याद रखिए हमारा सामाजिक परिवर्तन एक मिशन है उनका सामाजिक न्याय एक धोखा है।परिवर्तन और न्याय में जमीन आसमान का फर्क है कभी दोनों शब्दों का वैचारिक मतलब पता करिए सामाजिक परिवर्तन और न्याय में फर्क साफ पता चलेगा। तस्वीरें आपको बहुत कुछ बता देंगी। इसलिए सपा से सावधान रहें दलित भाई।
सब जाति का चक्कर है | यादव यादव भाई भाई,
अखिलेश यादव ने जितनी तत्परता से बीजेपी से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए आवाज उठाई ,क्या इतनी ही तत्परता से ये कभी मुस्लिमों के लिए आवाज उठा पाते हैं क्योंकि मोहन यादव इन्हीं के जाति से हैं इसलिए।
अखिलेश यादव आर एस एस के लिए कार्य करते हैं।
मेरी इस बच्ची से पूरी हमदर्दी है ।
मुझे इसके बाप से शिकायत है एक नंबर का जाहिल इंसान है।जिस उम्र में इस बच्ची को पढ़ाई लिखाई करनी चाहिए वहां इसका बाप इसे क्रांतिकारी बनवाने पर तुला हुआ है।
अब किसी ने उसे पीट दिया तो इस बच्ची के मस्तिष्क में कैसा आघात पहुंचा होगा आप सोच सकते हैं।
चंदू बच्चों दिमाग में जहर भर रहा है जिससे पूरे समाज का नुकसान होगा।उसकी पार्टी ऐसे बच्चे हैं जो पूरी तरह से विकसित भी नहीं हो पाये है।लेकिन सब क्रांतिकारी बने घूम रहे हैं।
मेरा सवाल उन जाहिलों से है क्या तुम लोगों ने देखा कभी बाबा साहब , साहब कांशीराम, माननीया बहन जी ने समाज के नौजवानों गलत रास्ते पर धकेला। इन लोगों ने सबसे पहले खुद को शिक्षित किया फिर समाज को देखते हुए इन लोगों ने राजनीति में कदम रखा। जब जब इन लोगों के हाथ में सत्ता या कलम की ताकत आई समाज को बेहतर दिशा देने का प्रयास किया। जिसमें ये लोग काफी हद तक सफल भी रहे हैं। बहन जी न जाने अपने शासनकाल में डॉक्टर, इंजीनियर ias, PCS आदि बना दिये कोई सोच भी नहीं सकता, ये बहन जी राजनीतिक ताकत है।
जब राजनीति में नेता बनाने की बात आई तो बसपा ने सैकड़ों ऐ��े नेता तैयार कर दिए जिनकी नेता बनने की औकात नहीं थी। आज यही नेता सब बीजेपी और सपा में हैं बसपा के ही नेताओं की बदौलत सपा,बीजेपी जिंदा है।
@ajaykum39964216@SelfishGen79612 इसलिए, क्योंकि इसका बाप इस बच्ची का बाप इसे जितना रटवाता है ये उतना ही बोल पाती है।
बेमतलब का क्रांतिकारी बनना है इसे।
अभी पढ़ाई लिखाई पर फोकस करे तो बेहतर रहेगा।
क्रांतिकारी बाद में बन लेगी।
चुतिया पहले तू सुधर जा । क्यों अपनी ही इस छोटी सी बच्ची को राजनीतिक ��ूल की तरह इस्तेमाल कर रहा है।
बच्ची को राजनीति से दूर रख पहले। पढ़ाई लिखाई पर कंसंट्रेट करने दे इसे। तू तो इसका बाप है इतना नालायक अपनी बेटी के लिए कैसे बन सकते हो तुम।
धीरे-धीरे इन लोगों की सोच से घृणा होने लगी है।
जो लोग राजनीतिक विरोध में छोटी बच्चियों तक का अपमान कर सकते हैं, वे समाज के हितैषी नहीं हो सकते। यही उनकी मानसिकता और संस्कार दिखाता है।..
