क्या आपको देश का पहला मिडिल क्लास अमीर आदमी कौन था??
वो आदमी कोई और नहीं, विनायक दामोदर सावरकर था, जिसने Per कैपिटल इनकम में पहला स्थान पाया था.
1935 में भारत की प्रति व्यक्ति आय - 75 रूपये
यानि ��्रति व्यक्ति महीने के 7 रूपये कमाता था
1935 में सावरकर की सालाना इनकम - 720 Rs
यानि प्रति महीने सावरकर 60 रूपये कमाता था
1924 से 1937 तक सावरकर क़ो अंग्रेजो द्वारा 60 रूपये प्रति महीना पेंशन मिलती थीं, क्योंकि उसने उनकी ग़ुलामी स्वीकार कर ली थी.
इतिहास गवाह रहा है तलवे चाटने वाले हमेशा अमीर बने हैँ, विरोध करने वालों के मुकाबले
कैसी लगी जानकारी आपको??
Hey @elonmusk ,
This 8 Sept 2026 ISRO's tweet in the video shown is the reason — the dictator is not allowing you to enter Ambani's monopolistic market in India.
हजारों की हथियार बंद फौजें खड़ी कर दी गई है दिल्ली में कल होने वाले अहिंसक प्रदर्शन को रो���ने के लिए l
यह देखकर एक युनानी कहावत याद आ गयी...जो मोदी सेना पर fit बैठती है:
"जो फौज अपनी जनता की तरफ बंदूकें तान कर खड़ी हो.. उनकी पीठ हमेशा दुश्मन की तरफ होती है l"
क्या आपको पता है कल 10 अक्टूबर क़ो भारत सरकार Delhi Protest के नाम पर इस आदमी पर कितना पैसा खर्चा करेगी??
कल सुबह 4 से 2 बजे तक ट्रेने रद्द हैँ काफ़ी.
15 से 20 लाख लोग प्रभावित होंगे
मतलब 20 लाख * 250 रूपये कम से कम किराया के हिसाब से 50 करोड़ रूपये स्वाहा होंगे
57 मेट्रो स्टे बंद हैं, रोज़ाना 70 लाख लोग सफर करते हैँ उसमें.
एवरेज टिकट 20-25 रूपये का अगर हो तो
1500 करोड़ रूपये स्वाहा होंगे
शराब के ठेके बंद रहेंगे, एवरेज 30 करोड़ रूपये टैक्स के स्वाहा होंगे
इसके अलावा व्यापारी वर्ग कम से कम 200 करोड़ का नुकसान खायेगा
आम पब्लिक की जेब महंगा ट्रांसपोर्ट काटेगा.
कुल मिलाकर लगभग 2000 करोड़ पब्लिक का फूं�� दिया जायेगा .CJP प्रोटेस्ट के नाम पर
सिर्फ एक गुनहगार क़ो बचाने के लिए?
देश के इतिहास में ऐसी बेशर्मी नहीं देखी गयी
प्रियंका भारती ने अगर मनुस्मृति के पन्नों को लाइव डिबेट में नही फाड़ा होता तो आज हम लोग बहुत सी बातों को जान नही पाते.
मनुस्मृति का पन्ना फटने से HINDU EKTA का नारा बेनकाब हो गया और मैनस्ट्रीम मीडिया में एंकरों चय��� प्रक्रिया पर सबसे बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है,
मैनस्ट्रीम मीडिया के अधिकतर न्यूज़ एंकर एक विशेषजाति से क्यों हैं. इन न्यूज़ एंकरों को मनुस्मृति से इतना लगाव क्यों है ?
मैनस्ट्रीम मीडिया अपने संस्थानों में एंकरों और पत्रकारों की भर्ती कैसे करता है. भर्ती करने के लिए कौन सी प्रक्रिया या प्रतियोगिता अपनायी जाती है ?
यह सब इतना गुप्त क्यों है ?
न्यूज़ चैनलों को सरकारी नौकरी की तरह खुली प्रतियोगिता आयोजित होनी चाहिए. पता तो चले कौन कितना पढ़ा लिखा और टैलेंटेड है.
इंटरव्यू में जाति पूछकर नौकरी पर रखने की प्रक्रिया न्यूज़ चैनलों को बंद करनी चाहिए.
एक महिला ने सरकार का पुरा सिस्टम हिलाकर रख दिया और कुछ ��ोग राह चलती बेटियों को छेडकर और उन छेडने वालो को बचाने को मर्दानगी समझते हैं...
सलाम है भारत की इस बेटी रितिका चोपडा को...
Ritika Chopra I salute you for your bravery...
न्यूज 24 से दबाव में इस्तीफा देने वाली ईमानदार पत्रकार गरिमा सिंह ने वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ज़बरदस्त रिपोर्टिंग करते हुए आइना दिखाया ,
गरिमा सिंह तुम भारत क़ी गरिमा हो , सलाम है आप को ऐसी पत्रकारिता के लिये ,
Ever heard of a strong and independent man? No. Parents always teach sons to be strong and responsible.
The same parents teach their daughters to be strong and independent.
The real reason for promoting girl child education was not to push all girls into jobs. The real reason was that, if girls are educated, and something happens to the husband, she won't be left destitute. She can earn owing to her education and take care of kids.
Education and having a career never meant that girls should be discouraged from learning household work, and encouraged only to study and do a job. Doing a job was supposed to be a voluntary activity. But, somehow the society has been conditioned to think that a corporate job is the only logical step after education, otherwise education is wasted.
Today, in most of the urban areas, I see a reverse trend. Most of the guys are good in household work - cooking & chores, whereas several women can't cook beyond a cup of coffee, and a bowl of maggi.
So, I would say, on an average, men have stepped up by learning additional skills, and women have stepped down by changing one skill with another. And even with the money earning skill, many of these women don't contribute in running the househould, but rather they are independent (spend on their personal expenses).
RSS के लोगों द्वारा देश के अशिक्षित OBC / SC / ST बर्ग के लोगों के दिमाग में बैठाया गया है❓️
देश को reservation ने बर्बाद किया है?
पहले अपनी सोच की जातिवाद और
पितृसत्ता को तो देख लो।
सोच बदलेगी, तभी देश बदलेगा।
#Constitutionb#hindu#muslim#UGC#Asia#iran Maguire BhimArmy
ये बात सत्य है. Sc/st एक्ट को खत्म करने के लिए सवर्ण जज पूरा जोर लगाते हैँ. वो जातिवादी अपराधी को बचाने के चक्कर में sc/st के साथ न्य���य नहीं करते हैँ ताकि केस को झूठा साबित किया जा सके. इनकी वजह से अपराधी खुलकर शोषण करता है और केस को झूठा बताकर दुरपयोग की बात करने लगता है