत दादू जी ने भी अपनी वाणी में काशी वाले कबीर भगवान के विषय में कहा है:जिन मोकुं निज नाम दिया,��ोइ सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजन हार।।कबीर कर्ता आप है,दूजा नाहिं कोय।दादू पूरन जगत को,भक्ति दृढावत सोय।।
कबीर परमेश्वर प्रकट दिवस 29 जून 2026
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काशी वाला कबीर भगवान है। इस विषय में गुरुग्रंथ साहिब के पृष्ठ 721 में आदरणीय नानक जी ने कहा है:
हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार।
नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाखाक।।
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संत गरीबदास जी अपनी वाणियों में कबीर परमात्मा की महिमा गाया करते थे तो किसी ने उनसे पूछा कि कौन कबीर उन्होंनें अपनी वाणी में स्पष्ट किया है
गरीबहम सुलतानी नानक तारे दादू कूँ उपदेश दिया जात जुलाहा भेद न पाया, काशी माहीं कबीर हुआ।
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ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9
कहता है कि-
शिशु रूप में प्रकट परमात्मा के पालन पोषण की लीला कुंवारी गाय के दूध से होती है।
ऋग्वेद 9.1.9
अनिरर्जनितो जातवेदाः देवेभ्यः । श्यावाश्वा दुहते मद्य ।।
भावार्थः
वह (परमात्मा) सर्वज्ञ, जनित, जातवेदा है।
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ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार परमात्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता। वह ���शरीर प्रकट होता है और सशरीर चला जाता है। इतिहास गवाह है कि कबीर जी, काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए
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ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 कहता है कि शिशु रूप में प्रकट परमात्मा के पालन पोषण की लीला कुंवारी गाय के दूध से होती है और कबीर सागर, अध्याय ज्ञानसागर,पृष्ठ 74-75 साफ करता है कि कबीर जी का पालन पोषण कुंवारी गाय के दूध से हुआ था
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ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 और ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 4 मंत्र 3, 4 के अनुसार परमा���्मा का किसी माँ से जन्म नहीं होता। वह सशरीर प्रकट होता है और सशरीर चला जाता है। इतिहास गवाह है कि कबीर जी, काशी के लहरतारा तालाब में सशरीर प्रकट हुए और मगहर (वर्तमान
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संत गरीबदास जी ने अमरग्रन्थ साहिब में स्पष्ट किया है कि काशी वाला कबीर भगवान है।
गरीब, परमेश्वर एक कबीर है, दूजा नहीं आधार।
दास गरीब सकल सृष्टि का, यो ही सिरजन हार।।
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