ये बच्ची निशु आजाद है छोटी सी ही उम्र में इसका नालायक बाप इसे क्रांतिकारी बना रहा है इसके बाप को न जाने मैने कितनी बार बोला कि बच्ची को पढ़ाई करने दो उसको अपनी पढ़��ई पर फोकस करने दो। लेकिन इसका चुतिया बाप पता नहीं क्यों इसे क्रांतिकारी बनाना चाह रहा है।यह बच्ची की जितना
रटवाता है यह उतना ही कैमरे के सामने बोलती है।
यह सीबीएसई बोर्ड से पढ़ाई कर रही है इसे सीबीएसई का ही फुल फॉर्म नहीं पता है नीट की तो बात ही छोड़ दीजिए।
मंत्री जी गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की सच्चाई बता रहे हैं। और बता रहे हैं कि कैसे आवंटित धन का 40 फीसदी सैफई सल्तनत की तिजोरी में चला गया।
बीजेपी की कृपा से गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच बंद है।
गोमती रिवर फ्रंट का जो फंड था उसे आपने 2017 के चुनाव में खर्च किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा की गई नोटबंदी की वजह से आप, अ���ीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाए।
यही वजह है कि गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च करने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका। 40 फीसदी काम पर जो पैसा खर्च होना था, वह सैफई परिवार की तिजोरी और विधानसभा चुनाव में खर्च हुआ।
अखिलेश बाबू को लगा था कि सरकार में वापसी के साथ अपनी चोरी छिपा ले जाएंगे। लेकिन पाप का घड़ा भर चुका था। घोटालेबाजों की सरकार हार गई। सभी घोटाला सामने आ गया।
यह अखिलेश राज के भ्रष्ट काले कारनामों का यह एक नमूना भर है।
एक-एक कर सारे चिट्ठे खोलूंगा। पूरी फ़ाइल लेकर बैठा हूं।
माननीय संस्थाएं और माननीय एजेंसियां गोमती रिवर फ्रंट से जुड़े मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने में जुटी हैं और विश्वास है कि करेंगी भी।
धीरज रखें- जेल में न एसी मिलेगी, न ट्विटर होगा और न ही पीसी कर पाएंगे।
प्रिय @Voiceofpavan भाई ये सब करने से बीएसपी को 226 सीट नहीं आएगी चंद्र शेखर आजाद जी 44 डिग्री के तापमान में भी जनता के बीच मौजूद है
यूपी चुनाव 6 महीने बाकी है आकाश आनंद को एक्टिव करवाइए नहीं फिर evm पर पूरा दोष मढ़ा जाएगा , AC के कमरों में बैठकर बहुजन आंदोलन का धार देने का टाइम अब नहीं है AC को त्यागना होगा और कामगार मेहनत कस बहुजन आवाम के पास पहुंचना होगा,
ये सब करने से 226 सीट मिल जाएगी तो बताइए हम भी वही करे, एक चंद्र शेखर आजाद जी है जिसके वजह से बहुजन समाज अभी भा��पा और सपा के तरफ नहीं भागा वरना बीएसपी के निष्क्रियता लोगो को बहुजन आंदोलन से मोह भंग कर देती,
शुक्रगुजार करना चाहिए चंद्र शेखर आजाद जी का
इनके अलावा कोई और यादव सांसद है सपा में। किसी सपाई अंधभक्त को पता हो तो बताए। पश्चिम से आकर पूर्वांचल की आजमगढ़ सदर लोकसभा पर कब्जा कर लिए। जिस सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी भी जीत जाता था। उस सीट पर भी कब्जा कर लिया है। क्योंकि यह सीट दलित, मुस्लिम, यादव , बाहुल्य है सपा ने इस सीट को पारिवारिक सीट बना लिया। क्यों आजमगढ़ के और यादव नेता काबिल नहीं हैं क्या।
सैफई सल्तनत चाहती है अगर कोई यादव नेता हो तो सिर्फ सैफई वंश का हो।
@PalVishwnathbsp अध्यक्ष जी रोने की जरूरत नहीं है टोटी चोरों और गुंडों की औकात 2027 में पता चल जाएगी।
ये पूरा बहुजन समाज उन्हें उनकी औकात बतायेगा यह सब किसकी शह पर हो रहा है बहुजन समाज इससे भली भांति वाकिफ हैं।
कुछ भी हो जाय गुंडों का घमंड तो टूटकर रहेगा।
बहन जी हमारा स्वाभिमान और स��्मान हैं।
कोई बात नहीं नीरज जी 2027 में गुंडों को पता चल जायेगा। उसके बाद टोटी चोरी नहीं हो पायेगी।
बहुत समाज की लड़ाई बहन जी ही लड़ रही हैं यह गुलामों को नहीं दिखेगा।
देखना हो तो आइये गावों में खैर फिर नहीं दिखेगा क्योंकि गुलाम जो ठहरे।
रो रो कर बता रहे हैं कि बहन जी बहुजन समाज की लड़ाई लड़ रही है,
इसी लिए लोग झूठे आरोप लगा रहे हैं.
