@vungarala_v@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@Railwhispers@gmner_gkp@HMOIndia बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है
जो कर्मचारी दिनरात 12 महीने धूप ठंड और बरसात में भी भारतीय रेल्वे के संचालन में अपनी मह्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है उसके शहीद होने पर उसके पार्थिव शरीर को भी सम्मान नहीं दिया जाता है l
एसी घटनाओं से जो कर्मचारी कार्यरत है उनका मनोबल कमजोर होता है I
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@Railwhispers@gmner_gkp@HMOIndia बेशर्मी की भी हद होती है। जिस ट्रैकमैन के कंधो पर ये गाड़ी चलती है जो अपनी जान जोख़िम में डालकर हमेशा ड्यूटी करता है उसकी ये हालत,इससे बड़ादुर्भाग्य ओर क्या हो सकता है। ट्रैक पर डेड बॉडी पड़ी है उसकी चिंता नहीं है