उमर अब्दुल्ला उनमे से थे जो कहते थे कि 370 हटने के बाद कश्मीर में कोई तिरंगा नहीं उठायेगा-
पर उन्होंने अपनी गलती से सीखा है ये अच्छी बात है।
आज आज़ादी के दिन वो PoK को भारत में लाने की बात कर रहे है, ये है बदलाव जो इस सरकार ने संभव कर दिखाया है।
और हाँ ये “56 इंच” वाले ने ही किया है जो 80 साल में किसी की हिम्मत नहीं थी।
- कांग्रेस नई मुस्लिम लीग है.
- वंदे मातरम किसी एक धर्म का गीत नहीं है. ये किसी के विरुद्ध नहीं है.
यहां जो हुआ, वह अगर वही है, जो आपको लग रहा है तो कांग्रेस के बुरे दिन अभी खत्म होने वाले नहीं हैं.
वंदे मातरम कांग्रेस के अधिवेशनों में 1896 से ही पूुरा ही गाया जाता था. मुसलमान, हिंदू, ईसाई, गांधी, नेहरू, पटेल, मौलाना आजाद सभी गाते थे. रवींद्र नाथ टैगोर की धुन है.
1937 में मुस्लिम लीग ने कहा कि "वंदे मातरम पूरा मत गाओ और भारत माता की जय मत बोलो... तो हम पाकिस्तान नहीं मांगेंगे."
कांग्रेस ने तुष्टिकरण किया. झुक गई. मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम गीत को तो कटवा दिया पर पाकिस्तान की मांग नहीं छोड़ी. देश तो फिर भी बंट ही गया. वंदे मातरम को मुफ्त में कटवा दिया.
संसद ने अब जाकर इस भूल को ठीक कर लिया है.
वंदे मातरम पूरा न गाना मुस्लिम लीग और जिन्ना का एजेंडा था. इसलिए मैंने कहा था कि कांग्रेस नई मुस्लिम लीग है.
अंतर्वस्तु में वंदे मातरम ��ार्मिक गीत नहीं है. ये किसी के विरुद्ध तो बिल्कुल नहीं है.
इसमें राष्ट्र को माता और ईश्वर के रूप में देखा गया है. ऋषि बंकिम राष्ट्र में दुर्गा को इसलिए देख रहे थे क्योंकि वे उनकी अराध्य थी. पूर्वी भारत के लोगों के लिए देवी दुर्गा का महत्व तो आप जानते ही हैं.
राष्ट्र को वे इससे ऊपर कहां रखते? वे मुसलमान होते तो राष्ट्र को अल्लाह बोलते और ईसाई होते तो गॉड.
इसमें दिक्कत क्या है?
बंकिम ने राष्ट्र को अपनी भक्ति के सर्वोच्च शिखर में देखा. भारत को माता और दुर्गा के रूप में देखा. ये उनकी आस्था थी. इसलिए सभी रिलीजन के लोग वंदे मातरम बोलते हैं.
ये सेक्युलरिज्म के विरुद्ध भी नहीं है. यूरोप और अमेरिका के सेक्युलर देशों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बाइबिल की ही शपथ लेते हैं. इससे उनका सेक्युलरिज्म कम नहीं हो जाता.
🚨🇮🇳 पहलगाम आतंकी हमला पर NSA अजीत डोवल पर पहला रिएक्शन सामने आया। डिस्कवरी के डॉक्यूमेंट्री में बताया कि एयरपोर्ट पर हुई पहली बैठक में PM मोदी ने सबसे पहले पूछा:
“किसने किया है? कौन जिम्मेदार है? मुझे तुरंत जानना है।”
#Doval ने कहा कि भारतीय खुफिया एजेंसियों ने बेहद कम समय में हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली।
पांच वक्त का नमाज़ी,तीन बेटियों का बाप अकरम और बीवी भी है।
इसके बावजूद 6 हिंदू लड़कियों को लव-जेहाद में फंसा रखा था।
बजरंग दल ने पकड़ा और पुलिस के हवाले किया।
सोचने की बात है इनका क्या मकसद है जो चप्पे-चप्पे पर इन्होंने गंद मचा रखा है।
WATCH: Insane Hollywood-like chase between cattle smugglers and courageous Gaurakshaks in Rajasthan.
One Gaurakshak jumped from his vehicle, climbed the truck and stopped it.
Several voiceless cattle rescued from slaughter. Accused arrested.
