चुनाव आयोग को सुधार हीं नहीं, आमूलचूल परिवर्तन की अपरिहार्यता है। आज लोकतंत्र को बचाने का ऐतिहासिक दायित्व उनके कंधों पर है। माना उनके ऊपर कई प्र��ार के अवांछित दबाव काम कर रहे हैं लेकिन वो ये न समझें कि वो अकेले हैं। जब चुनाव आयोग सही रास्ते पर चल निकलेगा तो करोड़ों भारतवासियों का साथ उसका रक्षा कवच बन जाएगा। सत्य के मार्ग पर चलनेवालों के साथ जनता और जन विश्वास स्वयं चलने लगता है।
चुनाव आयोग का एक सही और साहसिक क़दम देश की अनंत पीढ़ियों का भविष्य और कल्याण सुनिश्चित कर सकता है।
सबको अंत���ात्मा की आवाज़ सुननी चाहिए।
जिन सांविधानिक संस्थाओं से देश के लोकतंत्र को आशा है अगर वही निराशा को जन्म देंगे तो उनसे हम उनकी अपनी भूमिका के लिए श्वेतपत्र नहीं माँगेंगे बल्कि उन्हें श्वेतवस्त्र भेंट करेंगे।
एक समाचार, जिस पर हमारे सवाल बिंदुवार :
- सवाल सिर्फ़ ये नहीं है कि अमेरिका ने हालात के मारे भारतीयों को दासों की तरह बेड़ियों में जकड़�� और अमानवीय परिस्थितियों में भारत भेजा…
- सवाल ये भी है कि ‘विश्व गुरु होने का दावा करनेवाले मौन क्यों हो गये?
- सवाल ये भी है कि हमारा विदेश मंत्रालय क्या कर रहा है?
- सवाल ये भी है कि महिलाओं और बच्चों को इन अपमानजनक परिस्थितियों से बचाने के लिए हमारी सरकार ने क्या किया?
- सवाल ये भी है कि क्या अपनी अमेरिकी यात्रा में माननीय प्रधानमंत्री जी ये मुद्दा पुरज़ोर तरीके से उठाएंगे या नहीं?
- सवाल ये भी है कि देश में ऐसे हालात क्यों पैदा हो रहे हैं कि लोग विदेश जाने पर मजबूर हैं?
- सवाल ये भी है कि देश लौटने के बाद ऐसे लोगों के लिए सरकार का रुख़ क्या होगा?
- सवाल ये भी है जिन लाखों भारतीयों पर अमेरिका में आँच आ रही है भारत सरकार उनके लिए क्या करेगी?
प्रवासी भारतीय कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
महाकुंभ में अव्यवस्थाजन्य हादसे में श्रद्धालुओं के हताहत होने का समाचार बेहद दुखद है। श्रद्धांजलि!
हमारी सरकार से अपील है कि:
- गंभीर रूप से घायलों को एअर एंबुलेंस की मदद से निकटतम सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटलों तक पहुंचाकर तुरंत चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
- मृतकों के शवों को चिन्हित करके उनके परिजनों को सौंपने और उन्हें उनके निवास स्था��� तक भेजने का प्रबंध किया जाए।
- जो लोग बिछड़ गये हैं, उन्हें मिलाने के लिए त्वरित प्रयास किये जाएं।
- हैलीकाप्टर का सदुपयोग करते हुए निगरानी बढ़ाई जाए।
- सतयुग से चली आ रही ‘शाही स्नान’ की अखण्ड-अमृत परंपरा को निरंतर रखते हुए, राहत कार्यों के समानांतर सुरक्षित प्रबंधन के बीच ‘मौनी अमावस्या के शाही स्नान’ को संपन्न कराने की व्यवस्था की जाए।
श्रद्धालुओं से भी हमारी अपील है कि वो इस कठिन समय में संयम और धैर्य से काम लें और शांतिपूर्वक अपनी तीर्थयात्रा संपन्न करें। सरकार आज की घटना से सबक लेते ��ुए श्रद्धालुओं के रुकने, ठहरने, भोजन-पानी व अन्य सुविधाओं के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे।
हादसे में आहत हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना।
महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए ये आवश्यक है कि उप्र शासन-प्रशासन के स्थान पर महाकुंभ का प्रश���सन और प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए।
‘विश्वस्तरीय व्यवस्था’ करने के प्रचार करते हुए दावों की सच्चाई अब जब सबके सामने आ गयी है, तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे थे, उन्हें इस हादसे में हत हुए लोगों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।
