@RahulGandhi माननीय श्री राहुल गाँधी जी
विषय -जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिऐ।
सर ये सब प्रक्रिया इतना कठिन किया गया है कि इससे भ्रष्ट्राचार और पैसे की उगाही हो रहा है इस से गरीब और मजदूर वर्ग के लोगो को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ये मोदी-मोहन यादव की पुलिस है। मुसलमान देखते ही ख़ून की प्यासी हो जाती है। इतनी बर्बरता उसके अंदर तो पहले से बैठी रहती है मगर जब सरकार सिर पर हाथ रहकर कहे मरो तो वह पूरी बेरहमी से टूट पड़ती है।
ये वीडियो उज्जैन का है मगर ये दृश्य देश के किसी भी हिस्से में देखा जा सकता है। बीजे��ी शासित राज्यों में तो ये बहुत आम बात है।
उमर खालिद को 5 साल में जमानत पर सुनवाई मिलती है,मीडिया में सहानुभूति की लहर चलती है।
90 साल के संत आसाराम बापू 13 साल से जेल में हैं,
20 दिन क��� पैरोल मिली तो हंगामा मचाया जा रहा है।
#न्याय_का_दोहरा_मापदंड
#न्याय_का_दोहरा_मापदंड
SC ने वृद्ध और बीमार व्यक्तियों को जेल में रखने से छूट दे रखी है लेकिन 90 वर्षीय बापूजी को नहीं छोड़ा जा रहा क्या संविधान उनके लिए नहीं है❓
कहां है सम्राट चौधरी का इस्तीफा?
इस्तीफे के जगह आपके बेशर्म मंत्री जमुई में हुई बर्बरता को "छिटपुट घटना" बोल रहे है। और ये सत��ता का मजा लेने वाली महिला मंत्री, विधायक बिहार में किधर दुबकी हुई है? एक तो रॉल्स रॉयस से नीचे ही नहीं उतर रही है।
पिछले दिनों ही नालंदा में महिला का परेड कराया गया। मोदी जी और सम्राट जी दोनों कपड़े और गमछे से पहचान करते है, इन दोनों घटना में भी तो कपड़े, गमछे के रंग से पहचान करिए।
शर्मनाक है!
वायरल वीडियो ओडिशा का बताया जा रहा है!
बजरंगदल के गुंडो ने एक मुस्लिम युवक पर चोरी का इल्ज़ाम लगाकर उसे बेहरहमी से पीटा।
मौके पर पुलिस मौजूद थी लेकिन आरोपी को बचाने के बजाए गुंडों के सामने पीटने के लिए छोड़ दिया।
फिर बाद में पुलिस वालों ने मुस्लिम युवक के हाथ बांध दिए और मरने के लिए छोड़ दिया।
यात्री द्वारा पैसे नहीं दिए तो उस पर रेजर से हमला किया। हिजड़ों का आतंक बढ़ता ही जा रहा हे अब ट्रेनों मे अब कोई आम यात्री सुरक्षित नहीं है। हिजड़ों पर ट्रेन में चढ़ने और यात्रियों से पैसे मांगने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध ���गाना चाहिए। @RPF_INDIA @RPFCR @rpfwr1 @rpfnr_ @ErRpf @rpfwcr @RailMinIndia
मुसलमानों की सबसे बड़ी गलती थी की उन्होंने बाबरी मस्जिद को हाथ से जाने दिया।
अगर वो सिखों और निहंगों की तरह हक़ मांगन��� की बजाए छीनने का काम किए होते।
तो ना बाबरी जाती और नाही जो इतने मस्जिद शहीद हो रहे हैं वो होते।