वैदेही कोई टूरिस्ट नही है वो निवासी है यूनियन टेरिटरी जम्मू और कश्मीर की , वो हिन्दू है, जिन्हे 1990 मे मजबूर किया था अपना घर छोडने पर वो आज 31 साल बाद आ पाई है।
This guy has been fired from Job
Meanwhile :
Nikita Singhania continues to work with Accenture
Shilpa Shinde is openly saying Jo ukhaadna hai ukhaad lo
Judge Rita Kaushik got promoted
Jasleen Kaur is chilling in Canada
Hitesha Chandranee has daily brand deals
EQUALITY 🤡
कोचिंग माफिया वाले मास्टर और 'सर' लोगों को नैतिकता के दंभ नहीं भरने चाहिए। चाहे ख़ान हो या अभिनय, इनके वीडियो में ज्ञान कम और परफॉरमेंस अधिक होता है। मैथ्स पढ़ाने वाले जब कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अटैक होने की बकवास करते हैं और स्मार्ट बोर्ड के सामने नाचने लगते हैं, तो वो टीचिंग नहीं होती।
ख़ान, ओझा, स्कोडा, लहसुन सब के सब को देखा हुआ है, सबका मॉडल पता है। ये लोग बच्चों के पक्ष में नहीं होते, ये केवल उस पक्ष में खड़े हो कर अपना पक्ष प्रबल कर रहे होते हैं। ख़ान ने कहा था कि ये मीडिया वाले पुतिन का इंटरव्यू करेंगे? उसका इंटरव्यू किसी BPSC या UPSC की तैयारी करने वाले को करना चाहिए!
कितनी बकचोदी वाली बात है ये! UPSC या BPSC वाले (अधिकांशतः) केवल रट्टू तोते होते हैं और वो जब सेलेक्ट हो कर जाते हैं तो कहते हैं कि परीक्षा तो ऑफलाइन होती है, कोई हैक कैसे कर लेगा वेबसाइट!
UPSC में जाने वाले भारत के टॉप ब्रेन नहीं होते, वो घूसखोरी के सबसे बड़े प्रतिमान होते हैं। उनमें से कुछ अपवाद हैं जो देश को किसी तरह चला रहे हैं, इसलिए उन्हें जो भी उदाहरण बना रहा है, उसे ना देश की समझ है, ना प्रतिभा की।
कोचिंग माफिया एक माफिया है, जो बच्चों की असफलता पर थ्राइव करते हैं। असफलता का भार कभी कोचिंग पर नहीं होता, वह सदैव ही तंत्र पर होता है। मैंने दिव्यकीर्ति की बकवास भी सुनी हुई है और मुखर्जीनगर में 16 वर्ष रह कर यह जानता हूँ कि कोचिंग वालों को स्वयं ना भाषा का ज्ञान है, ना विषय का। तंत्र भी बेकार है, पर तुम दूध के धुले नहीं हो।
परंतु हाँ, इसमें भी कई अपवाद होंगे जैसे कि मीडिया में भी कई अपवाद हैं जो अच्छे हैं। पर हाँ, यदि मीडिया बिकी हुई है (जो कि वास्तव में है), तब भी बच्चों के नाम पर नैतिकता की बात करने वाले ये अधिकांश यूट्यूब टीचर स्वयं अनैतिक हैं।
इनका नाम अतुल सुभाष था।
34 साल। बेंगलुरु में प्राइवेट कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर। एक बेटे के पिता व्योम।
उन्होंने सिस्टम से उम्मीद नहीं की कि कोई उनकी बात सुनेगा।
उन्होंने हर चीज़ खुद रिकॉर्ड की।
उन पर एक साथ 9 केस दर्ज हुए 498A, घरेलू हिंसा, मेंटेनेंस, कस्टडी।
हर सुनवाई के लिए उन्हें बेंगलुरु से जौनपुर तक 1700 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था।
4 साल में 40 बार वही सफर।
120 कोर्ट हियरिंग्स।
उन्होंने आरोप लगाया कि केस वापस लेने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगे गए।
अपने ही बेटे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये अलग से।
अपने वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक फैमिली कोर्ट जज ने अनुकूल आदेश के लिए 5 लाख रुपये मांगे।
9 दिसंबर 2024 को उन्होंने बेंगलुरु के फ्लैट में आत्महत्या कर ली।
पीछे छोड़ा — 24 पन्नों का नोट और 81 मिनट का वीडियो।
हर तारीख। हर केस नंबर। हर यात्रा। हर रकम।
सब कुछ रिकॉर्ड किया हुआ।
मरने से पहले उन्होंने अपने परिवार से सिर्फ एक बात कही:
“मेरी अस्थियाँ गंगा में तब तक विसर्जित मत करना, जब तक न्याय न मिले।”
उनकी मां सुप्रीम कोर्ट गईं, अपने पोते से मिलने की अनुमति मांगने।
उन्हें कहा गया — “आप बच्चे के लिए stranger हैं।”
फिर सुनवाई आई।
जज छुट्टी पर थे।
एक साल की तारीख मिल गई।
इसी बीच, ट्विशा शर्मा केस में सिर्फ 11 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।
बार काउंसिल ने घंटों में कार्रवाई कर दी।
AIIMS की मेडिकल टीम चार्टर्ड प्लेन से भेजी गई।
11 दिन में पूरा सिस्टम दौड़ पड़ा।
अतुल सुभाष 81 मिनट का रिकॉर्डेड सबूत छोड़ गए थे।
उन्हें मिला एक साल का इंतज़ार।
उनकी अस्थियाँ आज भी गंगा का इंतज़ार कर रही हैं।
उनका बेटा व्योम अब 6 साल का है।
अतुल सुभाष को न्याय मिलना चाहिए।
अगर रिकॉर्डेड सबूत, दस्तावेज़ और एक इंसान की आखिरी पुकार भी सिस्टम को नहीं जगा सकती, तो फिर आम आदमी आखिर जाए कहाँ?
ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उनका लाइसेंस भी रद्द हो गया है, जज गिरिबाला सिंह जी सस्पेंड हो गईं हैं। पूरे सोशल मीडिया पर ट्विशा के वीडियो वायरल हैं और ब्रह्मांड भर के पुरुषों को गाली दी जा रही है। खलिहर दीदियों को काम मिल गया है, उनके दहेज पर निबंध आने लगे हैं।
अतुल सुभाष की पत्नी छुट्टा घूम रही है, जज रीता कौशिक के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अभी कुछ दिन पहले आत्महत्या करने वाले जज अमन शर्मा की पत्नी IAS हैं। Suicide नोट में साफ साफ पत्नी की प्रताड़ना के बारे में लिखा है मगर कुछ नहीं हुआ। यही नहीं, निशांत बरनवाल जिनकी हत्या 2024 में उनकी पत्नी ने की थी। सीसीटीवी फुटेज में वो बॉडी घसीटती हुई दिख रही है, उसका कुछ नहीं हुआ। सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है। ब्लू ड्रम पर चुटकुले चल रहे हैं।
यह पक्षपाती मानवता (selective humanity)कैसे कर लेते हो ?
हमने हाईकोर्ट के सभी मूल रिकॉर्ड तैयार कर लिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इंदौर बेंच के आदेश, ए.एस.आई. रिपोर्ट, वीडियोग्राफी सहित सभी रिकॉर्ड सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किए जाएंगे।
Hi , I am Gulshan Pahuja
Fighting for Judicial Reforms for last 14 years
Delhi High Court has convicted me for contempt of Court and sentenced me to 6 months in Prison
My only mistake is to seek accountability, transparency, swift justice from Indian Judiciary
मेरा मानना है कि कांग्रेस सरकार के समय ASI में कई हिंदू-विरोधी लोग थे, जिन्होंने हिंदुओं के साथ अन्याय और गलतियाँ कीं। इसलिए हर विषय पर मुझसे प्रमाण प्रस्तुत करने की अपेक्षा उचित नहीं है।
क्या माँ सरस्वती की खंडित प्रतिमा के पुनर्स्थापन की मांग करना अनुचित है? मैं किसी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता, बल्कि संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रख रहा हूँ।
मुसलमानों ने कुछ नहीं माना! 1991 और 2003 में बार-बार बातचीत के दौरान मुसलमान यही कहते थे कि उस जगह को नहीं छोड़ेंगे!
उसके बाद आख़िर तक सुप्रीम कोर्ट में लड़े, फिर रिव्यू पेटिशन डाली, फिर क्यूरेटिव पेटिशन डाली और उसके बाद भी आज तक छाती पीटकर रोते हैं।
जबरदस्ती का एहसान मत लादो हिंदुओं पर, और इस देश पर!
