@LakhanmeenaIND ना कोई विवाद था ना किसी ने धमकी दी थी सिर्फ पुरानी घटना जो कि ज्यादातर डीजे का विवाद होता है उसके आधार पर पुल���स सुरक्षा में बारात निकाली गई।
IPS साहब ने भौकाल टाइट करने का मस्त प्लान बनाया था।
उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे जी ने एक सभा में भाषण दिया, तो मनुवादियों ने उनकी ज���ति देखकर उस जगह के शुद्धिकरण के लिए हवन का आयोजन किया।
RSS, बजरंग दल, हिंदू महासभा.. किसी ने भी इसकी निंदा नहीं की। हिंदू धर्म में दलितों की यही हैसियत है।
Two Brahmins, Rajat Shukla & Nihal Shukla, died inside a septic tank in Prayagraj today, yet these people still claim GCs are privileged.
Time to expose these fake narratives, one by one.
एक बात नोटिस करना, नीलचट्टे हमेशा टॉक्सिक फेमिनिज़्म को सपोर्ट करेंगे,इनको पता है कि टॉक्सिक फेमिनिज़्म ही वो जरिया है जिससे यह ज़्यादा से ��़्यादा GC महिलाओं को एक्सप्लॉइट कर सकते हैं। ये जानते हैं कि पुरुष और महिला में जितना टकराव होगा, GC महिलाएं उतना ही इनके जाल में फँसेंगी।
@Dinehshukla सड़क तेरे बाप की पार्किंग है जो गाड़ी खड़ी करके प्रसाद खरीद रहा था? तू 15 मिनट तक प्रसाद खरीदेगा तब तक दूसरे लोग तेरी गाड़ी के पीछे इंतजार करेंगे?
पुलिस वाला बिल्कुल सही है तेरा चालान होना चाहिए अवैध पार्किंग करने के लिए।
Practice of using allegations of insult as an excuse for violence was started by Ambedkarite goons. I see videos every day of Ambedkarites goons beating people accusing them of insulting Ambedkar, even police support that goons. You don't see that? Whoever does it, it's wrong.
#repeat Gutter society, gutter people, gutter culture, gutter religion.
Mob justice. Beating up and violating a clearly mentally ill woman.
What a shit-hole Maharashtra has become, and insult to the great Shivaji Maharaj himself ....!!!!
DAMN.
साधारण भारतीयों को सबसे बड़ा धोखा पहले मोहनदास ने दिया था जो कहता था कि विभाजन मेरी लाश पर होगा।
दूसरा धोखा चालू है। नाम है नरेंद्र मोदी का "हिसाब चुकता स्टार्टअप योजना"
नाली के सूअर की तरह ब्रीडिंग करके भीड़तंत्र की वजह से मिले राजनीतिक आरक्षण और SC ST act की वजह से बचे हुए हो।
ये दोनों के हटते ही भीम और भीम राजनीति और गुंडागर्दी को तो कुत्ता भी नहीं पूछेगा।
ये 85% हैं,सभी नील वैज्ञानिक हैं सवर्णों को पाखण्डी बताते हैं। कोरेगांव में शूरवीर थे फिर भी 15 % ने इनको 5000 साल तक पानी नहीं पीने दिया ,इनसे ब्रेस्ट टैक्स वसूल लिया इनको पढ़ने नहीं दिया ।
85% शूरवीर वैज्ञानिक लोग कैसे नह��ं पढ़ पाए।
यह मत पूछो कि आरक्षण कब तक चलेगा, उससे पहले यह बताओ कि समाज में जातीय भेदभाव कब खत्म होग���।
जब तक देश की सभी महत्वपूर्ण संस्थाओं में SC, ST एवं OBC की भागीदारी न्यायसंगत स्तर पर नहीं पहुंच जाती, तब तक समावेशी राष्ट्र निर्माण के लिए आरक्षण जारी रहेगा।
��ह दिन दूर नहीं जब ब्राह्मण सांस भी लेंगे तो उसे दलितों के साथ भेदभाव और अत्याचार बताया जाएगा। सांस लेने पर एससी एसटी एक्ट का मुकदमा होगा और कहा जाएगा कि ब्राह्मणों ने सांस लेकर ऑक्सीजन कम करके दलितों पर अत्याचार किया है।