वीर प्रसूता वसुंधरा का, गूँज उठा जो नारा हैं,
कहो गर्व से हम हिन्दू हैं, हिन्दुस्तान हमारा हैं।
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SIR की जमकर तारीफें करते केरल काँग्रेस नेता,
केरल में काँग्रेस सरकार बनने से पहले
ठीक 6 महीने पहले पूरे केरल में SIR हुआ था
पर SIR तो 'ज्ञानेश कुमार' BJP को फायदा पहुचाने के लिए लाए थे
फिर काँग्रेस कैसे जीत गई?
यह गोल्डन दास का्ह रहा था कि अगर चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने फैसला वापस नहीं लिया
तो इसे फैसला वापस दिलवाना भी आता है. यह न सिर्फ माननीय चंद्रचूड़ पर मानहानि का दावा करेगा बल्कि एसी/एसटी एक्ट भी लगाएगा
इन लोगों का मनोबल देखिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया तक पहुंच गए
पोस्टर में अखिलेश यादव को “गिरगिटेश” बताया गया।
यह अभी साफ नहीं है कि किस पार्टी द्वारा लगाये गये, क्योंकि सब एक दूसरे पर हमलावार हैं...
रायबरेली जाने वाले हैं अखिलेश, उससे पहले ये पोस्टर लगा हुआ है...
चुनाव आयुक्तों ने किस हैसियत से कैबिनेट सेक्रेटरी को शिकायत की। वे अब संवैधानिक पद पर हैं ब्यूरोक्रैट नहीं हैं। वो राष्ट्रपति से शिकायत कर सकते हैं। दोनों चुनाव आयुक्तों को सफ़ाई देनी चाहिए ।
@journosaurav@indiatvnews
विनाशकाले विपरीत बुद्धि! 👇👇
जब श्रीराम की भक्ति की बारी आई, तब सपाइयों ने रामभक्तों पर गोली चलवाई।
जब श्रीकृष्ण जी की भक्ति की बारी आई, तब परिवारवाद की उपज सपा अध्यक्ष को ही श्रीकृष्ण का अवतार मान बैठे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के मुद्दे पर आज तक एक शब्द नहीं निकला।
सपाइयों का यही कर्म उनका हिसाब चुकता कर रहा है जिसकी वजह से वो दस सालों से सत्ता से बाहर है और आने वाले कई दशकों तक वो सत्ता से बाहर ही रहने वाले है
मियां आदिल खान जी... आप सच से कटे हो.. तभी तो आप इतनी कटु-कटु बातें कर रहे हैं... आपको इस तरह से समाज से कटे-कटे नहीं रहना चाहिए... कटे-कटे रहने से मन में कटुता भर जाती है... कट-कट कर रहना ठीक नहीं है... इस तरह कट जाना मुद्दों से ठीक नहीं है... कटना किसी समस्या का हल नहीं... कटना है तो कुरुतियों से कटो... काट डालो उन बंधनों को जो हमें ��क दूसरे से अलग बनाते है... कटु-कटु बातें सिर्फ कटुता फैलाती हैं... क्यों कटना चाहते हो... मत कटो... कटने से इंकार कर दो... कटुता को दूर भगा दो... इस तरह कटे-कटे रहना ठीक नहीं है भाईजान...
“11 में से 7 IIT दलितों के लिये पूर्ण रिजर्व हो”
“उनकी मर्ज़ी का शिक्षक, डीन, कर्मचारी सब वही हो”
“बाद में वो जातिवाद का आरोप ना लगा सके”
इस बुजुर्ग ने मोदी को क्या सलाह दिया ? 🤷🏻♂️
बाब��� साहब खुद COPY PASTE की दुकान थे तो चेले कैसे होंगे? कडवी है पर सच्चाई है।
शिक्षा शेरनी का दूध है लेकिन हजम करने के लिए बाबा साहब को भी 67% पानी मिलाकर ही पीना पडा।
जीरोक्स मशीन केवल जीरोक्स ही निकालती है सिन्हा जी, वो ओरिजनल प्रोड्यूस कर ही नहीं सकती। उसके लिए पढना पडता है।
बलात्कार के मामले में अग्रिम जमानत मिल सकती है भारत में, लेकिन ये वाला एक्ट लग गया फिर कोई सवाल ही नहीं है। भले ही आपने अपनी बहन पर की टिप्पणी का जवाब दिया हो, आप सवर्ण हैं तो आपको भुगतना पड़ेगा।
पहले निचली अदालत ने ठुकराया, अब उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। उधर IIT बॉम्बे में लाचार डायरेक्टर को 18 माँगों पर बिना शर्त हस्ताक्षर करने पड़े। शिक्षा जहाँ जातिवाद के हाथों गिरवी रख दी गई हो, वहाँ हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि शोध पर ख़र्च होंगे और नवाचार के प्रयोग होंगे।
दोष सरकार का नहीं है, पक्ष-विपक्ष सब इस खेल में मिले हुए हैं - कोई शौक़ से, कोई मजबूरी में।
जब से ज्ञानेश कुमार CEC बने है पाँच राज्यो में चुनाव हुए है-
बिहार- NDA
असम - बीजेपी
बंगाल- बीजेपी
केरलम- कांग्रेस
तमिलनाडु - कांग्रेस+
इनको ज���ाँ भाजपा जीती वहाँ दोबारा चुनाव
चाहिए और जहाँ कांग्रेस जीती वहाँ चुपचाप मलाई खाओ।
उससे भी आगे, एक newcomer politician एक्टर विजय पहली बार आए और बड़े बड़े महारथियों के सामने चुनाव जीतकर CM बन गए।
इस देश में निष्पक्ष चुनाव का इससे बड़ा उदाहरण कुछ नहीं हो सकता।
आज गालियाँ दे रहे हो- कल जेल में बैठकर पछताओगे कि
जब SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठी, तब प्रीत सिरोही के साथ क्यों नहीं खड़े हुए।
Stand against SC/ST Act misuse. RETWEET.
खुद एक एग्जाम पास नहीं कर सका और ये अभिजीत दिपके IAS अफसर व CEC ज्ञानेश कुमार को मोदी जी के यहाँ 'झाड़ू-पोछा' करने को कह रहा है!
कोई इसे आईना दिखा दे तो तुरंत विक्टिम कार्ड खेलेगा। ना योग्यता, ना तमीज, बस अपने आका केजरीवाल की तरह बकवास करना आता है।
1951 का चुनाव क़ानून प्रत्येक 6 महीने में SIR कराने कहता है । पैसे के अभाव में इसे स्थगित किया । शेषन,गिल,रमादेवी सभी चुनाव आयुक्त काँग्रेस पार्टी के सदस्य बने