लो अब ‘सोशलमीडिया बंदी’ आ गई!
सोशल मीडियावालों को सरकारी स्कूलों में जाने से रोकना बताता है कि सरकारी स्कूलों के हालात सच में बदहाली की दुखभरी कहानी कह रहे हैं। स्कूलों में क्लासरूम, बोर्ड, पंखे-बिजली, पीने के पानी, दोपहर के खाने, टॉयलेट, लैब, कॉपी-किताब, यूनिफ़ॉर्म से लेकर कई विषय के टीचर्स की बेहद कमी है।
सोशल मीडिया को तो सरकार रोक लेगी लेकिन जेन अल्फा का क्या करेगी?
जहां CJP प्रवक्ता को पीटा, वहां तबेले में चल रहा स्कूल: चारे के पास पढ़ते हैं बच्चे; 12.50 लाख मंजूर, फिर भी काम शुरू नहीं
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20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च पर चप्पल पहनकर, बिना वर्दी के एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर डंडे भांज रहा था.
लल्लनटॉप के पत्रकार अभिलाष ने सवाल किया तो केवल सवाल पूछने की वजह से ही रिपोर्टर को लाठी मार दी गई.
इसके बाद पुलिस ने भी लाठी मारने वाले का बचाव किया और बदतमीज़ी करते हुए माइक जमीन पर फेंक दिया.
@DelhiPolice
CJP | Delhi Police | Reporter
दिल्ली पुलिस द्वारा CJP प्रोटेस्ट के दौरान हिरासत में लिए गए लगभग 3000 छात्र-छात्राओं तथा युवाओं और महिलाओं पर बर्बर लाठी चार्ज के बाद दोपहर 2 बजे से अब तक विभिन्न थानों और स्टेडियमों में जानवरों की तरह बिना खाना और पानी गिरफ्तार रखना बेहद दुर्भाग���यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है।
क्या छात्राओं और महिलाओं को इतने रात तक पुलिस स्टेशनों और स्टेडियम में रखना क़ानून का मख़ौल उड़ाना नहीं है?
मोदी जी अब और कितना नीचे गिरोगे ?
लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध करना अपराध नहीं है।
मैं दिल्ली पुलिस से मांग करता हूँ कि सभी युवाओं को तत्काल रिहा किया जाए और उनके संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
पूरे देश में प्रदर्शनकारियों को हटाने से अच्छा है, ���ाजपा सरकार स्वयं ससम्मान हट जाए।
यदि भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों ने इतिहास पढ़ा होता या स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया होता तो वो जानते कि जन-शक्ति जब हर संभावना से निराश हो जाती है, तो वो ख़ुद एक शक्ति बन जाती है।
भाजपा के राज में लोग जीते-जी अपनी चिता ख़ुद सजा के लेट गये, अब इससे ज़्यादा ‘अच्छे दिन’ भाजपा क्या लाएगी। भाजपा का समय पूरा हुआ।
भाजपा का अंतिम दौर शुरू होता है अब…
#चिता_आंदोलन
#केन_बेतवा_विरोध