विवाद ये कतई नहीं है कि महिला क्या पहनें... दिक्कत दोगलेपन से है और हिंदू त्योहारों पर लोगों को उनकी परंपराओं से प्रभावित करने वाले हथकंडों से है।
क्योंकि ऐसा नहीं है कि कृति सेनन ने कोई पहली बार कुछ ऐसा पहना है और विवाद हो गया।
कब क्या पहनना चाहिए इसका एक सलीका होता है। उदाहरण के लिए गुरुद्वारे में जाने से सिर ढंकने की परंपरा है, मंदिर में आप भरे-पूरे कपड़े पहनते हैं। बहुत से मंदिरों में पुरुषों के हॉफपैंट पहनने तक पर रोक है, लेकिन वहां तो कोई कपड़ा पहनने की आजादी का तबला नही बजा रहा है।
इसलिए विक्टिम कार्ड खेलने की जगह लोकतांत्रिक देश में हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात करना बंद करें। हिंदू सहनशील है इसका यह अर्थ नहीं है कि आप बार-बार उसके संयम की परीक्षा लेते रहें।
GIVA ने ये एड हटा दिया है, इस हेतु धन्यवाद।
@AamAadmiParty Isme prime minister kya karega be.. khujliwal ne to education fund ko kam karke sab advertisement m laga diya tha sheesh mahal banwa liya tha us pr bhi to bolo PAAP party
@JitendraMeenaDU Kha likha h ye sab ye Ambedkar ji ke pero m janjeer thi to us jamane m videsh padhne kaise gaye kyu brahman ladki se shadi ki palne wale padhai karane wale bhi brahman the.. blue birds phle ambedkar ki books padho
CJP राजस्थान में जर्जर स्कूलों का सर्वे कर रही है। इसकी जरूरत नहीं है। शिक्षा विभाग के पास पूरा डेटा है। कहां-कितने और खतरनाक कहां-कहां। जरूरत सर्वे की नहीं। सच में स्कूलों को ठीक करने की है। CJP के पास इंस्टाग्राम पर करीब ढाई करोड़ फॉलोअर्स हैं। CJP एक व्यक्ति से एक-एक रुपया भी दान के रूप में ले तो ढाई करोड़ जमा होते है। आइडिया यह है कि इस पैसे से राजस्थान के चार-पांच स्कूलों का कायाकल्प हो सकता है। CJP यह करके दिखाए और फिर सरकार को चुनौती दे। जंतर-मंतर पर चीखकर सवाल पूछे- जब हम यह तीन-छह महीनों में कर सकते हैं तो महाशक्तिशाली सरकार सालों से चुप क्यों है?