बहन जी कहा लड़ाई लड़ रही है @PalVishwnathbsp जी ,कहा ?
रोने से काम चलेगा, बहरूपिया बन समाज को खोखला कर दिए,आज बहुजन समाज कहीं का नहीं रहा.
कार्ड खेलेंगे ! भावनात्मक कार्ड,यह सब नहीं चलने वाला है.
नहीं तो कहिए जो बात आप अपने मुंह से कहे थे 5 लाख मिलने का और 3.5 करोड़ टिकट का वह झूठी बात है,कहिए.
जब अखिलेश यादव अपने समाज का सामाजिक परिवर्तन नहीं पाए अर्थात अपने समाज में व्याप्त मनुवादी विचारधारा, पाखंडवाद, जातिवाद आदि खत्म नहीं कर पाए ।तो ये दलितों के नेता क्या खाक बनेंगे।
जो दलित मानसिक गुलाम हो चुके हैं या अखिलेश यादव के कुकृत्य को भूल चुके हैं वे इन्हें नेता माने हमें घंटा न फर्क पड़ता है।
हमारी एक मात्र नेता बहन जी हैं और हमेशा रहेंगी। जिन्होंने दलितों को सम्मान से जीने का हक दिलाया। दलित को राजनीतिक ताकत का एहसास कराया। दलितों को शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाया। दलितों के लिए अनगिनत कार्य किए।
अखिलेश यादव के PDA का मतलब पीट देगा अहीर किसी ने सही बनाया है।
@NeerajKanojia16
गुंडे ज्यादा परेशान हैं सुबह से। पहले तो यह कहते हैं बीएसपी खत्म हो गई फिर कहते हैं बहन जी से मिलने के लिए 5 लाख लेतीं हैं। 3 करोड़ का टिकट बेचती हैं।
तो गुंडों , मुर्खलेश के अंधभक्तों ये बताओ जब बसपा खत्म हो गई तो इतने पैसे लेकर मिलने और टिकट खरीदने तुम्हारा बाप जाता है या तुम्हारी मां।
ये हमारे समाज का पैसा है हम ��ेते हैं चंदा। अभी पिछले महीने ही मेरे गाँव से ही 5500 रुपये का चंदा इक्कठा हुआ था सब पार्टी फंड में गया।
और कुछ चमचे भी सुबह से लबड लबड कर रहे हैं अबे चूतियों तुम गुलामी करोगे सपा की और सवाल पूछोगे बसपा से। वोट दोगे सपा को और सवाल बहन जी से।
याद रखो गुंडों हम बहन जी वोट भी देंगे और नोट भी।
बसपा समर्थकों, अपनी-अपनी किडनी बेचो और देखो कि पाँच लाख का जुगाड़ होता है या नहीं।
यदि जुगाड़ हो जाए, तो जाओ और ‘किले’ में आदरणीय बहन जी से मुलाकात ��र लो।
तभी मैं कहूँ कि कोई गरीब, असहाय, कमजोर और पीड़ित व्यक्ति उस किले तक क्यों नहीं पहुँच पाता!
अब जाकर समझ में आया कि वहाँ मिलने के ही पाँच लाख लगते हैं।
मान्यवर साहब भी ऊपर से देख रहे होंगे तो सोच रहे होंगे कि मैंने किसके हाथों में अपनी पार्टी सौंप दी!
अखिलेश यादव दलितों के लिए बुरे सपने जैसे हैं। इनकी सरकार में दलितों पर खुलेआम अत्याचार होते थे। इनकी सरकार दलितों की बहन बेटियों पर खुलेआम अत्याचार किये जाते थे।
आज भी जब ये सरकार में नहीं हैं तो भी sc st act के तहत जो भी मामले दर्ज होते उसमें सबसे ज्यादा इनकी जाति के ल���ग हैं ।