मुजफ़्फ़रनगर में मज़दूरों को बंधक बनाकर, हथौड़े, पेचकस और बेल्ट से पीट-पीटकर, कुत्तों के कटवाकर, भूखा रखकर लंबे समय से काम करवाया जा रहा था.
मजदूरों का दर्द सुनकर कलेजा काँप जाएगा.
मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में है.
>मोहम्मद बिन कासिम के हमले बंद हो गए,
>गजनी भी मर गया
>गुलाम वंश भी खत्म हो गया
>तैमूर का हमला भी नहीं हो रहा
>मुगल भी चले गए
>अहमद शाह अब्दाली भी लूटने नहीं आ रहा
>अंग्रेज भी चले गए
फिर राम मंदिर को ���ूटने वाले कौन लोग हैं?
हेलो @aksharmaBharat जी,
मरने वाले सभी बच्चों को तो ईश्वर अपना स्थान देंगे ही,
लेकिन जिम्मेदारों को सजा कौन देगा?
कौन इस्तीफा देगा?
कौन से अधिकारी को जेल होगी?
मुआवजा किस जिम्मेदार से भरवाया जाएगा?
या फिर आपका जवाब जय बजरंगबली ही रहेगा पहले की तरह?
15 बच्चों की जलकर मौत बेहद दुखद है।
जाँच होगी- ढोल पिटेगा फिर फिर सब शांत हो जाएगा ।
अच्छा होता, यदि सभी ऐसी इमारतों की NOC और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा समय समय पर होती रहती, ताकि ऐसी त्रासदी होती ही नहीं।
मामले का गंभीरता पूर्वक संज्ञान लिया जाये
और कुछ संदिग्ध बंदरों पर नामजद FIR दर्ज की जाये,
NIA की मदद लेके हिस्ट्रीशीटर बंदरों की पहचान कर उनको कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाये।
@Khurpench_ मुझे पूरा उम्मीद है यह ऐसा नहीं कर पाएंगे आपको नहीं बता पाएंगे कि किस कंपनी का जूस था क्योंकि यह ऐसी ही पत्रकार हैं जिन्हें चीजों को बड़े सलीके से रखना आता है!
श्री चंपत राय कट्टर रामभक्त हैं, पर CCTV का बैकअप क्यों नहीं लिया?
श्री चंपत राय दो ही धोती पहनते हैं, पर सहायक टिन्नू यादव करोड़ों का सोना-हार ले कर कभी रसीद नहीं देते!
श्री चंपत राय ने मंदिर आंदोलन में रक्त-स्वेद बहाया, पर चढ़ावे का कोई ऑडिट नहीं करवा पाए!
श्री चंपत राय कारसेवकपुरम की कुटिया में रहते हैं, पर जाँच होने तक पद से हट नहीं पा रहे हैं।
@Khurpench_ मामले को देखते हुए ऐसा लगता है कि अब मंदिरों में चढ़ावा पारदर्शी रूप से ऑनलाइन ही होना चाहिए दूसरे किसी माध्यम में चढ़ावा स्वीकार न किया जाए !
पापियों के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच कैसे संभव है?
क्या यह दोषियों को पकड़ने के लिए SIT है, या उन्हें बचाने का एक गुप्त उपाय?
#Ayodhya#RamMandir#चंदा_चोरी
नृपेंद्र मिश्रा ने कह दिय�� है कि राम मंदिर चंदा डकैती के विषय में मुख्य दायित्व SBI के लोगों का था। यानी, किसी छोटे कर्मचारी आदि को बलि का बकरा बनाया जाएगा।
किसने गिनने वालों को (या चुराने वालों को) सुरक्षा की क्लीयरेंस दी, आखिर नोटों की गड्डियाँ मंदिर के त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र के बाद भी ले जाने में इतनी ढील किसके कहने पर बरती गई?
आभूषणों का ऑडिट दैनिक/साप्ताहिक/मासिक कभी हुआ है? क्या उसकी गिनती, भार आदि का कोई वीडियो है? असली चुरा कर कोई नकली रख दे, क्या उसके लिए कोई व्यवस्था है?
मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी, उनके परिजनों की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी भी जाँच के दायरे में होनी चाहिए। पर ऐसा कुछ नहीं होगा, क्योंकि उसमें उच्च पदस्थ लोग भी अपराधी दिखेंगे।
हिन्दुओं की आस्था के साथ ��सा खिलवाड़ @narendramodi और @myogiadityanath के शासनकाल में होगा, यह मेरे स्वप्न में भी नहीं था। भाजपा और उनके ‘भारत मंडपम्’ समर्थकों का चुप्पी बहुत कुछ कहती है।
@raavan_india स्वदेशी का अभियान लेकर चला था बाबा और अमेरिकन जींस तक बेचने लगा कोरोना काल में #कोरोनील ईनकी विशेष उपलब्धि रही जिसके लिए इन्हें कोर्ट से लताड़ भी लगी अब यूपीएससी की ट्रेनिंग देनी है ! वाह भाई वाह
@raavan_india आपदा में अवसर वाले ��ार्मूले को यही साकार कर रहे हैं, इस समय देख रहे हैं की कोचिंग सेंटरों पर वज्रपात हो रहा है तो इन्होंने सोचा बहती गंगा में क्यों ना हाथ धो ही लिया जाए !
@ajeetbharti@MyLloydIndia@havellsindia कमेंट पढ़ने पर यह पता चलता है कस्टमर सर्विस की जिम्मेदारी अब शून्य हो चली है! केवल वादों का भरम है, बाकी सब महामानव के करम है !
ये जितने लोग गूगल कर कर के हमें किसानी सिखा रहे हैं,
धान की पौध को एक खेत से दूसरे खेत ले जाने को बोल दूंगा तो दिन में तारे नजर आ ��ाएंगे।
किसान सिर्फ मजबूर होता है, इसीलिए वो किसानी करता है, उसके पास आय का साधन नहीं होता है।
अगर किसान अपनी पूरी मेहनत जोड़ दे तो फसल में उसकी लागत भी नहीं निकलती है।