झूठ :- हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच को उनके दलित होने के कारण शुद्धिकरण किया गया
सच :- हल्द्वानी का वह रामलीला मैदान है व���ां रामलीला का मंचन होता है और उस मंच पर भगवान श्री राम को विराजा जाता है
और उस मंच पर खड़गे के कार्यक्रम में तमाम मुसलमानो ने अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए इसीलिए रामलीला आयोजन कमेटी ने उस जगह का शुद्धिकरण किया
A minor Hindu girl was raped by over a hundred men after being groomed on social media.
Mohammad Yasin befriended the 14-year-old Hindu girl in 2024, lured her to Dehradun, raped her, recorded the act and forced her into a prostitution racket.
He made multiple fake Aadhaar cards and gave her tablets to stop her periods.
Bajrang Dal rescued her at midnight in heavy rain. We demand strict action against the accused — or get ready for a massive protest.
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ये छपरी लौंडियाबाज़ बचने नहीं चाहिए..
वीडियो कलकत्ता की है @KolkataPolice
कृपया संज्ञान ले और इन जाहिलों को ऐसा सबक दे कि इनकी पीढ़ीयां याद रखें 🖐️
हद है यार।
केवल 13साल की लड़की को भी जेहादियों ने प्रेगनेंट कर दिया।
ऊपर से दबाव बना रहे हैं कि डेढ़ लाख में फैसला कर लो वरना जान से हाथ धो बैठोगे।
क्यों भई सरकारों प्रशासनों कोर्ट कचहरियों नेताओं
अगर इस देश में बजरंग दल हि��दू रक्षा दल न हो
तो क्या हालत होगी हिंदू समाज की।
#एक_और_जोगेंद्र_मंडल
यह हैं बांग्लादेश के हिन्दू गायक राहुल आनंद।
जीवन भर इन्होंने मज़हबी भाईचारा ऑन टॉप बनाए रखा। कहते रहे कि इन्हें हिंदुओं से ज़्यादा जिहादी भाइयों का प्यार मिलता है।
अब इन्हें, जिहादी भाइयों ने अपना सच्चा हलाल प्यार दिखा दिया।इनका घर तो फूंका ही साथ में इनकी थियेटर कंपनी भी लूटकर ले गए।
भारत के लिबरल �� सेक्यूलर ह��सला रखें। मात्र बीस पचीस सालों में ऐसा मज़हबी भाईचारा ऑन टॉप यहाँ भी बंटेगा।
कभी सिविल सेवा की तैयारी करते वक्त जिस शख्स ने मॉक इंटरव्यू में एक छोटे से काम के लिए 500 रुपये की रिश्वत मांगे जाने पर अपनी आपत्ति जताई थी, आज वही अधिकारी एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए हैं. दरअसल, 2022 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.वायरल हो रहे पुराने वीडियो में राहुल बंसल एक मॉक इंटरव्यू पैनल के सामने बैठे नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने देश में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक कमियों और पुलिस सुधारों पर खुलकर बात की थी.
वीडियो में बंसल ने एक पुराना वाकया याद करते हुए बताया था कि कैसे उनके भाई को आईआईटी कानपुर में पढ़ाई के दौरान एक रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन के सिलसिले में अमेरिका जाना था. इसके लिए उन्हें तुरंत बर्थ सर्टिफिकेट यानी जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत थी. बंसल का आरोप था कि उस वक्त एक पंचायत अधिकारी ने कागजात जल्दी तैयार करने के एवज में उनसे 500 रुपए की रिश्वत मांगी थी.इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मुझे 500 रुपये की घूस देने में बहुत बुरा लगा था'. हालांकि, उसी इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा था कि व्यवस्था में कुछ लोग भ्रष्ट हो सकते हैं, लेकिन इस आधार पर पूरी व्यवस्था को गलत नहीं ठहराया जा सकता.
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यह वीडियो 2020 का है, जब केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के CM बनने के लिए चुनाव लड़ रहे थे. उस समय, मनोज तिवारी दिल्ली BJP के अध्यक्ष थे.
अभिजीत दिपके कम से कम 9 सालों से AAP के लिए काम कर रहे हैं.
अब इसमें कोई शक नहीं है कि केजरीवाल ही CJP चला रहे हैं और दिपके उनके कठपुतली हैं.
अरविंद केजरीवाल समझ चुके हैं कि दारू घोटाले के बाद और शीश महल के बाद उनकी क्रेडिबिलिटी बिल्कुल खत्म हो गई है भारत की जनता उनको सीरियस नहीं ��े रही
तब अरविंद केजरीवाल ने CJP। लॉन्च किया