महामहिम राष्ट्रपति जी और मान���ीय सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त अन्य किसी से इंसाफ़ की उम्मीद नहीं है।
वीडियो का संज्ञान लेते हुए, तुरंत देश की एकता और शांति के दुश्मनों को उनकी सही जगह पहुँचाया जाए।
इंडिया गठबंधन-समाजवादी पार्टी की सजगता व सक्रियता से जिस तरह हमारे मतदाताओं, समर्थकों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, नेताओं, उम्मीदवारों, समस्त पीडीए समाज व कुछ ईमानदार मीडियाकर्मियों ने भाजपा सरकार की चुनावी धांधली क�� डटकर सामना किया है, उसकी प्रशंसा हर ओर हो रही है। ये सक्रियता आगे भी जारी रहेगी और अपनी सरकार बनाएगी।
सच तो ये है कि जिस प्रकार भाजपा और उनके संगी-साथियों के चुनावी घपलों से लेकर राजनीतिक हथकंडों तक का लगातार पर्दाफ़ाश हो रहा है, उससे भाजपा का समर्थन करनेवालों की संख्या दिन-पर-दिन गिरती जा रही है। जनता भाजपा को चुनना नहीं चाहती है, इसीलिए भाजपा भ्रष्ट शासन-प्रशासन-प्रचार तंत्र का दुरुपयोग करके सरकार में बने रहना चाहती है।
उम्मीद है धीरे-धीरे सबको ये समझ आ जाएगा कि चाहे नेता हों या अधिकारी, भाजपा सबको पहले लालच या अन्य किसी दबाव या भावनात्मक रूप से झाँसा देकर गलत काम करवाती है फिर जब वो पकड़े जाते हैं, उनका निलंबन होता है, उनपर मुक़दमा होता है, उनकी नौकरी जाती है ��ा उनको जेल होती है या फिर समाज-परिवार अथवा विभाग में बदनामी होती है तो भाजपा उनसे पल्ला झाड़ लेती है। भाजपाई फँसानेवाले लोग हैं, बचानेवाले नहीं। भाजपा किसीकी सगी नहीं है।
इसीलिए इंडिया गठबंधन-सपा के सभी जागरूक उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, नेताओं, समर्थकों व समझदार आम जनता से ये अपील है कि वे डटे रहें, अपने वोट की दिन-रात रक्षा करें व कल मतगणना के लिए पूरी तरह सावधा�� रहें और जीत का प्रमाणपत्र लेकर ही लौटें।
हम नैतिक रूप से जीत चुके हैं, बस प्रमाणपत्र मिलना बाक़ी है।
ईमानदार मीडियाकर्मियों से भी ये अतिरिक्त अपील है कि वो भी अपने कैमरे और क़लम लेकर मुस्तैदी से डटे रहें और बड़े-बड़े मीडिया चैनलों और उनके पत्रकारों को बताएं कि कोई बड़ा दिखावटी चमक-दमक से नहीं बल्कि अपने ईमानदार काम से होता है। आपकी सत्यनिष्ठा और सकारात्मक सक्रियता ही आपकी सार्थकता है। ���पका एक सच सौ झूठों पर भारी साबित होगा। धन्यवाद!
नेताजी की जयंती पर हम सबका उनको कोटि-कोटि नमन! नेताजी की जयंती, हम सबके लिए ‘समाजवादी मूल्यों’ के प्रति अपने संकल्पों को दोहराने का ‘शपथ-दिवस’ होती है।
आज जन-जन में जो सामाजिक चेतना और जागरूकता आई है, उसकी ज़मीन नेताजी और उनके साथ के समर्पित लोगों ने ही तैयार की थी। आज हम सबकी ये ज़िम्मेदारी है कि उनके बोये सैद्धांतिक बीजों और उनके रोपे हुए वैचारिक पौधों को और भी अधिक सकारात्मक वातावरण दें, जिससे समानता-समता, सौहार्द और सबकी संवृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो सके और विकास की दिशा सब भेदभाव मिटाते हुए, देश के अंतिम व्यक्ति से प्रथम व्यक्ति की ओर हो जाए। नेताजी ने ही हम स��को ये समझाया और सिखाया कि सच्चे लोकतंत्र की सच्ची दिशा नीचे-से-ऊपर की ओर होती है। जब पंक्ति का अंतिम व्यक्ति सशक्त होगा तभी समाज और देश सशक्त होगा। यही ‘समाजवादी सकारात्मक राजनीति’ का बुनियादी सिद्धांत है, हम सब आज फिर से नेताजी के संकल्पों-सिद्धांतों पर चलने व उनके लिए लड़ने का वचन उठाते हैं।
नेताजी को पुन: नमन और सार्थक स्मरण!