कल से बजने वाले ढोल-ताशे अब जब शांत हो गये हैं - तो पढ़िए रसोई गैस के दाम घटा कर बहनों को तथाकथित तोहफ़ा देने क�� सच.
ये INDIA की ताक़त है कि रसोई गैस के दाम में आग लगाने वाले अब दाम घटाने को मजबूर हैं.
• 9.5 सालों में ईंधन टैक्स से 30 लाख करोड़ की मुनाफ़ाख़ोरी की
• ख़रीद की क्षमता से दुनिया में सबसे महँगी रसोई गैस भारत में बिकी
• रसोई गैस दाम 2014 - 2023: 185% ऊपर गये
• रसोई गैस दाम 2014 में ₹400, 2023 में ₹1140
• अगस्त 2023 में रसोई गैस दाम 17.5% घटाए
• भारत में रसोई गैस दाम साऊदी अरामको के LPG दाम और ₹/$ पर निर्भर
• साऊदी अरामको LPG दाम: Jan 2014 में $1010/MT Vs Jan 2023 $590/MT
• साऊदी अरामको LPG दाम: August 2023 में $470/MT
• साऊदी अरामको LPG दाम July ‘23 में $400/MT, June ‘23 $450/MT
10 साल से डाका डालने वालों, बहुत देर कर दी. ये पब्लिक है, ये सब जानती है.
सवाल जल्दी चु���ाव पर था ?
मैंने कहा मोदी जी जब चाहे चुनाव करा लें, जनता ने इनको बोरिया बिस्तर के साथ विदा करने का मन बना लिया है.
वैसे भी ना चीन संभल रहा है, ना महंगाई, ना बेरोज़गारी, ना भ्रष्टाचार - बस एक अडानी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी. उनकी डील के लिए ग्रीस भी चले गये!
@SupriyaShrinate@priyankagandhi आप राजनीति में आने से पहले क्या करते थे? आपकी संपत्ति कितनी थी? वर्तमान में आप की संपत्ति कितनी है ?बताने का कष्ट करें !
नीरव मोदी घो���ाला- 14,000 Cr
ललित मोदी घोटाला- 425 Cr
मेहुल चोकसी घोटाला- 13,500 Cr
जिन लोगों ने देश का पैसा लूटा, भाजपा उनके बचाव में क्यों उतरी है? जांच से क्यों भाग रही है?
जो लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं उन पर मुकदमे लादे जाते हैं।
क्या भाजपा भ्रष्टाचारियों का समर्थन करती है?
मैंने प्रधानमंत्री की आखों में डर देखा है - वो डरते हैं अडानी पर संसद में मेरे अगले भाषण से।
सीधा सवाल है - शेल कंपनियों द्वारा अडानी समूह में लगाया गया ₹20,000 करोड़ का विदेशी पैसा किसका है?
ये सारा नाटक इसी सवाल से ध्यान भटकाने के लिए है।
लोक सभा से राहुल गांधी जी का निष्कासन चौंकाने वाला है। देश बहुत कठिन दौर से गुज़र रहा है। पूरे देश को इन्होंने डरा कर रखा हुआ है। 130 करोड़ लोगों को इनकी अहंकारी सत्ता के ख़िलाफ़ एकत्र होना होगा।
देश के सामने आज एक सवाल रखना चाहता हूँ-
क्या एक कम पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री 21वीं सदी के भारत का निर्मा�� कर सकते हैं?
भारत के प्रधानमंत्री पढ़े-लिखे तो होने ही चाहिए।