भोजशाला पर आया फैसला सनातन धर्म, हिंदू समाज और राष्ट्र की अस्मिता की जीत है। यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे देश के उन लोगों की विजय है जो अन्याय के खिलाफ खड़े हैं। हमारा संकल्प है कि मंदिर तोड़कर बनी सभी संरचनाओं को कानूनी रूप से चुनौती देंगे।
एक बच्चे ने खुद को खत्म कर लिया, कई बच्चे लगभग डिप्रेशन में चले गये।
कई बच्चे डरे हुये हैं।
कई बच्चों के माता पिता के सपने टूट गये।
कई परिवारों में मातम का माहौल है।
ये सब नीट यूजी प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि और फिर परीक्षा निरस्त होने के बाद हुआ।
पर इसके लिये जिम्मेदार मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हंसते हुये मीडिया से बात करने तक से इनकार कर दिया और रेलवे स्टेशन के सुलभ शौचालय के वाशबेसिन तक के उदघाटन का श्रेय लेने को आतुर रहने वाले उनके बॉस नरेंद्र मोदी ने मुंह में फेविकोल जमा लिया।
उन्हें भी पता है कि 2024 की तरह उन पर और उनके प्यारे प्रधान पर कोई भी उंगली नहीं उठा पायेगा।
लड़के तो मरते ही रहेंगे
परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तो लीक होते ही रहेंगे।
अभी यूपी चुनाव की तैयारी करनी है और थोड़ा मूड चेंज करने को घूमना फिरना है।
आखिर अचानक से बंगाल चुनाव जीतने के बाद इतनी बड़ी एनर्जी क्राइसिस जो आ गई न?
कुछ मदद लेने, कुछ ज़ुगाड़ करने,कुछ नये समझौते करते भी दिखना है न?
बिज़नेस वेकेशन।
यू नो?
जय भीम
मेरे पिताजी पूज्य श्री हरिशंकर जैन जी की कठोर मेहनत, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है कि आज हिंदू समाज यह दिन देख पाया। 2 मई 2022 को उन्होंने माननीय इंदौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस न्यायिक लड़ाई की शुरुआत की थी, जिसके परिणामस्वरूप आज ऐतिहासिक फैसला आया है।
Today the Indore High Court has delivered a historic verdict, the Court has granted the Hindu side the right to worship and has recognised the Bhojshala complex as belonging to Raja Bhoj.
Dharm ki jay ho, Adharm ka Naash ho🚩
Jai Maa Vaag Devi🙏🏻
I READ BAIL ORDER IN THE CASE OF ALLEGED RAPE OF 3 YR OLD BABY GIRL IN A SCHOOL IN DELHI & HERE'S WHY COURT GRANTED BAIL :
◾Parents alleged that the incident happened in a basement in the school on 30 April b/w 8:15am - 12 noon where a female teacher was also present during the assault. Defense argued that the Accused had a job of only monitoring the entry of teachers & students at the gate & claimed he never even entered the school. He is seen leaving the school at 8:37am to go to senior wing where he is seen entering at 8:45am and did not go anywhere from there till 12 as seen in CCTV footage
◾ Defence claimed that the initial complaint from parents did not mention presence of school teacher during the assault but when she did not support the parents version, she was also falsely implicated
◾The most important fact observed by court was of medical report. No injury or redness or scratch or any marks were found either on the body or private parts of the child though complaint was made on same day and medical done shortly thereafter
◾Court also took into account arguments of defense that there were several students & teachers in the premises in morning hours of the school & it is highly impossible that no one heard the cries of the child subjected to alleged assault
◾Without going into merits of the case, Judge said that as even Investigation officer has agreed that the accused left the premises at 8:37am and did not enter the school again and that the school and the accused have cooperated in the incident, technical evidence have been taken into custody and teachers have been examined, bail is granted
Delhi Police has categorically mentioned that they provided immediate support & assistance to the victim & the parents and vehemently opposed the bail.
Special PP demanded that the accused not be granted bail as allegations are grave
Meanwhile, the female teacher added as an accused later in the case was arrested yesterday after the case was given a political colour by leader of a certain political party. She is in police custody right now
मुस्लिम पक्ष को कोर्ट हिंदुओं के मंदिर हथियाने के बाद किस लॉजिक से सरकार को भूमि देने को कहती है? ये तो अच्छी स्कीम है कि मंदिर हथिया लो और फिर वैध रूप से मस्जिद की भूमि सरकार से ले लो।
ये केवल मंदिर-मस्जिद में ही नहीं हो रहा, हर उस जगह पर जहाँ मुसलमानों ने अतिक्रमण किया हुआ है, वो पहले केस हारते हैं, फिर कहते हैं 'हम कहाँ जाएँ?' फिर कोर्ट 'मानवतावादी दृष्टिकोण' रखते हुए स्टेट से कहता है कि इन्हें बसने के लिए PM आवास योजना से घर बना कर दिया जाए।
कोर्ट यह क्यों नहीं कहता कि जो जिस राज्य से आया है, वहाँ जाए? कोर्ट मंदिर वाले मामले में यह क्यों नहीं देखता कि यदि यह टाइटल सूट है तो हारने वाले को भूमि किस आधार पर दी जा रही है?
ये तो वही बात हुई कि चोरी साबित हुई, फिर कोर्ट काहे कि इसने जो समान चोरी की थी, वो सामान आप रख लो, पर सरकार चोर को चोरी के सामान का मूल्य दे दे।